Homeविविध विषयमनोरंजनसैनिटरी पैड पर भगवान श्रीकृष्ण क्यों? 'मासूम सवाल' के डायरेक्टर ने कहा- जरूरी है...

सैनिटरी पैड पर भगवान श्रीकृष्ण क्यों? ‘मासूम सवाल’ के डायरेक्टर ने कहा- जरूरी है क्योंकि मासिक धर्म पर बनी है फिल्म, माफी माँगने से कर चुका है इनकार

"पोस्टर में सैनिटरी पैड दिखाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यही फिल्म का विषय है। हम इसके इतर नहीं जा सकते, यदि हम ऐसा करते हैं तो फिल्म अपने विषय से भटक जाती।”

सैनिटरी पैड पर भगवान श्रीकृष्ण को दिखाए जाने कोई लेकर फिल्म ‘मासूम सवाल’ (Masoom Sawal) विवादों में है। हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ‘हिंदू राष्ट्र नवनिर्माण सेना’ के संस्थापक अमित राठौड़ ने इस फिल्म के निर्माता-निर्देशकों पर FIR भी दर्ज कराई है। फिल्म के डायरेक्टर संतोष उपाध्याय (Santosh Upadhyay) ने इसका बचाव किया है।

‘News18.com’ से बात करते हुए उपाध्याय ने बताया कि यह फिल्म इसलिए बनाई है ताकि मासिक धर्म और आस्था से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में लोग जागरुक हो सकें। ‘मासूम सवाल’ के बायकॉट और उसके पोस्टर पर कंट्रोवर्सी से बौखलाए उपाध्याय ने कहा, “अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर हमारे देश में बड़ा ही हो-हल्ला होता है। हम बॉलीवुड वालों और फिल्म बनाने वालों को अक्सर टारगेट किया जाता है। लोग अभिव्यक्ति की आजादी का नाजायज फायदा उठा रहे हैं। अगर कोई पोस्टर को जूम करके देखेगा तो उसे साफ़ नजर आ जाएगा कि फिल्म की मुख्य किरदार ‘नियती’ (नितांशी गोयल) ने कान्हा को अपने हाथों में पकड़ रखा है। सैनिटरी पैड बैकग्राउंड में है। न कि पैड पर कान्हा को दिखाया गया है।”

उन्होंने कहा, “पोस्टर में सैनिटरी पैड दिखाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यही फिल्म का विषय है। हम इसके इतर नहीं जा सकते, यदि हम ऐसा करते हैं तो फिल्म अपने विषय से भटक जाती।” इससे पहले उपाध्याय ने कहा था कि वे किसी भी कीमत पर माफ़ी नहीं माँगेंगे। भले ही उन्हें फाँसी पर क्यों न लटका दिया जाए।

बता दें कि सोशल मीडिया पर हाल में लोगों ने कहा था कि बॉलीवुड अपनी दुर्गति के बावजूद हिन्दू विरोध में डूबा हुआ है। इस पर फिल्म के निर्देशक संतोष उपाध्याय और अभिनेत्री एकावली खन्ना ने विरोध जताते हुए कहा था कि सैनिटरी पैड को दिखाने के पीछे वाजिब कारण है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी जी की सीता कौन हैं’: संसद में सनातन का मखौल बना नहीं भरा कॉन्ग्रेस का मन तो अब माता सीता का कर रही...

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से दूरी, राहुल गाँधी के बयान और प्रमोद तिवारी के 'मोदी की सीता' वाले बयान तक। पढ़िए कॉन्ग्रेस पर उठते सवाल।

जूडो में पहली बार गोल्ड, बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 7 स्वर्ण और पैरा खिलाड़ियों का धमाका: ग्लासगो में भारत के 39 पदकों की पूरी कहानी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण सहित 39 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। कई खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया।
- विज्ञापन -