Tuesday, April 13, 2021
Home विविध विषय मनोरंजन घुसपैठियों के समर्थन में आए 'विभिन्न पदार्थों का सेवन करने वाले' नसीर, शिक्षा बजट...

घुसपैठियों के समर्थन में आए ‘विभिन्न पदार्थों का सेवन करने वाले’ नसीर, शिक्षा बजट पर बोला झूठ

नसीरुद्दीन शाह ने दावा किया है कि सीएए विरोधी आंदोलन का कोई नेता नहीं है। अगर ऐसा है तो फिर देश के 'टुकड़े-टुकड़े' करने के लिए समुदाय विशेष को भड़काने वाला शरजील इमाम कौन था, जिसके गिरफ़्तार होते ही शाहीन बाग़ के उपद्रवियों का जोश जाता रहा?

फ़िल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह चर्चा में बने रहे के लिए अक्सर उलूलजुलूल बातें करते रहते हैं। जब सीएए और एनआरसी के विरोध की हवा में दीया मिर्ज़ा और सुशांत सिंह सरीखे बेरोजगार अभिनेता-अभिनेत्रियों को भी मीडिया से कवरेज मिलने लगी, तब बेचैन नसीरुद्दीन शाह ने अपनी ही इंडस्ट्री के साथी अनुपम खेर को जोकर बता दिया। वजह, खेर ने सीएए का समर्थन किया था। हालाँकि, अनुपम खेर ने नसीरुद्दीन के बारे में बड़ा खुलासा कर दिया कि वो वर्षों से ‘विभिन्न पदार्थों का सेवन’ करते रहे हैं

ऐसे ही नसीरुद्दीन शाह ने प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने शिक्षा बजट में 30,000 करोड़ रुपए की कटौती की है। हालाँकि, ये झूठ है क्योंकि 2018-19 में शिक्षा बजट के हिस्से 85,010 करोड़ रुपए आए थे, जो अगले वर्ष बढ़ कर 94,000 करोड़ रुपए हो गया। अबकी 2020-21 वार्षिक बजट में ये आँकड़ा बढ़ कर 99,300 करोड़ रुपए हो गया है। फिर मोदी सरकार ने शिक्षा बजट में कब कटौती की, ये नसीरुद्दीन शाह ही बता सकते हैं।

साथ ही नसीरुद्दीन शाह ने ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार सिर्फ़ इस्लामिक मुल्कों में ही नहीं होता, बल्कि श्रीलंका और म्यांमार जैसे देशों में भी होता है। इस सम्बन्ध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही बता चुके हैं कि भारत में रह रहे तमिल शरणार्थियों की रक्षा के लिए पूरी व्यवस्था की जा रही है और किसी को भी बाहर नहीं निकाला गया है। विभिन्न कैम्पों में रह रहे 65,000 तमिल शरणार्थियों के लिए सरकार सही समय पर घोषणा करेगी, इसका आश्वासन भी दिया जा चुका है। फिर नसीरुद्दीन शाह किसके लिए चिंतित हैं?

साथ ही नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उनके पास पासपोर्ट, वोटर आईडी और आधार कार्ड जैसे जो कागज़ात हैं, वो उनकी नागरिकता साबित करने के लिए काफ़ी नहीं होंगे। यहाँ सवाल ये उठता है कि नसीरुद्दीन से नागरिकता साबित करने को कहा किसने है? न तो वो असम के हैं और न ही पूरे देश में एनआरसी आई है। असम में भी 14 डॉक्यूमेंट्स की सूची में से कोई एक डॉक्यूमेंट और फिर दूसरी सूची के अन्य डॉक्यूमेंट्स की सूची में से कोई एक, यानि सिर्फ़ 2 कागज़ ही दिखाने हैं। लेकिन, नसीर तो असम के हैं ही नहीं। फिर वो यहाँ 70 साल गुजारने और पर्यावरण व समाज की सेवा करने की बातें कर के क्या जताना चाहते हैं?

नसीरुद्दीन ने आरोप लगाया कि अमित शाह कीड़े और दीमकों को एक-एक कर देश से बाहर निकालने की बातें करते हैं। गृहमंत्री घुसपैठियों को निकाल बाहर करने की बात करते हैं, तो इससे नसीरुद्दीन को क्या दिक्कत है? वो तो घुसपैठिए नहीं हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी कभी विद्यार्थी नहीं रहे हैं, इसीलिए उन्हें छात्रों की संवेदना का पता नहीं। पहली बात, पीएम ने ऐसा कभी नहीं कहा है कि वो विद्यार्थी नहीं रहे हैं, इसलिए ये बात ही झूठ है। दूसरी बात, अगर इसी लॉजिक के हिसाब से देखें तो नसीरुद्दीन शाह तो कभी कोई वकील, जज या क़ानूनविद रहे ही नहीं हैं, फिर उन्हें कैसे पता कि सीएए ग़लत है?

‘द वायर’ में नसीरुद्दीन शाह का इंटरव्यू: झूठ और प्रपंच का पुलिंदा

उन्होंने दावा किया कि सीएए विरोधी आंदोलन का कोई नेता नहीं है। अगर ऐसा है तो फिर देश के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने के लिए समुदाय विशेष को भड़काने वाला शरजील इमाम कौन था, जिसके गिरफ़्तार होते ही शाहीन बाग़ के उपद्रवियों का जोश जाता रहा? नसीरुद्दीन ने फ़िल्म इंडस्ट्री पर सत्ताधारी दलों का साथ देने का आरोप लगाया। लेकिन, महाराष्ट्र में तो शिवसेना, एनसीपी और कॉन्ग्रेस की सरकार है और ये तीनों दल भाजपा के विरोधी हैं। तो क्या मुंबइया फिल्म इंडस्ट्री को कॉन्ग्रेस का गुलाम माना जाए?

नसीरुद्दीन ने इस इंटरव्यू और और भी कई फालतू बातें की। मसलन उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को विरोध करने की सज़ा गोली मार कर दी जाती है। जबकि सच्चाई ये है कि 55 पुलिसकर्मी पूरे यूपी में सिर्फ़ सीएए विरोधियों की हिंसा के कारण घायल हुए। वो गोलियाँ किन लोगों ने चलाई थी?

‘आओ मिलकर हम बढ़ें, अधिकार अपने छीन लें’ – नसीरुद्दीन शाह ने CAA विरोधी प्रदर्शन की आग को दी हवा

नसीरुद्दीन शाह की बेटी बिल्लियों की नसबंदी कराने गईं, लेकिन अस्पताल में करने लगीं मारपीट, FIR दर्ज

अनुपम खेर जोकर है, मनोरोगी है, मुझे मुस्लिम होने का अहसास कराया जा रहा: नसीरुद्दीन शाह

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

भारतीय गणना ही सर्वोत्तम: विदेशी कैलेंडर गड़बड़ियों की तारीख से भरे, कभी 10 माह का साल तो कभी 10 दिन गायब

रोमन, जूलियन और ग्रेगेरियन कैलेंडरों में खासा कन्फ्यूजन था। अब भी है। कई त्रुटियाँ हुईं। किसी ने सूर्य को आधार माना तो किसी ने चन्द्रमा को। भारतीय प्राचीन कैलेंडर यूँ ही चला आ रहा है - सटीक।

मरकज से कुम्भ की तुलना पर CM तीरथ सिंह ने दिया ‘लिबरलों’ को करारा जवाब, कहा- एक हॉल और 16 घाट, इनकी तुलना कैसे?

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की तुलना तबलीगी जमात के मरकज से करने वालों को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करारा जवाब दिया है।

यूपी पंचायत चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के घर से भारी मात्रा समोसे-जलेबी की जब्ती, दक्षिण भारत में छिड़ा घमासान

क्या ज़माना आ गया है। चुनाव के मौसम में छापे मारने पर समोसे और जलेबियाँ बरामद हो रही हैं! जब ज़माना अच्छा था और सब ख़ुशी से जीवनयापन करते थे तब चुनावी मौसम में पड़ने वाले छापे में शराब जैसे चुनावी पेय पदार्थ बरामद होते थे।

100 करोड़ की वसूली के मामले में अनिल देशमुख को CBI का समन, 14 अप्रैल को होगी ‘गहन पूछताछ’

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 14 अप्रैल को जाँच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा।

आंध्र या कर्नाटक… कहाँ पैदा हुए रामभक्त हनुमान? जन्म स्थान को लेकर जानें क्यों छिड़ा है नया विवाद

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल 21 अप्रैल को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। पैनल में वैदिक विद्वानों, पुरातत्वविदों और एक इसरो वैज्ञानिक भी शामिल हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

बालाघाट में यति नरसिंहानंद के पोस्टर लगाए, अपशब्दों का इस्तेमाल: 4 की गिरफ्तारी पर भड़की ओवैसी की AIMIM

बालाघाट पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पोस्टर लगाने के आरोप में मतीन अजहरी, कासिम खान, सोहेब खान और रजा खान को गिरफ्तार किया।

गुफरान ने 5 साल की दलित बच्ची का किया रेप, गला घोंट मार डाला: ‘बड़े सरकार की दरगाह’ पर परिवार के साथ आया था

गुफरान अपने परिवार के साथ 'बड़े सरकार की दरगाह' पर आया हुआ था। 30 वर्षीय आरोपित ने रेप के बाद गला घोंट कर बच्ची की हत्या की।

‘भारत को इस्लामी मुल्क बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे सभी मुस्लिम, अब घोषित हो हिंदू राष्ट्र’: केरल के 7 बार के MLA ने...

"भारत को तुरंत 'हिन्दू राष्ट्र' घोषित किया जाना चाहिए, क्योंकि मुस्लिम समाज 2030 तक इसे इस्लामी मुल्क बनाने के काम पर लगा हुआ है।"

SHO अश्विनी की हत्या के लिए मस्जिद से जुटाई गई थी भीड़: बेटी की CBI जाँच की माँग, पत्नी ने कहा- सर्किल इंस्पेक्टर पर...

बिहार के किशनगंज जिला के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की शनिवार को पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में उनकी बेटी ने इसे षड़यंत्र करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की है। वहीं उनकी पत्नी ने सर्किल इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करने की माँग की है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,161FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe