Homeविविध विषयमनोरंजनआर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा की कस्टडी बढ़ी: 7 अक्टूबर तक रहेंगे...

आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा की कस्टडी बढ़ी: 7 अक्टूबर तक रहेंगे NCB की हिरासत में, नहीं मिली बेल

आर्यन के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा, ''आर्यन खान को शिप में ड्रग्स बेचने की जरूरत नहीं है। वह शिप में क्यों गए थे इस मामले में एनसीबी का कोई काम नहीं। आर्यन चाहे तो पूरा शिप खरीद सकते हैं।''

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को 7 अक्टूबर 2021 तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में भेज दिया गया है।

आर्यन खान की व्हाट्सएप चैट में पैसों की लेनदेन का खुलासा भी हुआ है। चैट में सामने आया है कि उन्होंने बैंक ट्रांजैक्शन के लिए कैश की माँग की है। कुछ चैट 21 जुलाई की हैं तो कुछ पुरानी हैं। चैट्स में गाँजे के बारे में बात हुई है। प्रॉसिक्यूशन ने मजिस्ट्रेट को यह चैट्स दिखाई भी है।

इस दौरान मजिस्ट्रेट ने एनसीबी से आर्यन की कस्टडी को लेकर सवाल किया। इस पर एनसीबी ने कहा कि उन्हें आर्यन खान की कस्टडी की जरूरत इसलिए है, क्योंकि वह पता लगाना चाहते हैं कि उन्हें पार्टी में क्यों बुलाया गया था और वह किन केबिन में रुके थे। इस पर आर्यन के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा, ”आर्यन खान को शिप में ड्रग्स बेचने की जरूरत नहीं है। वह शिप में क्यों गए थे इस मामले में एनसीबी का कोई काम नहीं। आर्यन चाहे तो पूरा शिप खरीद सकते हैं।”

बता दें कि शनिवार को मुंबई के समुद्री क्रूज पर चल रही एक ड्रग्स पार्टी में एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किए और 10 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा भी शामिल हैं। यह जहाज मुंबई से गोवा जा रहा था। एक पुख्ता टिप मिलने के बाद मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और अन्य एनसीबी अधिकारी जहाज में आम यात्रियों की तरह सवार हुए और ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेहरू से राहुल तक आ गई कॉन्ग्रेस, पर राम मंदिर से खत्म नहीं हो रही घृणा: ‘इमाम-ए-हिंद’ वाली राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे...

जैसे ही चुनाव सिर पर आते हैं, तब कॉन्ग्रेसी 'इच्छाधारी सनातनी' बन जाती है। कभी राम को काल्पनिक बताती है, तो कभी 'इमाम-ए-हिंद' कहती है।

1973 का इजरायल-अरब युद्ध, तेल का संकट और ब्राजील का गन्ना मॉडल: कैसे दुनिया को मिला पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का फॉर्मूला, भारत भी...

एथेनॉल ब्लेंडिंग नया प्रयोग नहीं है। ब्राजील ने 1970 के तेल संकट के बाद इसे अपनाया और भारत ने भी दो दशक पहले इसकी शुरुआत की। विस्तार से पढ़ें।
- विज्ञापन -