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15000 नौकरी, ₹25000 करोड़ का निवेश: भागलपुर में 2400 MW का ‘अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट’ लगाएगी अडानी पावर, बिहार सरकार से हुआ 25 साल का समझौता

यहाँ से उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को 2274 मेगावाट बिजली मिलेगी।

बिहार की बिजली व्यवस्था को बड़ा सहारा मिलने वाला है। अडानी पावर ने बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) के साथ 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) किया है। इस समझौते के तहत कंपनी भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2400 मेगावाट की क्षमता वाला अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगी।

इस परियोजना की लागत करीब 3 अरब डॉलर (लगभग 25 हजार करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। यहाँ से उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को 2274 मेगावाट बिजली मिलेगी।

अडानी पावर ने यह अनुबंध प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए जीता है और सबसे कम टैरिफ ₹6.075 प्रति यूनिट (किलोवाट-घंटा) ऑफर किया। इस प्रोजेक्ट को डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट (DBFOO) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस प्लांट में आधुनिक, कम उत्सर्जन वाली तकनीक का इस्तेमाल होगा। कोयले की आपूर्ति सरकार की SHAKTI नीति के तहत की जाएगी, ताकि उत्पादन सुचारु रूप से हो सके।

समय सीमा और रोजगार

योजना के मुताबिक, परियोजना का पहला 800 मेगावाट यूनिट 48 महीनों के भीतर शुरू हो जाएगा, जबकि 60 महीनों के भीतर पूरी क्षमता के साथ तीनों यूनिट चालू कर दिए जाएँगे।

निर्माण के दौरान इस प्रोजेक्ट से लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और संचालन के समय करीब 3,000 स्थायी रोजगार पैदा होंगे। यह सौदा बिहार की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।

गौरतलब है कि अडानी पावर, अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले समूह का एक हिस्सा है और यह भारत में सबसे बड़ा प्राइवेट थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी थर्मल पावर क्षमता 18,110 मेगावाट है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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