Thursday, August 5, 2021
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AMU के हिंसा करने वाले उपद्रवियों ने आम छात्रों को धमकाया, #BoycottExam के लिए बना रहे दबाव

छात्रों द्वारा वीसी को की गई ई-मेल की जानकारी जैसे ही विश्वविद्यालय में मौजूद असामाजिकतत्वों को हुई , तो उन्होंने उन छात्रों को धमकाना शुरू कर दिया, जिन्होंने वीसी को मेल किया था। इतना ही नहीं उन्होंने छात्र-छात्राओं पर दवाब बनाया कि वह कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए सोशल मीडिया पर #boycottexam चलाएँ और प्रोटेस्ट में शामिल हों।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में पढ़ने वाले छात्र इन दिनों एक नई मुसीबत में हैं, ऐसा इसलिए कि AMU में सुचारू रुप से कक्षाएं चलाने के लिए विश्वविद्यालय के वीसी को पत्र लिखने और मेल के माध्यम से अवगत कराने वाले छात्रों को अब धमकियाँ मिल रही हैं, इतना ही नहीं उन पर कक्षाओं का बहिष्कार करने का भी दवाब बनाया जा रहा है। अब ऐसे पीड़ित छात्रों ने वीसी से सुरक्षा की माँग की है।

CAA और NRC के विरोध में 15 दिसंबर को AMU में हुई हिंसा के बाद 13 जनवरी को विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से खुल गया, लेकिन विश्वविद्यालय के खुलते ही छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। यहाँ तक कि AMU से जुड़े स्कूलों को भी बंद कराने की कोशिश की गई। जिससे परेशान पढ़ाई करने वाले विश्वविद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने AMU के वीसी को पत्र लिख कर और ई-मेल के माध्यम से अवगत कराया कि वह विश्वविद्यालय में कक्षाओं को सुचारू रूप से संचालन और समय से अपनी परीक्षाएं देना चाहते हैं।

ज़ाकिर हुसैन में पढ़ने वाले B.Ed के छात्र अंकित वार्ष्णेय ने वीसी को ई-मेल के माध्यम से बताया कि उसकी 17 जनवरी से परीक्षाएं शुरू होनी हैं, लेकिन हम बहुत सी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो कि इस प्रकार हैं, मैं हमारे कॉलेज द्वारा बताई गई तारीख पर परीक्षा देने के लिए तैयार हूँ, लेकिन परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक पोस्ट फैल रही हैं। अग़र ऐसे में कुछ होगा तो मुझे सुरक्षा की जरूरत है। वहीं मुझे गर्मियों की छुट्टियों में एक इंटर्नशिप मिली है और कुछ प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। इसलिए परीक्षा का बहिष्कार करने से हमारी शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित होंगी। आख़िर में आपसे आग्रह करता हूँ कि कम से कम उन छात्रों के ख़िलाफ़़ कड़ी कार्रवाई की जाए जो इस तरह छात्रों को परीक्षाओं का बहिष्कार करने के लिए तरह-तरह की धमकी दे रहे हैं।

अंकित वार्ष्णेय द्वारा वीसी को किए गए ई-मेल का स्क्रीनशॉट

कुछ ऐसे ही B.tech करने वाले छात्र मनुज गुप्ता ले वीसी को ई-मेल कर परीक्षा देने की इच्छा जताई और वीसी से असामाजित तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की भी माँग की। साथ ही इन छात्रों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन को आगाह किया कि कुछ असामाजिक तत्व फ़िर से JNU की तरह AMU में हिंसा करने की कोशिश में हैं।

मनुज गु्प्ता द्वारा वीसी को की गई ई-मेल का स्क्रीनशॉट

छात्रों द्वारा वीसी को की गई ई-मेल की जानकारी जैसे ही विश्वविद्यालय में मौजूद असामाजिकतत्वों को हुई , तो उन्होंने उन छात्रों को धमकाना शुरू कर दिया, जिन्होंने वीसी को मेल किया था। इतना ही नहीं उन्होंने छात्र-छात्राओं पर दवाब बनाया कि वह कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए सोशल मीडिया पर #boycottexam चलाएँ और प्रोटेस्ट में शामिल हों।

#BoycottExam चलाने और प्रोटेस्च में शामिल होने के लिए ग्रुप में किए गए मैसेज का स्क्रीनशॉट

इससे वह छात्र एक नई मुसीबत में फँस गए हैं, जो विश्वविद्यालय में सुचारू रूप से कक्षाएँ चलते देखना चाहते हैं।

एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर 15 दिसंबर को हुए बवाल के बाद 13 जनवरी को यूनिवर्सिटी पहली बार खुली। दरअसल जामिया मिलिया में 15 दिसंबर को हुए बवाल के बाद फैली एक छात्र की मौत की अफवाह से AMU में छात्र भड़क गए थे, जिससे गुस्साए छात्रों ने बाबे सैयद का गेट तोड़कर पुलिस पर पथराव कर दिया था। इसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए थे। इस बवाल के बाद ही इंतजामिया ने यूनिवर्सिटी को पाँच जनवरी तक बंद कर दिया था, लेकिन छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए इंतजामिया ने तय समय पर यूनिवर्सिटी नहीं खोलते हुए छह जनवरी से यूनिवर्सिटी को छह चरणों में खोलने का निर्णय लिया था।

दैनिक जागरण में प्रकाशित ख़बर की कटिंग

31 दिनों से ज़ारी धरने को JNU के छात्रों ने दिया समर्थन

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में पिछले करीब 31 दिनों से छात्रों का एएमयू अलीगढ़ के बाबे सैयद गेट पर विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। इसे बीते दिनों JNU से पहुँचे चार छात्रों ने अपना समर्थन देते हुए धरने पर मौजूद छात्र-छात्राओं को संबोधित किया, जिसमें JNU छात्रा स्नेहाशीष ने छात्रों में जोश भरते हुए कहा कि
जब तक CAA को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। वहीं छात्र सहादत हुसैन ने पुलिस की कार्रवाई को निंदनीय बताया और सवाल किया कि ‘क्या पुलिस, जो कानून और व्यवस्था की रक्षा करने का दावा करती है, खुद कानून और व्यवस्था का पालन करती है?’ इस दौरान छात्रों ने धरने पर AMU माँगे आजादी, JNU माँगे आजादी, संघवाद से आजादी जैसे नारे लगाए।

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