Homeदेश-समाजबिशप स्कॉट गर्ल स्कूल की प्राचार्या ने स्कूल फीस पर शिकायत पर अभिभावक से...

बिशप स्कॉट गर्ल स्कूल की प्राचार्या ने स्कूल फीस पर शिकायत पर अभिभावक से की हाथापाई, करियर खराब करने की दी धमकी

पटना के बिशप स्कॉर्ट गर्ल्स स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें, प्रिंसिपल को स्कूल फीस और परिवहन शुल्क के खिलाफ विरोध करने वाले माता-पिता की शिकायत पर बहस करते और धमकी देते हुए देखा जा सकता है। अभिभावक ने इस विवाद को अपने मोबाइल में कैद कर लिया तभी स्कूल प्रिंसिपल ने अभिभावक का मोबाइल छीन लिया और........

देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान स्कूल फीस को लेकर स्कूलों और अभिभावकों के बीच विवाद के कई मामले सामने आए हैं। इसी तरह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे पटना का एक निजी स्कूल अभिभावकों की शिकायत पर बदसलूकी पर उतर आया।

बिहार के पटना स्थित बिशप स्कॉर्ट गर्ल्स स्कूल (Bishop Scott Girl’s school) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल की प्राचार्या ने एक अभिभावक के साथ बदसलूकी करते हुए उनका मोबाइल छीन लिया था और उनके साथ हाथापाई भी की। जिस अभिभावक के साथ स्कूल की प्राचार्य ने बदसलूकी की, उनकी शिकायत थी कि स्कूल उनसे प्रशासन के आदेश के बाद भी स्कूल ट्रांसपोर्टेशन चार्ज ले रहा था।

इस वीडियो में, प्रिंसिपल को स्कूल फीस और परिवहन शुल्क के खिलाफ विरोध करने वाले माता-पिता की शिकायत पर बहस करते और धमकी देते हुए देखा जा सकता है। अभिभावक ने इस विवाद को अपने मोबाइल में कैद कर लिया तभी स्कूल प्रिंसिपल ने अभिभावक का मोबाइल छीन लिया और उनसे छीनाझपटी भी की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वीडियो के सामने आने के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक रणजीत कुमार सिंह ने पटना के बिशप स्कॉर्ट गर्ल्स स्कूल के खिलाफ जाँच का आदेश देते हुए दो सदस्यीय जाँच टीम गठित कर दी है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट कहा है कि कोरोना वायरस के दौरान जारी लॉकडाउन के दौरान सरकार ने आदेश दिया था कि स्कूल अभिभावकों से किसी तरह का ट्रांसपोर्टेशन चार्ज नहीं लेंगे। यही नहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस दौरान अभिभावकों पर स्कूल द्वारा फीस के लिए भी दवाब नहीं बनाया जाएगा।

महिला अभिभावक का एकमात्र दोष यह था कि वह सरकारी आदेश का हवाला देते हुए परिवहन, पुस्तकालय और वार्षिक शुल्क नहीं लेने का अनुरोध करते हुए स्कूल पहुँची थी। यह भी बताया गया है कि अभिभावक को धमकी भी दी गई थी कि मीडिया में यह प्रकरण उछाले जाने और वीडियो वायरल होने के बाद बच्चे का करियर खराब हो जाएगा।

ज्ञात हो कि कोरोना महामारी के कारण लगभग पूरे देश में स्कूल बंद हैं, लेकिन कई स्कूलों द्वारा अवैध रूप से फीस वसूली जा रही है। बिहार की राजधानी पटना में भी, सभी छोटे और बड़े निजी स्कूलों को तालाबंदी के दौरान बंद कर दिया गया है, लेकिन कई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता को हर महीने भारी फीस देनी पड़ती है और ऑनलाइन क्लास के नाम पर स्कूल उनसे जबरन फीस की माँग कर रहे हैं। हालाँकि, इस मामले में विभाग ने साफ कहा कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह का बर्ताव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अब जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों से भटकी समाजवादी पार्टी, ‘PDA’ के नाम पर सिर्फ ‘MY’ समीकरण को तरजीह: समझिए कैसे दलितों की अनदेखी कर...

सामाजिक न्याय का दावा करने वाली सपा आज भी अपने पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे उसका 'PDA' का रैपर महज एक चुनावी चुनावी हथकंडा नजर आता है।

असल बात को छुपाओ, शब्दों का हेर-फेर कर प्रोपेगेंडा फैलाओ: UP को बदनाम करने के लिए ये है NewsLaundry की ट्रिक, जानिए कैसे प्रस्तावित...

हर राज्य में सभी MoU हकीकत में नहीं बदलते। कुछ परियोजनाएँ सफल होती हैं और कुछ निरस्त होती हैं। इससे पूरे निवेश मॉडल को ही फर्जी कह देना गलत है।
- विज्ञापन -