मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा के चलते चर्चा में है। यहाँ मस्जिद के पास एकत्रित हुई इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन के नाम पर सड़क पर खूब उत्पात मचाया। उन्होंने न केवल पुलिस वाहनों को निशाना बनाया बल्कि सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया और ‘सर तन से जुदा’ जैसे कट्टरपंथी और उत्तेजक नारे भी लगाए।
ऐसी हिंसा के पीछे इस्लामी कट्टरपंथियों का तर्क था कि आखिर हिंदुओं ने क्यों उस मुस्लिम युवक को पीटा जो हिंदू युवती के साथ होटल में मिला था। इसी बात को आधार बताकर इतना बड़े स्तर पर उपद्रव हुआ। खैर, ये कुछ नया नहीं है। ये वही पैटर्न है जो हर बार हर हिंसा को अंजाम देने से पहले ये लोग इस्तेमाल करते हैं।
किसी एक बात को लेकर मुद्दा बनाना और फिर सड़कों पर उतरकर कानून अपने हाथ में लेना। इस बार भी यही हुआ। रही हिंदू संगठनों के मुस्लिम व्यक्ति को पीटने की बात तो वास्तव में, भोपाल में हिंदू संगठनों का आक्रोश अकारण नहीं है, इसके पीछे ‘लव जिहाद’ जैसे वे तमाम मामले हैं, जिनमें पहचान छिपाकर हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फँसाया जाता है।
इसके बाद अश्लील वीडियो या ब्लैकमेलिंग के जरिए उनका मानसिक व शारीरिक शोषण किया जाता है। सिर्फ भोपाल की बात करें तो पिछले कुछ ही महीनों में वहाँ से तमाम ऐसे केस सामने आए हैं। आइए आज इस रिपोर्ट में उन घटनाओं के बारे में जानें और समझें कि अगर हिंदू संगठनों ने किसी कट्टरपंथी को रंगे हाथों पकड़ कर अपना आक्रोश दिखाया भी तो उनके ऐसा करने के पीछे कौन सी घटनाएँ रही हैं।
हिंदू लड़कियों को नशा देकर दरिंदगी करता था भोपाल का ‘मुस्लिम गैंग’, फिर Video बनाकर करता था ब्लैकमेल
अप्रैल 2025 महीने में भोपाल के कोकता थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी कॉलेज की हिंदू छात्राओं के साथ हुए एक भयानक अपराध का खुलासा हुआ था। यह गिरोह खासकर कॉलेज की हिंदू छात्राओं को निशाना बनाता था। मुस्लिम गैंग के आरोपित पहले हिंदू लड़कियों से दोस्ती करते और उन्हें अपने प्रेमजाल में फँसाते थे।
फिर लड़कियों को नशीले पदार्थ पिलाकर उनके साथ गैंगरेप किया जाता था। मुस्लिम गैंग के सदस्य पीड़िताओं का रेप करने के लिए उन्हें न केवल गांजा पिलाते थे, बल्कि गले पर छुरी रखकर, पोर्न दिखाकर उनका बलात्कार करते थे। मामले में पुलिस ने केस के मुख्य आरोपित फरहान खान सहित मोहम्मद साद, अरबाज, अयान, शाहरुख, जावेद उर्फ भय्यू, जोया, फैजान, मोहम्मद अली, अबरार खान, हामिद, अरशद और सिराज समेत कई अन्य को गिरफ्तार किया था।
पीड़िताओं पर जबरन धर्मांतरण और उसके बाद निकाह का भी दबाव डाला जाता था। इसके अलावा उन्हें बीफ खाने, रोजा रखने और बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जाता था। यह पूरा केस महीनों तक चर्चा में था और पीड़िताओं ने बेहद गंभीर खुलासे किए थे कि कैसे उनके साथ दरिंदगी और मारपीट कर इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें हवस का शिकार बनाते थे।
शादी का झाँसा देकर भोपाल से ले गया केरल, धर्मांतरण का डाला दबाव: बैग में मिला- ‘मुसलमान कैसे बनें’ किताब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक हिंदू युवती को शादी का झाँसा देकर बादशाह खान केरल ले गया। वहाँ उस पर इस्लामी धर्मांतरण और कलमा पढ़ने का दबाव बनाने लगा। पुलिस का दबाव बढ़ने पर बादशाह ने जब युवती को भोपाल भेजा तो उसके बैग से ‘मुसलमान कैसे बनें’ जैसी किताबें मिली। बाद में बादशाह खान को गिरफ्तार कर लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र के अन्ना नगर इलाके में रहती थी। यहीं बादशाह उसका पड़ोसी था। बादशाह और पीड़िता में जान-पहचान हुई जो बाद में प्यार में बदल गई। कुछ दिनों के बाद लड़की का परिवार अवधपुरी क्षेत्र में शिफ्ट हो गया। यहाँ भी बादशाह लड़की से मिलने आया करता था।
यही से वो लड़की को केरल के कोझिकोड ले गया। वापस आकर पुलिस बयान में पीड़िता ने बताया कि केरल में बादशाह उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा था। वह उसे जबरन कलमा पढ़ने के लिए भी मजबूर किया करता था।
अल्तमश-आहत-आहान ने 3 नाबालिग हिंदू लड़कियों का ब्रेनवॉश कर किया निकाह, कई दिनों तक किया रेप
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से नाबालिग हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण, निकाह और रेप का गंभीर मामला सामने आया था। पुलिस ने अल्तमश खान, आहान खान और आहत शेख के खिलाफ FIR दर्ज की। हिंदू पीड़िताओं के अनुसार, उन्हें प्रेम जाल में फँसाकर धर्म परिवर्तन कराया गया और उनके साथ 10 से 15 बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए।
इन कट्टरपंथियों के चंगुल से किसी तरह निकलकर जब पीड़िताएँ अपने घर पहुँची तो परिजन उन्हें बुर्के में देख कर दंग रह गए। पूछने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में पुलिस ने ‘जस्सी किन्नर’ को भोपाल से गिरफ्तार किया था। जस्सी किन्नर ने ही नाबालिग लड़कियों को अल्तमश खान, आहान खान और आहत शेख से मिलवाया था।
हिन्दू लड़की, होटल का कमरा, 2 मुस्लिम लड़के… बजरंग दल ने दोनों की धुनाई कर पुलिस को सौंपा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो मुस्लिम युवकों को हिन्दू लड़की के साथ पकड़ा। जिसके बाद होटल में जमकर हंगामा खड़ा हो गया। इतना ही नहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोनों मुस्लिम लड़कों को होटल से नीचे लाकर बीच सड़क पर जमकर पीटा और पुलिस को सौंप दिया।
मामला भोपाल के एमपी नगर का था। पूछताछ करने पर दोनों मुस्लिम लड़कों ने कार्यकर्ताओं के साथ बहस करना शुरू कर दिया जिसके बाद गुस्साए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोनों को बीच सड़क पर जमकर पीटा।
अयान खान ने दलित लड़की को फँसाया, अपहरण करके 10 दिनों तक किया रेप: पुलिस ने भोपाल से दबोचा
MP के दमोह में दलित लड़की को मुस्लिम लड़के ने 3 साल तक धोखे में रखा। जब राज खुला कि वह अयान खान है, तो लड़की ने रिश्ता तोड़ लिया। शातिर अयान खान ने पीड़िता का अपहरण कर लिया और उसे भोपाल ले जा कर कई दिनों तक यौन शोषण करता रहा।
दलित युवती दमोह से गायब हुई थी और उसे 10 दिनों बाद पुलिस ने भोपाल से बरामद किया। लड़की ने पुलिस को बताया कि अयान खान ने राज नाम रख कर उससे दोस्ती की और 3 साल तक अँधेरे में रखा। जब उसे असली नाम पता चला तो लड़की ने उससे बात बंद कर दी।
इसके बाद अयान उसके घर पहुँचा, बहाने से उसे बाहर बुलाया और जबरदस्ती कार में बिठाया और भोपाल ले गया। शिकायत के बाद पुलिस ने भोपाल जाकर अयान को गिरफ्तार किया।
हिन्दू लड़की से निकाह करने की साजिश में रफीक खान गिरफ्तार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लव जिहाद का एक मामला सामने आया था, जिसमें रफीक खान नाम का युवक अपनी पहचान छुपा कर एक हिन्दू युवती से शादी करने जा रहा था। इस बात की जानकारी मिलते ही हिन्दूवादी संगठनों ने युवक से पूछताछ कर जब उसका आधार कार्ड देखा, तो पता चला कि उसका आधार कार्ड भी नकली है।
पुलिस ने इस घटना की जानकारी मिलते ही आरोपित रफीक को गिरफ्तार कर लिया। रफीक ने लड़की को अपना नाम रवि यादव बताया था। रफीक खान ने रवि नाम से ही एक फर्जी पहचान पत्र (आधार कार्ड) भी बनवा रखा था। उसने पीड़िता को बहला-फुसलाकर प्रेम जाल में फँसा लिया था।
वह लड़की के घर आकर पूजा पाठ में भी शामिल होता था और मदद भी करता था जिसकी वजह से उन्हें कभी किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। रफीक हिन्दू युवती के साथ भोपाल के कोलार स्थित मंदिर में शादी कर ही रहा था कि तभी रायसेन जिला स्थित मंडीदीप के हिन्दू संगठन को इस बात की सूचना मिली। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
विरोध प्रदर्शन के नाम पर हर बार हिंसा करने उतरते हैं इस्लामी कट्टरपंथी
ये कुछ मामले आपके और हमारे सामने हैं, लेकिन कुल इतने ही मामले हो ये मानना गलत होगा। कई मामलों में तो परिवार ने लोक-लाज के डर से शायद शिकायत भी ना की हो और कुछ मामले ऐसे भी होंगे, जहाँ इस्लामी कट्टरपंथियों के चंगुल में अब भी कुछ हिंदू लड़कियाँ प्रताड़ित हो रही होंगी।
इतने सब के बावजूद अगर इन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया जाता है तो अपने घटिया उद्देश्य में असफल हो जाने की कुढ़न ये ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाकर, तोड़ फोड़ कर और हिंसा फैलाकर निकालने उतर जाते हैं। कभी ये किसी सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देकर हिंसा करने लगते हैं तो कभी किसी और मुद्दे को अपना आधार बना लेते हैं।
11 अगस्त 2020 की रात पूर्वी बेंगलुरु में दंगे और आगजनी का भीषण नजारा देखने को मिला था। केजी हल्ली, डीजे हल्ली और पुल्केशी नगर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। 1000 से भी अधिक की इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ ने स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया था और तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।
इस्लामी भीड़ का कहना था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया है। उन्होंने आसपास कड़ी हिन्दुओं की कई गाड़ियाँ जला दी थीं। घटों तक यह दंगा फसाद चलता रहा था। उन्होंने विधायक की बहन के घर भी हमला किया था। इसके अलावा DJ हल्ली और HJ हल्ली पुलिस थानों को भी आग लगा दी थी।
इस मामले में बाद में हुई जाँच में सामने आया था कि इस्लामी भीड़ का यह दंगा पूर्व प्रायोजित था। इसी तरह पश्चिम बंगाल के कालियाचक में 3 जनवरी 2016 को हजारों लोग इकट्ठा हुए थे। यह भीड़ एक राजनीतिक व्यक्ति कमलेश तिवारी द्वारा की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में जुटी थी।
शुरुआत में यह एक सामान्य विरोध प्रदर्शन था, लेकिन जल्द ही स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। भीड़ का एक हिस्सा आक्रामक हो गया, बैरिकेड तोड़ दिए गए और पुलिस व सुरक्षा बलों के साथ झड़प शुरू हो गई। कुछ ही समय में यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह दंगे में बदल गया था।
ऐसे ही मध्य प्रदेश के रतलाम में इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के विरोध में जमकर हंगामा किया था। भीड़ ने चौकी को घेरने की कोशिश की। बाद में पूरी सड़क को जाम कर खूब नारेबाजी की गई। इस दौरान ‘सर तन से जुदा’ जैसे आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए और जमकर बवाल काटा गया।


