Homeदेश-समाजबनारस में 'चीरहरण' के पोस्टर: कंगना द्रौपदी, मोदी कृष्ण, उद्धव-संजय कौरव

बनारस में ‘चीरहरण’ के पोस्टर: कंगना द्रौपदी, मोदी कृष्ण, उद्धव-संजय कौरव

पोस्टर वाराणसी के एक स्थानीय वकील श्रीपति मिश्रा द्वारा लगाए गए हैं। पोस्टरों को जायज ठहराते हुए मिश्रा ने कहा कि शिवसेना के साथ कंगना के झगड़े के मामले में महाराष्ट्र सरकार 'कौरव सेना' की तरह काम कर रही है।

कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच जारी विवाद के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री के एक समर्थक ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में उनको ‘द्रौपदी’ दर्शाते हुए पोस्टर लगाए है। इन पोस्टरों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शिवसेना के सांसद संजय राउत को दुशासन तथा अन्य कौरव चरित्रों में दिखाया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान कृष्ण के रूप में चित्रित किया गया है।

पोस्टर वाराणसी के एक स्थानीय वकील श्रीपति मिश्रा द्वारा लगाए गए हैं। पोस्टरों को जायज ठहराते हुए मिश्रा ने कहा कि शिवसेना के साथ कंगना के झगड़े के मामले में महाराष्ट्र सरकार ‘कौरव सेना’ की तरह काम कर रही है। मिश्रा ने कहा इस पूरे मामले में चुप्पी साधने के लिया कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल पीएम मोदी ही इस देश में महिलाओं की गरिमा की रक्षा कर सकते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र सरकार के साथ तनातनी के बीच अभिनेत्री कंगना रनौत ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी की चुप्पी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सोनिया गाँधी को महाराष्ट्र सरकार की ओर से किए गए दुर्व्यवहार के मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए था। रनौत ने कहा कि सोनिया गाँधी की ‘‘चुप्पी और बेरुखी’’ पर इतिहास फैसला करेगा।

अभिनेत्री ने ट्वीट करते हुए कहा था, ‘‘प्रिय एवं सम्मानीय कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, क्या एक महिला होने के नाते आपको महाराष्ट्र में आपकी सरकार द्वारा मेरे साथ किए गए व्यवहार पर गुस्सा नहीं आता? क्या आप अपनी सरकार से अनुरोध नहीं कर सकतीं, कि वह डॉ. आम्बेडकर के दिए संविधान के सिद्धांतों को बरकरार रखे?’’

इसके अलावा दूसरे ट्वीट में कंगना ने सोनिया गाँधी को सम्बोधित करते हुए लिखा, “आप विदेश में पली-बढ़ी हैं और भारत में आपका जीवन बीता। क्या आप नहीं समझती हैं कि एक महिला के जीवन में किस तरह के संघर्ष होते हैं। इतिहास आपको आपके इस मौन और भेद करने वाली मानसिकता के आधार पर तौलेगा। जब एक पूरी सरकार ने क़ानून-व्यवस्था का मज़ाक बना कर एक महिला के साथ ज़्यादती और उत्पीड़न किया था। मैं इस बात की उम्मीद करती हैं कि आप इस मुद्दे पर अपना चुप्पी तोड़ेंगी, क्योंकि कॉन्ग्रेस भी महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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