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वायनाड में पादरी, नन समेत 9 गिरफ्तार, लॉकडाउन के बावजूद रविवार की प्रार्थना करने गए थे चर्च

लॉकडाउन के बावजूद पलायन को लेकर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाई है। केंद्र ने कहा है कि लॉकडाउन का पालन करवाना जिला मजिस्ट्रेट और एसपी की जिम्मेदारी है। सभी राज्यों और जिलों की सीमाएँ सील करने को कहा गया है।

केरल में वायनाड के समीप एक गिरजाघर पादरी को गिरफ्तार किया गया है। लॉकडाउन के बावजूद रविवार को सामूहिक प्रार्थना सभा आयोजित करने को लेकर यह कार्रवाई की गई। पादरी के अलावा दो नन सहित आठ अन्य भी गिरफ्तार किए गए हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाने के लिए देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया गया है। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग इसकी गंभीरता को नकारते हुए मनमर्जी से दैनिक क्रियाकलाप में व्यस्त हैं। ऐसा ही एक मामला केरल की चर्च से सामने आया है।

केरल में वायनाड के समीप एक गिरजाघर (चर्च) के एक पादरी और दो नन समेत नौ अन्य लोगों को लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए रविवार (मार्च 29, 2020) को गिरफ्तार कर लिया गया। मनंथवाडी पुलिस थाने से प्राप्त सूचना के अनुसार, नजदीक के वेमाम के ही मिशनरीज ऑफ फेथ माइनर चर्च के पादरी टॉम जोसेफ, दो नन और सात अन्य पर IPC की धारा 269 (किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया लापरवाही भरा काम जिससे किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है) और 188 (महामारी के संबंध में सरकारी आदेश न मानना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन लोगों ने आज सुबह धार्मिक सभा में भाग लिया था। उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए 21 दिनों के लॉकडाउन के बावजूद पलायन को लेकर भी केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन का पालन करवाना जिला मजिस्ट्रेट और एसपी की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार की तरफ से आदेश दिया गया है कि सभी राज्यों और जिलों की सीमाएँ सील कर दी जाएँ और बाहर से आने वाले लोगों को राज्य की सीमाओं पर ही कैंपों में रखा जाए।

बता दें कि आज, रविवार को कोरोना से जम्मू-कश्मीर, गुजरात और महाराष्ट्र में एक-एक लोगों की मौत हो गई। इसी के साथ देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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