Homeदेश-समाज'अल्लाह माफ़ नहीं करेगा': कुरान की कसम देकर 16 साल की लड़की का बलात्कार...

‘अल्लाह माफ़ नहीं करेगा’: कुरान की कसम देकर 16 साल की लड़की का बलात्कार करता था मौलवी शाहनवाज, 7 माह की गर्भवती हुई नाबालिग

मौलाना कारी शाहनवाज बच्चों की छुट्टी के बाद उसे रोक लेता और बच्चों के जाने के बाद मदरसे में ही उसके मुँह में कपड़ा ठूँसकर अपना मुँह काला करता।

बिहार के मधुबनी में मौलवी कारी शाहनवाज एक 16 साल की किशोरी का रेप करता था। वो उसे कुरान की कसमें देता था और कहता था कि ‘किसी से बताओगी तो अल्लाह माफ नहीं करेगा।’ पीड़ित किशोरी का साल भर से अधिक समय से मौलवी रेप करता रहा। जब बच्चों की क्लास खत्म हो जाती, तो वो किशोरी को रोक लेता और मुँह में कपड़ा ठूँसकर उसके साथ संबंध बनाता। यही नहीं, किसी से बोलने पर चाकू का डर दिखाता। किशोरी डर की वजह से किसी को कुछ बता ही नहीं पाई, लेकिन जब वो 7 माह की गर्भवती हो गई, तो घर वालों को कुछ शक हुआ, तब जाकर ये मामला खुला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला मधुबनी जिले के खुटौना थाना इलाके का है। जहाँ एक मदरसे के हेड मौलवी कारी शाहनवाज, जिस पर बच्चों को कुरान की आयतें सिखाने की जिम्मेदारी थी। उसने मदरसे की बच्ची को ही अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया। कुरान की आयतें सिखाते-सिखाते कब उसकी नीयत 14-15 साल की बच्ची पर डोल गई, और उसे वो अपनी हवस का शिकार बनाने लगा, ये किसी को पता ही नहीं चला। कारी शाहनवाज बच्चों की छुट्टी के बाद उसे रोक लेता और बच्चों के जाने के बाद मदरसे में ही उसके मुँह में कपड़ा ठूँसकर अपना मुँह काला करता।

पीड़ित किशोरी की अम्मी से पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि कारी शाहनवाज मेरी बेटी को कुरान का डर दिखाता और कहा कि अगर किसी से कुछ कहा तो अल्लाह माफ नहीं करेगा। वो चाकू का भी डर दिखाता था। लेकिन बच्ची के शरीर में हो रहे बदलावों की वजह से घर वालों की नजर पड़ी, तो पूछताछ करने पर मामला सामने आया। पीड़ित की अम्मी ने कहा कि मौलवी ने बच्ची के अब्बू से कहा था कि ‘बेटी पढ़ने में तेज है, उसे पढ़ने के लिए मेरे पास भेजा करो।’

इस मामले में खुटौना थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं मदरसा के हेड मौलवी द्वारा नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म की सूचना से ग्रामीण आक्रोशित हैं, ग्रामीणों ने मौलवी को सख्त सजा देने की माँग की है। साथ ही आक्रोशित लोगों ने मदरसा में ताला जड़ दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -