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कैसे-कैसे होना चाहिए संभल में दंगा… व्हॉट्सऐप ग्रुप पर सब तय हुआ: एडमिन सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क निकला, 1000+ पन्नों की चार्जशीट में दुबई तक का कनेक्शन उजागर

SIT की चार्जशीट के अनुसार, इस खूनी खेल का साजिशकर्ता दुबई में बैठा गैंगस्टर शारिक साठा है, जिसे संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का खुला प्रोटेक्शन मिला था।

संभल हिंसा की गहराई में जाने पर कई चौंकाने वाली बातें सामने आती हैं, जो पहले की रिपोर्टों में नहीं थीं। SIT की चार्जशीट के अनुसार, इस खूनी खेल का साजिशकर्ता दुबई में बैठा गैंगस्टर शारिक साठा है, जिसे संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का खुला प्रोटेक्शन मिला था।

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने दावा किया कि साठा ने सीधे तौर पर मुस्लिम भीड़ को भड़काया था। शारिक साठा ने मुस्लिमों को उकसाया कि वे जामा मस्जिद के सर्वे को रोकें, क्योंकि यह उनकी ‘500 साल पुरानी बाबर की निशानी’ है, जिसे बचाना उनका फर्ज़ है।

इस साज़िश का सबसे घिनौना पहलू यह है कि शारिक साठा के इशारे पर ही हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन की हत्या की साज़िश रची गई थी। इस काम के लिए शारिक साठा गैंग से जुड़े मोहम्मद गुलाम को सुपारी दी गई थी, जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया था।

मोहम्मद गुलाम के पास से भारी मात्रा में विदेशी हथियार भी बरामद हुए, जो इस साज़िश की गंभीरता को दिखाते हैं। पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि शारिक साठा गैंग का संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की D कंपनी से है, जिससे इस हिंसा के पीछे एक गहरी और खतरनाक अंतरराष्ट्रीय साज़िश की बू आती है।

व्हाट्सएप ग्रुप में साजिश का पटकथा

संभल हिंसा की साज़िश एक व्हाट्सएप ग्रुप ‘सांसद संभल’ से रची गई थी, जिसके एडमिन खुद सांसद जियाउर्रहमान बर्क थे। पुलिस को पक्के सबूत मिले हैं कि 22 और 24 नवंबर को इसी ग्रुप में हिंसा भड़काने के मैसेज भेजे गए। इन मैसेज में भारी भीड़ जुटाने और सरकारी सर्वे को किसी भी कीमत पर रोकने का निर्देश था।

दुबई में बैठा गैंगस्टर शारिक साठा ने भी 23 नवंबर को फोन पर निर्देश दिए थे कि सर्वे नहीं होना चाहिए। इस भीड़ का मुख्य निशाना हिंदू वकील विष्णु शंकर जैन थे, जिनकी हत्या की साज़िश रची गई थी, लेकिन वह बाल-बाल बच गए।

सुनियोजित थी संबल हिंसा साजिश

24 नवंबर 2024 को संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा ने पूरे नॉर्थ इंडिया को हिला दिया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि विवादित मस्जिद उस जगह बनी है, जहाँ पहले श्रीहरिहर मंदिर था। कोर्ट के आदेश पर जब एडवोकेट कमिश्नर की टीम सर्वे के लिए पहुँची, तो मुस्लिम भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया।

पुलिस की जाँच में सामने आया है कि यह हिंसा कोई अचानक नहीं हुई, बल्कि एक सुनियोजित साज़िश का नतीजा थी। SIT ने अपनी 11वीं चार्जशीट में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 23 लोगों को आरोपित बनाया है, जबकि विधायक पुत्र सुहैल इकबाल को क्लीनचिट मिली है।

इस सुनियोजित हमले में चार लोगों की जान गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए। शाही जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने पुलिस को बताया कि सपा सांसद बर्क की इसमें बड़ी भूमिका थी। पहले 3000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल हुई थी, और अब 1200 पन्नों की एक और चार्जशीट दाखिल की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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