Saturday, May 21, 2022
Homeदेश-समाजनाबालिग बेटी का पहले किया जबरन धर्मांतरण, फिर 5 माह तक शोषण: ईसाई मिशनरी...

नाबालिग बेटी का पहले किया जबरन धर्मांतरण, फिर 5 माह तक शोषण: ईसाई मिशनरी के खिलाफ एक माँ का आरोप, HC ने जारी किया नोटिस

माँ का कहना है कि उनकी बच्ची को उनकी जानकारी के बिना ही हिंदू से ईसाई बनाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि एनजीओ ने 5 माह से ज्यादा उनकी बच्ची का  शोषण। ये सब तब हुआ जब बच्ची चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में थी जिसे ग्लोबल फैमिली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता है।

नाबालिग हिंदू लड़की को ईसाई धर्म में जबरन परिवर्तित कराने के मामले में उसकी माँ द्वारा दायर की गई याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। माँ का आरोप है कि इवेंजेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया कमीशन ऑन रिलीफ एंड प्रयास (Evangelical Fellowship of India Commission on Relief and Prayas ) नामक ईसाई मिशनरी के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी बच्ची को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया और उसके जरिए एक फर्जी का यौन शोषण मामला दर्ज करवाया।

माँ का कहना है कि उनकी बच्ची की जानकारी के बिना ही हिंदू से ईसाई बनाने का काम किया गया। उन्होंने कहा ईसाई बनाने के बाद एनजीओ ने 5 माह से ज्यादा उनकी बच्ची का  शोषण। ये सब तब हुआ जब बच्ची चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में थी जिसे ग्लोबल फैमिली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता है।  

अधिवक्ता दिब्यांशु पांडे के माध्यम से दायर एक याचिका में, पीड़िता की माँ ने आरोप लगाया कि उनकी नाबालिग बेटी को उपरोक्त गैर सरकारी संगठनों के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा ‘फँसा’ लिया गया था, जिन्होंने उससे झूठी एफआईआर करवाई थी। इसी एफआईआर के चलते उसे ‘पाँच’ दिन बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया, जो कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) मॉडल नियम, 2016 के नियम 81 (1) का सीधा उल्लंघन है।

अब माँ की नाराजगी सीडब्ल्यूसी की ढिलाई पर है जिसके कारण चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में कई एनजीओ ने उसको प्रताड़ित किया और उसे ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के लिए प्रेरित किया। उनका आरोप है कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता और उसकी बेटी को न्याय से वंचित किया गया है। साथ ही साथ भारतीय संविधान द्वारा प्रदान किए गए मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में ईसाई मिशनरी लगातार धर्मांतरण का रैकेट चलाने के लिए कारण सुर्खियों में रहती हैं। वह जरूरतमंदों को खाना, पीना, आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधा का लाचल देकर ईसाई धर्म में आकर्षित करते हैं। पिछले साल मध्य प्रदेश के रायसेन में एक गर्ल्स हॉस्टल में चल रहे धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ था। इसके अलावा पिछले वर्ष ही ऑपइंडिया ने आपको बताया था कि कैसे ईसाई मिशनरियों ने कोविड का फायदा उठाकर लाख से ज्यादा लोगों को ईसाई बनाया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एक चिंगारी और पूरे भारत में लग जाएगी आग… कैम्ब्रिज में बैठ राहुल गाँधी ने उगला देश विरोधी जहर, कहा- हालात अच्छे नहीं

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने यूके के कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में 'आइडियाज फॉर इंडिया' के नाम पर जम कर नकारात्मकता फैलाई। पढ़िए क्या-क्या कहा।

PM मोदी की लोकप्रियता बरकरार, 44.77 प्रतिशत लोग उनके कार्यों से संतुष्ट: मुख्यमंत्रियों में असम के CM सरमा आगे, 43% खुश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी लोगों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। वहीं, मुख्यमत्री के रूप में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा सबसे आगे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
187,690FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe