Monday, July 22, 2024
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सामूहिक ईसाई धर्मांतरण के मामले में टेरर फंडिंग की आशंका: ATS की रडार पर एक स्कूल भी, खँगाले जा रहे 36 आरोपितों के बैंक खाते

उत्तर प्रदेश एटीएस ने 7 महीने पुराने धर्मांतरण के इस मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए इसमें हुई फंडिंग से जुड़े नेटवर्क को खँगालना शुरू किया है। इसके लिए, एटीएस ने धर्मांतरण के आरोपितों के बैंक खातों की डिटेल्स जुटाना शुरू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में हुए सामूहिक धर्मांतरण के एक मामले में विगत सप्ताह 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पहले भी गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। हालाँकि, अब उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधी शाखा (ATS) की भी इस मामले में इंट्री हो चुकी है। एटीएस को शक है कि धर्मांतरण के लिए आरोपितों को फंडिंग प्राप्त हो रही थी।

उत्तर प्रदेश एटीएस ने 7 महीने पुराने धर्मांतरण के इस मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए इसमें हुई फंडिंग से जुड़े नेटवर्क को खँगालना शुरू किया है। इसके लिए, एटीएस ने धर्मांतरण के आरोपितों के बैंक खातों की डिटेल्स जुटाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, एटीएस को इस मामले के 36 आरोपितों में से 31 आरोपितों के बैंक खातों की डिटेल्स मिल चुकी है।

उल्लेखनीय है कि सामूहिक धर्मांतरण के इस मामले में यूपी पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में 4 नवंबर को एक पादरी समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें स्थानीय सीपीएस स्कूल की एक महिला टीचर का नाम भी शामिल था। वहीं एक अन्य आरोपित शिक्षक फिलहाल फरार है। इसलिए, यूपी एटीएस (UP ATS) के निशाने पर सीपीएस स्कूल भी है। इस स्कूल के संचालक व अन्य स्टाफ से भी एटीएस पूछताछ कर सकती है।

‘न्यूज 18’ ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस मामले में उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधी शाखा (ATS) यूपी पुलिस के एक अधिकारी की संदिग्ध भूमिका की भी जाँच कर रही है। एटीएस की पूछताछ के बाद कहा जा रहा है कि ईसाई मिशनरी के एक रसूखदार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई में शिथिलता बरती गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सामूहिक धर्मांतरण और उसके लिए की गई फंडिंग से जुड़े मामले में ATS कई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है। वहीं, सदर कोतवाल और हरीगंज चौकी इंचार्ज से भी पूछताछ कर धर्मांतरण के केंद्र रहे ‘चर्च ऑफ इंडिया’ के पादरी विजय मसीह के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।

बता दें कि इसी साल 15 अप्रैल 2022 को फतेहपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिहरगंज मोहल्ले के चूना वाली गली स्थित ‘इवेजलिकल चर्च ऑफ इंडिया’ में देर शाम प्रार्थना सभा चल रही थी। उसी दौरान मोहल्ले के लोगों की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुँच गए थे। इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि गरीब हिंदू परिवारों को रुपयों का लालच देकर उनका मतांतरण करने की साजिश रची जा रही है।

इस बारे में जब चर्च के पादरी से पूछा गया तो उसने कबूल किया था कि चर्च के भीतर 70 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिनमें 50 से ज्यादा हिंदू थे। इसकी सूचना पुलिस-प्रशासन को दी गई और उनसे आग्रह किया गया कि चर्च के भीतर जितने लोग प्रार्थना सभा कर रहे थे, उनकी आईडी चेक की जाए और उन्हें बाहर निकाला जाए। माँग की गई थी कि यदि मतांतरण का आरोप सही हो तो मुकदमा दर्ज किया जाए।

इसके बाद पुलिस ने चर्च के भीतर मौजूद 55 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में, पुलिस ने 35 लोगों के खिलाफ नामजद व 20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धर्मांतरण की धाराओं पर एफआईआर दर्ज की थी। साथ ही 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। हालाँकि, बाद में ये लोग छूट गए थे। लेकिन, फिर लगातार चली जाँच के बाद पादरी विजय मसीह, विनय कुमार, अजय सैमुअल, विजय सिंह, आशीष कुमार, प्रिंस, पूजा, रेनुका, नासिर मंसूर और विक्रम सिंह समेत कुल 14 आरोपित जेल में हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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