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साला, ब&नचो#, हरा&जा$, कुत्ता, माद&चो$… राहुल गाँधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ से पत्रकार के लिए निकली भाषा सुनी आपने? ‘कश्मीर फाइल्स’ को इन्होंने ही बताया था प्रोपेगेंडा

वीडियो अब चैनल पर मौजूद है। देख सकते हैं कि पत्रकार ने दुलत से पाकिस्तान के अलावा POK समेत अन्य मुद्दों पर भी सवाल पूछे, जिसे देते हुए वह हिचकते दिखे और पाकिस्तान जाने वाली बात पर भड़क गए।

निकालो इसको साले को, हटा…बहन चो% कौन? कौन साला हरामजा#$ बोल रहा था? कौन कुत्त& बोल रहा था? कौन था वो? मालूम है मैं कौन हूँ? कौन कह रहा था? मादरचो% तुम समझते क्या हो अपने आप को, मादरचो% सिंधी…पागल समझ रहे हो? तेरी माँ चो% दूँगा मैं, बहनचो%…

ये शब्द रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के पूर्व चीफ अमरजीत सिंह दुलत के हैं। ‘भारत रफ्तार टीवी’ के पत्रकार जितेश जेठानंदानी ने हाल में उनका पॉडकास्ट किया। इस दौरान उनसे उनके पाकिस्तान जाने को लेकर भी प्रश्न हुआ, जिसे सुन दुलत विफर गए।

नाराजगी इतनी बढ़ गई कि ऑन कैमरा उन्होंने हाथापाई और गाली-गलौच शुरू कर दिया। वीडियो अब चैनल पर मौजूद है। देख सकते हैं कि पत्रकार ने दुलत से पाकिस्तान के अलावा POK समेत अन्य मुद्दों पर भी सवाल पूछे, जिसे देते हुए वह हिचकते दिखे और पाकिस्तान जाने वाली बात पर भड़क गए।

पॉडकास्ट में पत्रकार ने एएस दुलत से पहला सवाल पूछा, “आप राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में दिखाई दिए, कैसे आप उस यात्रा में जुड़े थे, क्या कारण थे?” इस पर दुलत जवाब देते हैं, “राहुल गाँधी जी का फोन आया था। मैं यात्रा में गया था। हाँ, मेरा विचार कॉन्ग्रेस से मिलता है। कॉन्ग्रेस राज के अंदर ही मैंने नौकरी की है। हम तो हमेशा कॉन्ग्रेस के साथ थे।”

अगला सवाल पूछा जाता है, “90 के दशक में कट्टपंथियों ने कश्मीरी पंडितों का नरसंहार किया था, उस पर आपका क्या कहना है?” दुलत कहते हैं, “वो यही लोग थे, जो दिल्ली से खफा थे और सिर्फ पंडितों को नहीं मारा है। मुसलमान ज्यादा मारे गए थे तब।” जवाब से लगता है कि उनकी नजर में मारने वाले इस्लामी कट्टरपंथी नहीं थे।

POK के मुद्दे पर सवाल किया जाता है तो दुलत कहते हैं, “कोई मुद्दा नहीं, क्या मुद्दा है?” फिर पत्रकार विस्तारित करते हैं, तब एएस दुलत जवाब देते हैं, “अगर कोई हल है तो वही है, LOC पर समझौता कर लो। जो आपके पास है, वो आपका है। जो हमारे पास है वो हमारा है।”

अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में पर्यटन बढ़ने के सवाल पर दुलत कहते हैं, “हाँ-हाँ… पर्यटन बढ़ा है, मैंने तो कहा था कि कश्मीर के स्थानीय नेताओं की बात सुननी चाहिए थी।” बताया जाए कि उस समय कश्मीर के स्थानीय नेता अनुच्छेद 370 हटने का विरोध कर रहे थे। दुलत अपने जवाब में इसका समर्थन करते हैं और कहते हैं कि पर्यटन बढ़ना परेशानी है।

हाल ही में भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी पत्रकार ने सवाल किए। पूछा गया “10-15 दिन पहले भारत-पाकिस्तान में तनाव थे”…इतने में दुलत कहते हैं, “मैं तो कहता हूँ। लाहौर ले लेना चाहिए था। मुझे तो लाहौर पसंद है।”

इससे अगला सवाल दुलत के पाकिस्तान में संपर्क को लेकर होता है। दुलत जवाब में कहते हैं कि उनके संपर्क तो हैं। कुछ दिन पहले पाकिस्तान जाने के सवाल पर दुलत विफर जाते हैं और मारपीट शुरू कर देते हैं। पत्रकार का यह सवाल एएस दुलत की हाल ही की किताब ‘स्पाय क्रॉनिकल्स रॉ ISI’ के संबंध में पूछा गया था। यह किताब दुलत ने पूर्व पाकिस्तानी जासूस असद दुर्रानी संग मिलकर लिखी है।

जब कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को प्रोपेंगेडा करार दिया

बता दें कि एएस दुलत हमेशा देश में गलत कारणों से जाने जाते रहे हैं। उन्होंने अक्सर कॉन्ग्रेस के बीजेपी विरोधी और पाकिस्तान समर्थक प्रचार का समर्थन किया है। साल 2023 में कॉन्ग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी के हाथों में हाथ डालकर फोटो भी खिंचवाई।

इसके अलावा साल 2019 में निर्मित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’, जिसमें कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को दिखाया गया। दुलत ने फिल्म को प्रोपेगेंडा करार दिया। उन्होंने घाटी से कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन को धो-पोंछने का काम किया था। यह कहते हुए कि कश्मीरी हिंदुओं के पलायन की लोकप्रिय धारणा वास्तविकता से अलग है।

एएस दुलत ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाए थे। साल 2019 में आम चुनावों से पहले दुलत ने पुलवामा आतंकी हमले को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए तोहफा बताया। इसके बाद उनकी खूब आलोचना हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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