Sunday, July 21, 2024
Homeदेश-समाजगुजरात: कसम आला मस्जिद इलाके में पुलिस पर तलवार-डंडों से हमला, 10 गिरफ्तार, मुख्य...

गुजरात: कसम आला मस्जिद इलाके में पुलिस पर तलवार-डंडों से हमला, 10 गिरफ्तार, मुख्य आरोपित नजीर समेत 7 फरार

गुजरात पुलिस ने जिन 10 लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें नजीर शामिल नहीं है। वे उन 7 लोगों में शामिल है जो घटना के बाद से फरार हैं। जिन 17 लोगों पर केस दर्ज किया है, उनकी पहचान नजीर, इजवान, सलीम, रमीज, आसिफ, सोहिल, रियाज, फजल, दिलाफ, जावेद, ताहिर, आबिद, निजाम, अनीस, साजिश, जेनुल और जाहिर के रूप में हुई है।

वडोदरा के नगरवाड़ा इलाके में कसम आला मस्जिद (Kasam Aala mosque) के नजदीक पुलिस टीम पर हमला करने वाली भीड़ में शामिल 17 नामजद आरोपितों में से 10 को आज गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बता दें, सोमवार को पुलिस टीम पर 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने उस समय हमला किया था जब वह लॉकडाउन का पालन कराने क्षेत्र में गए थे। इसके बाद इस मामले के संबंध में एफआईआर दर्ज हुई थी। 

देशगुजरात की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपित की पहचान नजीर सिंधी के रूप में हुई है। नजीर पर आरोप है कि इसी ने पुलिस ऑफिसर गौतम कांति के साथ गाली-गलौच की और बाद में धमकी दी कि यदि उन्होंने जगह को खाली नहीं किया तो वह उन्हें मार देगा। 

हालाँकि बता दें, गुजरात पुलिस ने जिन 10 लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें नजीर शामिल नहीं है। वे उन 7 लोगों में शामिल है जो घटना के बाद से फरार हैं। मगर, मामले के मद्देनजर पुलिस ने जिन 17 लोगों पर केस दर्ज किया है, उनकी पहचान नजीर, इजवान, सलीम, रमीज, आसिफ, सोहिल, रियाज, फजल, दिलाफ, जावेद, ताहिर, आबिद, निजाम, अनीस, साजिश, जेनुल और जाहिर के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को सुबह 5 बजे सेहरी के बाद इस इलाके में कुछ लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर घूमते दिखे थे। जब पुलिस ने जाकर इनसे घर में रहने की अपील की तो ये भीड़ अचानक हिंसक हो गई और नजीर व उसके साथी डंडे और तलवारों से लैस होकर पुलिस के सामने आ खड़े हुए। इसके बाद उन्होंने भीड़ को उकसाया और फिर भीड़ पर पत्थर व बोलतें फेंकी गईं। इस बीच नजीर ने पुलिस पर साइकिल उठाकर भी हमला किया।

इसके बाद के हालात देखते हुए पुलिस को अधिक फोर्स बुलानी पड़ी। तब जाकर वह भीड़ पर काबू कर पाए। बाद में कुछ महिलाओं ने हिंसा की सफाई में पुलिस पर भी इल्जाम लगाया कि पुलिस वालों ने पी रखी थी। हालाँकि, सभी पहलुओं को देखते हुए पुलिस ने टीम पर हमला करने वाली भीड़ में शामिल आरोपितों के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के अलावा धारा 353, 332, 323,337,269, 249b, 506, 143, 147, 148, 149 के तहत मामला दर्ज किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बांग्लादेश में आरक्षण खत्म: सुप्रीम कोर्ट ने कोटा व्यवस्था को रद्द किया, दंगों की आग में जल रहा है मुल्क

प्रदर्शनकारी लोहे के रॉड हाथों में लेकर सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट जेल पहुँच गए और 800 कैदियों को रिहा कर दिया। साथ ही जेल को आग के हवाले कर दिया गया।

‘कमाल का है PM मोदी का एनर्जी लेवल, अनुच्छेद-370 हटाने के लिए चाहिए था दम’: बोले ‘दृष्टि’ वाले विकास दिव्यकीर्ति – आर्य समाज और...

विकास दिव्यकीर्ति ने बताया कि कॉलेज के दिनों में कई मुस्लिम दोस्त उनसे झगड़ा करते थे, क्योंकि उन्हें RSS के पक्ष से बहस करने वाला माना जाता था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -