Homeदेश-समाजगालिब खाँ, नावेद, रिजवान, रहीमुद्दीन कर रहे थे अवैध तमंचे-पिस्टल का निर्माण: UP पुलिस...

गालिब खाँ, नावेद, रिजवान, रहीमुद्दीन कर रहे थे अवैध तमंचे-पिस्टल का निर्माण: UP पुलिस के साथ मुठभेड़ में हुए गिरफ्तार

इन आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि देशी असलहा, पिस्टल, तमंचे बनाकर बेचने का काम ये सभी काफी समय से मेरठ में कर रहे थे। अभी कुछ दिन पहले जब मेरठ पुलिस को इसकी भनक लगी, तो यह पकड़े जाने के डर से भाग आए।

उत्तरप्रदेश के थाना बहादुरगढ़ में अवैध हथियारों को बनाकर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों (NCR) में बेचने के आरोप में हापुड़ पुलिस ने कल (सितंबर 7, 2020) 4 लोगों की गिरफ्तारी की। इनकी पहचान गालिब खाँ, नावेद अहमद, रिजवान, रहीमुद्दीन सैफी के रूप में हुई।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने अवैध हथियार बनाने एवं NCR क्षेत्र में सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर इन 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनके कब्जे से उन्होंने 11 पिस्टल, 21 तमंचे, 8 अधबने तमंचे, 5 रायफल, भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण/कारतूस एवं ब्रेजा कार बरामद की।

हापुड़ पुलिस के ट्विटर पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि देशी असलहा, पिस्टल, तमंचे बनाकर बेचने का काम ये सभी काफी समय से मेरठ में कर रहे थे। अभी कुछ दिन पहले जब मेरठ पुलिस को इसकी भनक लगी, तो यह पकड़े जाने के डर से भाग आए।

इनका कहना है कि चूँकि कोरोना की वजह से मंदी चल रही है इसलिए कुछ दिन इन्होंने गालिब के घर पर असलहा बनाने का काम किया। मगर, मेरठ में दिलशाद के घर पर जिस मशीन पर वह तमंचों की नाल आदि ढालते थे वह भारी होने के कारण वहाँ से नहीं आ पाई।

ऐसे में फिर भी अधिकतर सामान गालिब के घर पर आ गया था। इसी के बाद इन आरोपितों ने बहादुरगढ़ में पिस्टल तमंचे व बंदूक बनाने का काम शुरू किया। इनका कहना है कि क्योंकि प्रधानी के चुनाव आ रहे हैं। इसलिए इस समय इनकी माँग बढ़ती है।

आरोपित बताते हैं कि अभी तक उन्होंने जितने भी पिस्टल तमंचे बनाए उन्हें वह चोरी छिपे बेचने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। एक पिस्टल की कीमत 35 हजार रुपए है। तमंचा 5 हजार व बंदूक 10 हजार की है। इनके ऊपर पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 149, 307 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा अभी दो अभियुक्त मामले में फरार हैं। इनकी पहचान निखिल और दिलशाद के रूप में हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लाला जगत नारायण से लेकर ML मनचंदा तक: खाालिस्तानी आतंकवादियों का निशाना बने पत्रकारों की कहानी

खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर सिर्फ हिंदू पत्रकार ही नहीं थे। अलगाववाद को खारिज करने वाले सिख पत्रकारों को भी गद्दार बताकर मारा गया।

किसी का फोकस ‘अंबेडकरवाद’ पर, किसी का ‘फ्री फिलिस्तीन’ पर: CJP प्रदर्शन से पनपे ‘इंफ्लुएंसर्स’ का अपना-अपना एजेंडा, जानिए कंटेंट की माइनिंग कर कैसे...

CJP प्रदर्शन से चमके मोहम्मद जुनैद, हर्षित, उज्जवल, रिया अहिर और नीशू जैसे तथाकथित इंफ्लुएंसर्स का अपना-अपना एजेंडा है।
- विज्ञापन -