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महादेव मंदिर में जिस जावेद ने किया हमला, उसकी माँ गोहत्या के लिए जा चुकी है जेल: पुजारी ने बताया – 25 साल में ये चौथा हमला

महंत मिलन सिंह ने आगे बताया, "उस वक्त मैं, मेरे गुरुजी और पंडित कल्लू यहाँ सो रहे थे। इस दौरान हुए हमले में पंडित कल्लू की मौत हो गई थी। इस मामले में जो लोग पकड़े गए थे उन लोगों को छोड़ दिया गया है। हमलावर जान से मारने के इरादे से ही यहाँ घुसे थे। इस हमले के बाद से ही मंदिर में पीएसी की तैनाती की गई है।"

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित बोधेश्वर महादेव मंदिर में जावेद नामक युवक ने घुसकर पुजारियों और श्रद्धालुओं को जान से मारने की कोशिश की। हालाँकि, मौके पर मौजूद लोगों और PAC ने जावेद को पकड़कर पुलिस को सौंपा है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि जावेद अक्सर दंगा-फसाद करता रहता है। उसने जानबूझकर लोगों पर हमला किया है।

लगभग 500 वर्ष पुराना बोधेश्वर मंदिर बांगरमऊ इलाके के पश्चिमी टोला में स्थित है। आरोप है कि जावेद ने हत्या की नीयत से हिंदुओं पर हमला किया है। सामने आए वीडियो में जावेद के हमला करने के तरीके और बुजुर्ग पर लगातार वार करने से भी उसकी नियत काफी हद तक स्पष्ट हो जाती है। हालाँकि, उसे मानसिक विक्षिप्त बताया जाने लगा है।

जावेद के हमले से घायल हुए मंदिर के पुजारी मिलन सिंह ने ऑपइंडिया से बात की है। उन्होंने जावेद पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और घर पर बुलडोजर चलाने की माँग की है। मिलन सिंह ने जावेद को मानसिक रूप से विक्षिप्त कहे जाने के सवाल पर कहा, “यदि किसी का दिमागी संतुलन ठीक नहीं होता है तो क्या वह लोगों को मारने लगाता है?”

मंदिर में मौजूद पीएसी के जवानों पर हमला करने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “जावेद बाहर से हमला करते हुए अंदर की ओर आया, लेकिन उसने पीएसी पर हमला नहीं किया। जब हम लोगों ने अंदर से दौड़ाया तो वह भागकर पीएसी रूम में घुस गया। जावेद का काम ही झगड़ा, दंगा, फसाद और चोरी करना है। गोहत्या के केस में इसकी माँ 3 साल तक जेल में बंद थी।” 

मिलन सिंह ने आगे कहा, “मंदिर की जमीन पर पहले कब्जा हो गया था। इसके बाद जब से मंदिर ने यह जमीन वापस ली है, तब से इस प्रकार के हमले हो रहे हैं। बीते 25 साल में इस मंदिर में 4 बार हमले हो चुके हैं। इसलिए यहाँ पीएसी तैनात की गई है। साल 2013 में 7 सितंबर की रात को करीब 35 लोगों ने हमला किया था।”

महंत मिलन सिंह ने आगे बताया, “उस वक्त मैं, मेरे गुरुजी और पंडित कल्लू यहाँ सो रहे थे। इस दौरान हुए हमले में पंडित कल्लू की मौत हो गई थी। इस मामले में जो लोग पकड़े गए थे उन लोगों को छोड़ दिया गया है। हमलावर जान से मारने के इरादे से ही यहाँ घुसे थे। इस हमले के बाद से ही मंदिर में पीएसी की तैनाती की गई है।”

मंदिर के महंत ने कहा, “साल 2013 में हुए हमले में पुलिस ने सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। इस बार भी वही सब चल रहा है। मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूँ। यहाँ जो लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके साथ पुलिस मारपीट कर रही है। लोगों को उठाकर ले गई है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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