Homeदेश-समाजमोहम्मद हनीफ ने 20 साल के बीमार युवक के साथ किया बलात्कार: टहलने गया...

मोहम्मद हनीफ ने 20 साल के बीमार युवक के साथ किया बलात्कार: टहलने गया था पीड़ित, लौटा तो मिट्टी में सने थे कपड़े

पीड़ित शाम को टहलने के लिए गया हुआ था। टहलने के बाद वह वापस घर लौटा तो उसके पिता ने देखा कि उसके कपड़े मिट्टी में सने हुए थे। जब परिजनों ने उससे इसका कारण पूछा तो पीड़ित रोते हुए बताया कि मोहम्मद हनीफ नाम के एक शख्स ने उसके साथ रेप किया है।

कर्नाटक में एक मुस्लिम व्यक्ति ने 20 साल के युवक का रेप कर डाला। मामला राज्य के दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर तहसील का है, जहाँ एंडोसल्फान पीड़ित व्यक्ति का उसी गाँव के आरोपित ने यौन उत्पीड़न किया।

आरोपित की पहचान मोहम्मद हनीफ के तौर पर हुई है। इस घटना को लेकर पुत्तूर शहर की पुलिस का कहना है कि पुत्तूर के कबाका गाँव के मुरा का रहने वाला पीड़ित युवक शुक्रवार (15 अक्टूबर, 2021) की शाम करीब छह बजे टहलने के लिए गया हुआ था। टहलने के बाद वह वापस घर लौटा तो उसके पिता ने देखा कि उसके कपड़े मिट्टी में सने हुए थे। जब उन्होंने उससे इसका कारण पूछा तो पीड़ित रोते हुए बताया कि मोहम्मद हनीफ नाम के एक शख्स ने उसके साथ रेप किया है। वह पीड़ित का परिचित भी था।

पीड़ित ने बताया कि घर वापस लौटते वक्त मुरा रेलवे क्रॉसिंग के पास आरोपित हनीफ उसे मिला। वह कथित तौर पर गन्ना खरीदने के बहाने पीड़ित को बहला-फुसलाकर एक झाड़ी में ले गया। वहाँ उसके साथ सेक्स करने को कहा, जब पीड़ित ने ऐसा करने से इनकार किया तो हनीफ ने उसे पीटा और उसका बलात्कार किया। इसके साथ ही आरोपित ने इसके बारे में परिवार के लोगों से बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। गौरतलब है कि रेप पीड़ित लड़का एँडोसल्फान पीड़ित है।

इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुत्तूर शहर की पुलिस ने हनीफ को धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

क्या है एँडोसल्फान

एँडोसल्फान एक तरह का पेस्टीसाइड्स है, जिसका इस्तेमाल खेतों में किया जाता है। यह बहुत ही जहरीला होता है, इसीलिए यह मनुष्यों के साथ ही पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होता है। इसे साल 1954 में विकसित किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -