Homeदेश-समाजलखीमपुर खीरी हिंसा में जाँच तेज: SIT के इन नम्बरों पर दीजिए जानकारी, पहचान...

लखीमपुर खीरी हिंसा में जाँच तेज: SIT के इन नम्बरों पर दीजिए जानकारी, पहचान रखी जाएगी गुप्त; UP पुलिस देगी सुरक्षा

मोबाइल नंबरों को जारी करने के साथ ही जाँच दल की ओर से कहा गया है कि जो भी चश्मदीद घटना की जानकारी देगा। उसकी पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखने के साथ ही उसे सुरक्षा भी दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले की जाँच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जाँच तेज कर दी है। इसी क्रम में जाँच टीम ने हिंसा के चश्मदीदों से जाँच में सहयोग करने के लिए आगे आने की अपील की है। एसआईटी ने इस मामले में अफसरों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं। साथ ही लोगों से अपना बयान दर्ज कराने को कहा है।

मोबाइल नंबरों को जारी करने के साथ ही जाँच दल की ओर से कहा गया है कि जो भी चश्मदीद घटना की जानकारी देगा। उसकी पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखने के साथ ही उसे सुरक्षा भी दी जाएगी। एसआईटी के द्वारा जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा के बाद उसकी जाँच के लिए प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। इसके अध्यक्ष उपेंद्र कुमार अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक लखनऊ हेडक्वार्टर हैं। उनका मोबाइल नंबर 9454400454 है।

इसके अलावा एसआईटी की ओर से बाराबंकी स्थित पीएसी की 10वीं वाहिनी के सेनानायक सुनील कुमार सिंह (9454400394), खीरी के अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार (9454401072), खीरी क्राइम ब्रान्च के निरीक्षक विद्याराम दिवाकर (7017496741) और निरीक्षक सुधीर चंद्र पांडेय (9450782977) का मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है। चश्मदीद इन नंबरों पर संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दे सकते हैं। अगर वो एसआईटी के चीफ से सीधे मिलकर जानकारी देना चाहते हैं तो वे ऐसा भी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जाँच एजेंसी ने मंगलवार (26 अक्टूबर 2021) को बीजेपी कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में विचित्र सिंह और गुरुविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था। दूसरे पक्ष की तरफ से ये पहली गिरफ्तारी थी। जबकि किसानों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Antifa के आतंक पर BBC का पर्दा: हमलावरों को बताया ‘प्रदर्शनकारी’, अमेरिकी कोर्ट ने ICE सेंटर पर हमले और पुलिसकर्मी को गोली मारने को...

अमेरिका के टेक्सास ICE सेंटर हमले और पुलिस अधिकारी पर गोलीबारी में दोषी 8 Antifa सदस्यों को BBC ने अपनी रिपोर्ट में बताया प्रदर्शनकारी।

बऊबाजार ब्लास्ट के ‘मास्टरमाइंड’ की रिहाई पर SC की रोक, कोलकाता में ‘हिंदुओं को मारना’ चाहता था राशिद खान: पढ़ें- कैसे ममता सरकार ने...

बऊबाजार विस्फोट के दोषी राशिद खान की रिहाई फिलहाल रुकी, सुप्रीम कोर्ट अब दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेगा।
- विज्ञापन -