Homeदेश-समाजवक्फ बोर्ड का अस्पताल, अतीक स्टाफ-मोहसिन संचालक: OT में बंद कर कूटा, दाढ़ी साफ...

वक्फ बोर्ड का अस्पताल, अतीक स्टाफ-मोहसिन संचालक: OT में बंद कर कूटा, दाढ़ी साफ कर दी सजा

अतीक का कहना है कि उसे साजिश के तहत फँसाया गया है और उसकी दाढ़ी काटना एक बड़ा जुर्म है। यदि दोषियों को सजा नहीं मिली तो वह जान दे देगा।

मध्य प्रदेश मे पुराने भोपाल स्थित एक अस्पताल में मुस्लिम कर्मचारी को अस्पताल संचालक द्वारा पीटने और उसकी दाढ़ी काटने का मामला सामने आया है। कर्मचारी पर आरोप है उसने अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग मरीज से अभद्रता की थी। इसके चलते अस्पताल के संचालक मोहसिन खान ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर कर्मचारी हाफिज मोहम्मद अतीक की पिटाई कर दी।

मामला पुराने भोपाल के न्यू कबाड़खाना में स्थित शिफ़ा अस्पताल का है। अस्पताल वक्फ बोर्ड का है जिसका संचालन मोहसिन खान द्वारा किया जाता है। मीडिया खबरों के अनुसार घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है। हाफिज मोहम्मद अतीक शिफ़ा अस्पताल में एम्बुलेंस ड्राइवर है। कुछ दिनों पहले उसे मरीजों को अटेंड करने की ड्यूटी दी गई थी। अतीक के अनुसार घटना वाले दिन भी वह अपनी ड्यूटी में था, लेकिन किसी ने उसका वीडियो बनाकर संचालक मोहसिन खान को भेज दिया और उससे कहा कि अतीक ने मरीज के साथ अभद्रता की है।

वीडियो मिलने के बाद संचालक मोहसिन खान ने अपने दो साथियों मुदस्सिर और शहरोज के साथ मिलकर ऑपरेशन थिएटर में रात डेढ़ बजे मोहम्मद अतीक को बंधक बनाया। अतीक ने बताया कि संचालक और उसके साथियों द्वारा उसकी पिटाई की गई, गाली-गलौज की गई और ट्रिमर से उसकी दाढ़ी काट दी गई। हालाँकि अतीक का कहना है कि उसे साजिश के तहत फँसाया गया है और उसकी दाढ़ी काटना एक बड़ा जुर्म है। अतीक ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उसने कहा है कि यदि दोषियों को सजा नहीं मिली तो वह जान दे देगा।

हालाँकि अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि यदि अतीक दोषी है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी या उसे नौकरी से निकाल देना चाहिए था। उसे इस तरह सजा देना गलत है। मामले में हनुमानगंज थाने में पुलिस ने अस्पताल संचालक मोहसिन खान और उसके साथियों पर मामला दर्ज कर लिया है।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -