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बिहार में हनुमान चालीसा पाठ से लौट रहे लोगों पर पत्थरबाजी, इंटरनेट बंद: चश्मदीदों ने बताया- मस्जिद के पास हुआ हमला, 300+ की मुस्लिम भीड़ में शामिल थे औरत और बच्चे भी

हमले में घायल खुशबू पाण्डेय ने बताया, "बलियाडीह गाँव में भालेश्वर नाथ मंदिर में हनुमान चालीसा का कार्यक्रम था। प्रसाद ग्रहण करके वापस लौटने के दौरान मस्जिद से कुछ दूरी पहले ही अचानक से पथराव होना चालू हो गया। गाड़ी तोड़ी गई। वहाँ अल्लाह हू अकबर के नारे लग रहे थे।"

बिहार के जमुई में हनुमान चालीसा पाठ करके लौट रहे हिन्दुओं पर हमला किया गया। भीड़ ने हिन्दुओं के काफिले को घेर कर हमला किया और ईंट-पत्थर बरसाए। उन्होंने कई गाड़ियाँ तोड़ दीं। हिन्दू कार्यकर्ताओं ने बताया है कि हमला करने वाले मुस्लिम थे। इस हमले में महिलाएँ भी घायल हुई हैं। पुलिस के अधिकारी इस घटना के बाद मौके पर पहुँच गए हैं। जमुई में इंटरनेट बंद कर दिया है। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जमुई के बलियाडीह गाँव में रविवार (16 फरवरी, 2025) को हिन्दू स्वाभिमान संगठन के कार्यकर्ता हनुमान चालीसा पाठ के लिए गए थे। हनुमान चालीसा पाठ करने के बाद यह कार्यकर्ता जब वापस निकले तो मस्जिद के पास एक भीड़ ने इनकी गाड़ियों पर हमला कर दिया।

यह हमला गाँव के मुस्लिम बहुल इलाके से गुजरते हुए हुआ। हमला करने वाली भीड़ ने इनकी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और ईंट पत्थर चलाए। हमले में हिन्दू स्वाभिमान संगठन के जिलाध्यक्ष नीतीश कुमार और हिन्दू कार्यकर्ता खुशबू पाण्डेय समेत लभग 10 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।

न्यूज 18 बिहार के अनुसार, बलियाडीह गाँव में हुए हमले में महिलाएँ और बच्चे तक शामिल थे। हमले में घायल एक कार्यकर्ता ने बताया, “हमलोग हनुमान चालीसा करके वापस लौट रहे थे, इतने में ही 300-400 लोगों ने हमला कर दिया।” एक और कार्यकर्ता ने बताया कि मुस्लिम इलाके में उन पर बिना किसी कारण के पथराव हुआ और गाड़ियाँ तोड़ी गईं।

हमले में घायल खुशबू पाण्डेय ने बताया, “बलियाडीह गाँव में भालेश्वर नाथ मंदिर में हनुमान चालीसा का कार्यक्रम था। प्रसाद ग्रहण करके वापस लौटने के दौरान मस्जिद से कुछ दूरी पहले ही अचानक से पथराव होना चालू हो गया। गाड़ी तोड़ी गई। वहाँ अल्लाह हू अकबर के नारे लग रहे थे।”

खुशबू पाण्डेय ने बताया कि उन्हें ढूंढ कर मारने की योजना चल रही थी और पुलिस पर भी हमला करने की बात हो रही थी। बताया गया है कि कई घंटे तक हिन्दू कार्यकर्ता इलाके में फंसे रहे। घटना के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें पत्थरबाजी होती दिखती है।

मामले में स्थानीय स्तर के पुलिसकर्मियों के द्वारा लापरवाही की बात भी सामने आई है। हालाँकि, घटनास्थल पर पहुँचे पुलिस बल ने शांति कायम करवा दी है। पुलिस ने जमुई में अफवाह फैलने से रोकने के लिए इन्टरनेट भी बंद करवा दिया है। जमुई के एसपी मदन कुमार आनंद ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है।

उन्होंने बताया, “हनुमान चालीसा कर लौट रहे लोगों के खिलाफ नारेबाजी के बाद पुलिस पार्टी ने उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी। उन्होंने खुद ही मामला हैंडल करने की कोशिश की और रास्ता भी बदलने की बात की। हमने उनसे स्पष्टीकरण माँगा है और साथ ही निलंबित भी कर दिया है।”

पुलिस ने इस घटना के बाद मुकदमा दर्ज किया है। इसमें 8 लोगों को नामजद जबकि 50 लोगों को अज्ञात में आरोपित बनाया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया है। गाँव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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