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सरताज, शादाब, उमर, शोएब… UP पुलिस की गिरफ्त में आते ही लंगड़ाते दिखे, Video: हिंदू युवक के साथ मुस्लिम लड़की को देख की थी पिटाई

पुलिस ने छापेमारी की और छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इनके नाम सरताज, शादाब, उमर, अर्श, शोएब और शमी हैं।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खालापार थाना क्षेत्र में शनिवार (12 अप्रैल 2025) की शाम एक हिंदू युवक और मुस्लिम युवती के साथ इस्लामी कट्टरपंथियों ने बर्बरता की। दोनों एक स्मॉल फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट के तौर पर काम करते हैं और लोन की रिकवरी के लिए साथ गए थे। रास्ते में खालापार की दर्जी वाली गली में कुछ कट्टरपंथियों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद दोनों को जबरन पास की एक दुकान में खींचकर ले जाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू युवक सचिन की बेरहमी से पिटाई की गई, जबकि मुस्लिम युवती का बुर्का खींचकर उसके बाल नोचे गए। बदमाशों ने युवती को बेइज्जत करने की कोशिश की और उसका वीडियो भी बनाया। इस दौरान युवती और युवक मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन आसपास के कुछ लोग ही उनकी मदद को आए। आखिरकार कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाकर दोनों को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मुजफ्फरनगर पुलिस तुरंत हरकत में आई। पीड़ित युवक सचिन और युवती ने खालापार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की जाँच शुरू होते ही पुलिस ने छापेमारी की और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके नाम सरताज, शादाब, उमर, अर्श, शोएब और शमी हैं।

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपितों का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे लंगड़ा कर चलते दिखाई दे रहे हैं।

सीओ सिटी राजू साव ने बताया कि घटना में पीड़ित दोनों लोग उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मचारी हैं और काम के सिलसिले में एक साथ थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और बाकी आरोपितों की तलाश जारी है।

पीड़ित युवती तकिया कुरैशियान मोहल्ले की रहने वाली है, जबकि सचिन शामली जिले के इस्माइलपुर गाँव का निवासी है। दोनों एक ही कंपनी में काम करते हैं और उस दिन सुजड़ू से कलेक्शन करके लौट रहे थे।

यह घटना मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक तनाव का कारण बन सकती थी, लेकिन पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में और भी कार्रवाई की उम्मीद है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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