टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने कंपनी के नासिक दफ्तर में हिंदू युवतियों के शोषण और धर्मांतरण से जुड़े मामले में शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को एक आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने अपने बयान में साफ किया कि मीडिया रिपोर्ट्स में जिस निदा खान को HR मैनेजर बताया जा रहा है वह वास्तव में इस पद पर नहीं थीं।
कंपनी के अनुसार, निदा खान एक प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थी और उसके पास किसी भी तरह की भर्ती या नेतृत्व से जुड़ी जिम्मेदारी नहीं थी। TCS ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें बार-बार एचआर मैनेजर के रूप में पेश किया जाना गलत है।
TCS के बयान में कहा गया, “निदा खान जिनका नाम मीडिया में बार-बार TCS के HR मैनेजर के रूप में लिया जा रहा है, न तो HR मैनेजर हैं और न ही भर्ती प्रक्रिया से उनका कोई संबंध है। वह एक प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर कार्यरत थीं और उनके पास कोई नेतृत्व वाली जिम्मेदारी नहीं थी।”
कंपनी ने यह बयान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भी सौंपा और इसे सोशल मीडिया X पर भी शेयर किया। साथ ही, TCS ने यह भी बताया कि आंतरिक जाँच पूरी होने तक निदा खान को सस्पेंड कर दिया गया है।
Public statement by Mr. K. Krithivasan, Chief Executive Officer and Managing Director, related to the recent matter in Nashik. All details here: https://t.co/sOEGI7jmtV pic.twitter.com/iTfu1yeCuz
— Tata Consultancy Services (@TCS) April 17, 2026
इस बीच, कई मीडिया संस्थानों और वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों ने TCS के इस बयान का हवाला देते हुए निदा खान की भूमिका को कमतर दिखाने की कोशिश की। खुद को फैक्ट-चेकर बताने वाले और Alt News के मोहम्मद जुबैर ने भी TCS के स्पष्टीकरण के बाद एक अभियान चलाया। उन्होंने उन सभी मीडिया संस्थानों और पोर्टलों को निशाना बनाया जिन्होंने अपनी रिपोर्ट्स में निदा खान को HR मैनेजर बताया था।

Alt News ने एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें OpIndia समेत कई मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया गया। हालाँकि, इस लेख में HR ढाँचे में प्रोसेस एसोसिएट की भूमिका क्या होती है तो इसका कोई विवरण नहीं दिया गया।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इसी तरह का अभियान चलाया और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने निदा खान को HR मैनेजर बताया था। हालाँकि, इन लोगों ने भी प्रोसेस एसोसिएट की भूमिका क्या होती है इस बारे में कोई विस्तार से जानकारी नहीं दी।

HR में प्रोसेस एसोसिएट क्या होता है?
TCS ने साफ कर दिया है कि निदा खान HR मैनेजर नहीं थीं लेकिन कंपनी ने यह नहीं बताया कि HR विभाग में प्रोसेस एसोसिएट की भूमिका क्या होती है। यह जॉब प्रोफाइल (जिसे कंपनी के अनुसार निदा खान संभाल रही थीं) उसे समझना जरूरी है ताकि यह जाना जा सके कि बड़ी कंपनियों में इस पद पर काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारियाँ क्या होती हैं।
TCS Case: Was Nida Khan really a process associate and not HR? What's with 78 emails:
— Subhi Vishwakarma (@subhi_karma) April 19, 2026
In BPO and ITES companies, process associates in the HR department do most of the ground-level work. They are the ones who keep everything running daily. While HR managers make plans and… pic.twitter.com/Re8Z2rMvIA
प्रोसेस एसोसिएट कोई लीडरशिप वाला पद नहीं होता लेकिन HR विभाग में इस पद पर काम करने वाला कर्मचारी रोजमर्रा के कामों और बैकएंड प्रक्रियाओं को संभालता है। यह भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसके जरिए कंपनी के सिस्टम, डॉक्यूमेंट और कर्मचारियों से जुड़े काम सही तरीके से चलते रहते हैं।
प्रोसेस एसोसिएट का एक मुख्य काम कर्मचारियों के डॉक्यूमेंट्स को संभालना होता है। इसमें पहचान पत्र की जाँच करना, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराना और यह सुनिश्चित करना शामिल होता है कि जॉइनिंग से पहले सभी जरूरी कागजात पूरे हों।
इसके अलावा, वह NDA (गोपनीयता समझौता), कंपनी की नीतियाँ और नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट जैसे दस्तावेज़ों को प्रोसेस करके रिकॉर्ड में रखता है। यह काम बड़ी कंपनियों में बहुत जरूरी होता है ताकि सभी नियमों का पालन सही तरीके से हो सके।
प्रोसेस एसोसिएट HR सिस्टम में कर्मचारियों की जानकारी को अपडेट और मेंटेन करता है। इसमें सही डेटा दर्ज करना, उसे समय-समय पर अपडेट करना और डेटाबेस को संभालना शामिल है। इस काम में बहुत सावधानी की जरूरत होती है क्योंकि छोटी गलती भी सैलरी, नियमों के पालन (कम्प्लायंस) और रिपोर्टिंग पर असर डाल सकती है।
कई कंपनियों में प्रोसेस एसोसिएट ही कर्मचारियों के लिए पहला संपर्क होता है, खासकर जब उन्हें HR से जुड़ी कोई समस्या होती है। यह कर्मचारी शिकायतें दर्ज करता है, सामान्य सवालों के जवाब देता है और जरूरत पड़ने पर मामले को सीनियर HR या संबंधित कमेटी (जैसे POSH) तक पहुँचाता है। हालाँकि, उसके पास बड़े फैसले लेने का अधिकार नहीं होता लेकिन वह कर्मचारियों और HR टीम के बीच ब्रिज का काम करता है।
प्रोसेस एसोसिएट रिपोर्ट बनाने में मदद करता है, रोजमर्रा के HR कामों को संभालता है और नियमों से जुड़े कार्यों में मदद करता है। साथ ही, वह कर्मचारियों के वेतन, कंपनी की नीतियों और HR प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों का जवाब देता है। भले ही वह खुद नीतियाँ नहीं बनाता लेकिन उन्हें समझाकर कर्मचारियों तक पहुँचाता है और उनकी समस्याओं का समाधान कराने में मदद करता है।
भूमिका सिर्फ काम करने तक सीमित, फैसले लेने की नहीं
प्रोसेस एसोसिएट की भूमिका मुख्य रूप से काम को लागू करने (एक्जीक्यूशन) तक सीमित होती है। इसमें प्रोसेस करना, जाँच करना, डेटा अपडेट करना और जरूरत पड़ने पर मामलों को आगे बढ़ाना शामिल होता है, न कि कोई बड़े फैसले लेना या टीम का नेतृत्व करना। हालाँकि, TCS ने अपने बयान में जो कहा है वह सही हो सकता है, लेकिन सिर्फ यह कहकर कि निदा खान प्रोसेस एसोसिएट थीं, उनकी HR फ्रेमवर्क में भूमिका को पूरी तरह नकार देना भी सही नहीं होगा।
इस मामले में जाँच जारी है और बताया जा रहा है कि निदा खान फिलहाल फरार हैं। ऐसे में पुलिस अभी तक उनसे पूछताछ नहीं कर पाई है कि कंपनी में उनकी भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ दर्ज FIR से जुड़े विवाद में उनकी क्या भूमिका रही।


