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महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अर्णब को किसी तरह भेजना चाहते थे: TRP विवाद पर परमबीर सिंह, रिपब्लिक टीवी ने कहा- कुछ मीडिया घरानों की भी हो जाँच

रिपब्लिक टीवी ने कुछ मीडिया घरानों सहित इस मामले में जुड़े सभी लोगों की जाँच की माँग की है। रिपब्लिक मीडिया का कहना है कि व्यवसायिक हितों एवं अन्य कारणों की वजह से इस धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया।

विवादों में फँसे मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Mumbai Ex-CP Param Bir Singh) ने खुलासा किया है कि रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के खिलाफ टीआरपी का आरोप राजनीतिक साजिश का एक हिस्सा था। उन्होंने कहा कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री एवं NCP नेता अनिल देशमुख के निर्देश पर काम करते थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिए अपने बयान परमबीर सिंह ने कहा कि जाँच को एक निश्चित दिशा देने के लिए वाजे को राजनीति निर्देश मिलते थे। वाजे सीधे तत्कालीन गृहमंत्री को सीधे ब्रीफिंग करते थे और उन्हीं से जाँच की दिशा तय करने के लिए निर्देश लेते थे। यह जाँच की प्रक्रिया का पूरी तरह उल्लंघन है।

इस संबंध में ED ने परमबीर सिंह ने प्रश्न नंबर 13 के अंतर्गत किया था, “जाँच की अवधि के दौरान यह सामने आया कि अनिल देशमुख सीधे सचिन वाजे को निर्देश देते थे। इसके बारे में बताएँ?” इस पर परमबीर सिंह ने कहा, जारी जाँच को लेकर अनिल देशमुख सचिन वाजे के साथ अक्सर मीटिंग करते थे और इस संबंध में उन्हें निर्देश देते थे। इनमें एक प्रमुख मामला TRP केस का भी है। इसके अलावा अनिल परब सहित अन्य मंत्री भी वाजे को निर्देश देेते थे।”

टीआरपी को लेकर यह दूसरा खुलासा है, जिसमें रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी के खिलाफ राजनीतिक साजिश का खुलासा हुआ है। इससे पहले सचिन वाजे ने पूछताछ में ED को बताया था कि अनिल देशमुख रिपब्लिक टीवी प्रमुख गोस्वामी को किसी भी तरह टीआरपी मामले में गिरफ्तार करना चाहते थे।

इस खुलासे के बाद रिपब्लिक टीवी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इस मामले में जुड़े सभी लोगों की जाँच की माँग की है। रिपब्लिक मीडिया ने कुछ मीडिया घरानों पर इस साजिश में शामिल होने के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी जाँच की माँग की है। रिपब्लिक मीडिया का कहना है कि व्यवसायिक हितों एवं अन्य कारणों की वजह से इस धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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