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उपराष्ट्रपति ने सिर पर शिवलिंग रखकर संगम में लगाई डुबकी, 77 देशों के 118 राजनयिकों ने भी महाकुंभ में किया स्नान: CM योगी ने प्रयागराज मेला क्षेत्र का लिया जायजा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि षडयंत्र रचने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे। कुछ लोग लगातार गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "भगदड़ के दिन संतों ने धैर्य नहीं खोया। सनातन ही मानव धर्म हैं। सनातन रहेगा तो मानव रहेगा। सनातन धर्म का बाल भी बाँका नहीं हो सकता है। कुछ पुण्यात्मा एक हादसे का शिकार हो गए थे। उस स्थिति में आप लोगों (संतों) ने धैर्य के साथ एक अभिभावक के रूप में पूरी हिम्मत के साथ उन चुनौतियों का सामना किया।"

प्रयागराज महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या को हुए हादसे के दो दिन बाद ही हालात पूरी तरह बदल गए हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार (1 फरवरी 2025) को मेला क्षेत्र में पहुँचे और तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और 77 देशों के 118 राजनयिकों ने भी 1 फरवरी को संगम तट पर स्नान किया।

प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति के साथ संगम में स्नान किया। इसके साथ ही उन्होंने संतों से भी मुलाकात की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि षडयंत्र रचने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे। कुछ लोग लगातार गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भगदड़ के दिन संतों ने धैर्य नहीं खोया। सनातन ही मानव धर्म हैं। सनातन रहेगा तो मानव रहेगा। सनातन धर्म का बाल भी बाँका नहीं हो सकता है।”

संतों से मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने कहा, “कुछ पुण्यात्मा एक हादसे का शिकार हो गए थे। उस स्थिति में आप लोगों (संतों) ने धैर्य के साथ एक अभिभावक के रूप में पूरी हिम्मत के साथ उन चुनौतियों का सामना किया और उससे उबरने में मदद की कोशिश की। कुछ लोग जो सनातन के विरोधी हैं। उनकी कोशिश थी कि संतों का धैर्य जवाब दे दे। उसके बाद जगहँसाई का कार्य कराया जाए।”

वहीं, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सिर पर शिवलिंग रखकर संगम में डुबकी लगाई। धनखड़ के साथ सीएम योगी ने पक्षियों को दाना खिलाया। इसके बाद लेटे हनुमान मंदिर में पूजा की और सरस्वती कूप एवं अक्षयवट के दर्शन किए। उपराष्ट्रपति ने कुंभ क्षेत्र का दौरा भी किया। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 5 फरवरी को महाकुंभ में स्नान कर सकते हैं।

वहीं, प्रयागराज महाकुंभ में अमेरिका, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, रूस, स्विट्जरलैंड, जापान, न्यूजीलैंड, जर्मनी, नेपाल, कनाडा सहित 77 देशों के 118 राजनयिकों ने स्नान किया। इससे पूर्व 2019 के कुंभ में भी 73 देशों के राजनयिकों को बुलाया गया था। इन राजनयिकों ने प्रयागराज महाकुंभ और उसकी व्यवस्था का मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।

महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु स्वच्छता का भी ध्यान रख रहे हैं। 13 से 31 जनवरी तक महाकुंभ में 31.50 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। यह संख्या दिल्ली की आबादी से लगभग नौ गुना अधिक है। हालाँकि, इतनी आबादी आने के बावजूद भी 19 दिन में मेला क्षेत्र में सिर्फ 6,000 मीट्रिक टन कूड़ा ही निकला। यहाँ रोज औसतन 300 और विशेष पर्वों पर 400 मीट्रिक टन कूड़ा निकल रहा है।

मेला क्षेत्र में निकले कूड़ा का घूरपुर स्थित प्लांट में भेजा जा रहा है।  रोजाना प्लांट में कूड़ा प्रोसेसिंग के बाद आरडीएफ को सीमेंट फैक्टरी में भेज दिया जा रहा है। बता दें कि करीब करीब 3.46 करोड़ की जनसंख्या वाली दिल्ली में रोजाना 11,000 मिट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा उत्सर्जित करने में पहले नंबर पर लखनऊ और दूसरे स्थान पर कानपुर है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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