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गोल्डन टेंपल में बेअदबी की जाँच के लिए SIT का गठन, पंजाब सरकार ने दो दिन में माँगी रिपोर्ट: युवक की पीट-पीटकर कर दी गई थी हत्या

उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को बताया कि मृतक की पहचान नहीं हो पाई। उसके पास से कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं।

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के कथित बेअदबी मामले की जाँच के लिए पंजाब सरकार ने विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है। यह घटना 18 दिसंबर को हुई थी। आरोपित की दरबार साहिब परिसर में ही हत्या कर दी गई थी। राज्य सरकार ने रविवार (19 दिसंबर 2021) को एसआईटी का गठन किया। घटनाक्रम से परिचित लोगों ने बताया कि एसआईटी की अगुवाई अमृतसर पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (कानून और व्यवस्था) करेंगे। एसआईटी दो दिनों में घटना पर अपनी रिपोर्ट देगी

उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को बताया कि मृतक की पहचान नहीं हो पाई। उसके पास से कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। रंधावा के पास ही गृह मंत्रालय भी है। उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की। एक बैठक श्री गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ भी हुई।

रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी ‘दरबार साहिब’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में हाल ही में सामने आई कथित बेअदबी की घटनाओं के पीछे ‘एजेंसियों का हाथ’ बताते हुए कहा था कि 2022 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कॉन्ग्रेस के पक्ष में आँधी चल रही है, ऐसे में घबराहट में आकर माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को स्वर्ण मंदिर में उस समय अफरातफरी मच गई जब 20-22 साल का शख्स सच्चखंड के अंदर माथा टेकने वाले स्थान पर लगी रेलिंग को फाँद कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के नजदीक पहुँच गया था जिसे सेवकों ने तुरंत पकड़ लिया। सेवक व्यक्ति को पकड़ कर पुलिस के हवाले करने के लिए ले जा रहे थे तभी लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर उस पर हमला कर दरबार साहिब परिसर में ही उसकी हत्या कर दी। 

इसी तरह की एक घटना कपूरथला से भी सामने आई थी। लेकिन एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह खख ने मामले में बताया था कि कपूरथला के निजामपुर गुरुद्वारा (Kapurthala Nizampur Gurudwara) में भीड़ ने जिस युवक का मार डाला, वो चोरी करने आया था न कि बेअदबी करने। उनके मुताबिक आरोपित युवक (जिसे भीड़ ने मार डाला) ने जो जैकेट पहनी थी, वो गुरुद्वारा के सेवादारों की थी। एसएसपी ने मौके पर पहुँचकर गुरुद्वारा में रखे श्री गुरु ग्रंथ साहिब से छेड़छाड़ नहीं होने का भी जायजा लिया।

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