Homeराजनीतिदादा बनने की लालू यादव की खुशी हुई काफूर, सुप्रीम कोर्ट ने बेल पर...

दादा बनने की लालू यादव की खुशी हुई काफूर, सुप्रीम कोर्ट ने बेल पर माँगा जवाब: झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जमानत देने के खिलाफ CBI की याचिका

ED की छापेमारी में एक करोड़ रुपए नकद और 600 करोड़ की संपत्ति की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी का कहना है कि लालू यादव ने यूपीए के पहले कार्यकाल में रेल मंत्री रहते हुए इस घोटाले को अंजाम दिया था। रिश्वत के रूप में जमीन लेकर लोगों को ग्रुप डी में नौकरी दी गई थी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बेटी के रूप में पहली संतान मिलने की खुशी उनके पिता एवं राजद सुप्रीमो लालू यादव को ज्यादा देर तक नहीं रह सकी। सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटालेे को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया। सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय में लालू यादव की जमानत रद्द करने के लिए याचिका दी थी। इसी पर यह नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है।

लालू यादव चारा घोटाले के एक मामले में सजायाफ्ता अपराधी हैं। वे अभी जमानत पर हैं। इस बीच सीबीआई ने अन्य मामलों से जोड़ते हुए लालू यादव की जमानत को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने लालू से उनका जवाब माँगा है।

बता दें कि लालू यादव को जमानत पर रिहा झारखंड हाईकोर्ट ने किया है। हाईकोर्ट के इसी आदेश को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। बता दें कि दोनों किडनी में खराबी के बाद पिछले दिनों वे सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती हुए थे। वहाँ उनकी बेटी ने एक किडनी दी थी, जिसे उनके शरीर में प्रत्यारोपित किया गया है।

लालू यादव पर चारा घोटाले में ही कई केस हैं। इसके अलावा IRCTC, आय से अधिक संपत्ति और जॉब्स पर लैंड जैसे मामले भी चल रहे हैं। इन मामलों की जाँच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। इसके पहले ईडी ने इस मामले में 24 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।

छापेमारी में एक करोड़ रुपए नकद और 600 करोड़ की संपत्ति की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी का कहना है कि लालू यादव ने यूपीए के पहले कार्यकाल में रेल मंत्री रहते हुए इस घोटाले को अंजाम दिया था। रिश्वत के रूप में जमीन लेकर लोगों को ग्रुप डी में नौकरी दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव को उसी दिन नोटिस भेजा है, जिस दिन वे पहली बार दादा बने हैं। लालू यादव नाना तो बन चुके थे, लेकिन दादा नहीं बने थे। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी के दुखद के बाद छोटे बेटे तेजस्वी की शादी हुई थी। इसके बाद उनको पुत्री के रूप में पहली संतान हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बंगाल मे शुभेंदु सरकार के 100 दिन पूरे: जानिए ममता राज जाने से राज्य में क्या-क्या हुए परिवर्तन

अब जब बंगाल में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि इन 100 दिनों के भीतर बंगाल की तस्वीर कितनी बदली है?

भारत को ‘हजार टुकड़ों में बाँटने’ की रणनीति से शहजाद भट्टी के डिजिटल आतंकवाद तक: पाकिस्तान के ‘स्लीपर सेल’ वाले Proxy War की कहानी

शहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के बाद समझिए पाकिस्तान के स्लीपर सेल का मॉडल। डी-कंपनी और अतीक अहमद से लेकर 12 अगस्त की कार्रवाई तक।
- विज्ञापन -