Friday, April 23, 2021
Home देश-समाज शाहीन बाग़ में बच्चों के इस्तेमाल का मामला: 12 वर्षीय बच्ची के पत्र का...

शाहीन बाग़ में बच्चों के इस्तेमाल का मामला: 12 वर्षीय बच्ची के पत्र का सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

जेन ने सीजेआई बोबडे को भेजे पत्र में लिखा था कि जनवरी 30, 2020 को शाहीन बाग़ में एक बच्ची की मौत पर संज्ञान लेते हुए ऐसे विरोध प्रदर्शनों में बच्चों को शामिल किए जाने पर रोक लगाई जाए। इस मामले में संज्ञान लेने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

शाहीन बाग़ में एक नन्हे बच्चे की हुई मौत से जहाँ मीडिया के एक बड़े वर्ग ने मुँह मोड़ लिया, एक 12 साल की बच्ची ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े समाजिक कार्यकर्ता नहीं कर पाए। या हम ये भी कह सकते हैं कि कथित एक्टिविस्ट्स ने उसे दिखाने की जहमत ही नहीं उठाई। जेन सदावर्ते नामक 12 वर्षीय बच्ची को देश के मुख्य न्यायाधीश बोबडे को पत्र लिख कर इस मामले को संज्ञान में लेने की अपील की थी। अब सीजेआई ने इस मामले को संज्ञान में लिया है।

जेन ने सीजेआई बोबडे को भेजे पत्र में लिखा था कि जनवरी 30, 2020 को शाहीन बाग़ में एक बच्ची की मौत पर संज्ञान लेते हुए ऐसे विरोध प्रदर्शनों में बच्चों को शामिल किए जाने पर रोक लगाई जाए। इस मामले में संज्ञान लेने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

जेन के पत्र का सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

जेन सदावर्ते का कहना है कि बच्चों को सीएए के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध प्रदर्शन में लेकर जाना सही नहीं है क्योंकि उन बच्चों को पता ही नहीं होता कि उन्हें कहाँ और किसलिए लाया गया है। उसने कहा कि बुजुर्गों को तो नहीं लेकिन बच्चों को कहा जा सकता है कि वहाँ न जाएँ। जेन सदावर्ते ने कहा कि देश के ‘यंग सिटिज़न्स’ की ‘राइट टू लाइफ’ का हनन हो रहा है। सदावर्ते ने कुछ माह की बच्ची की मौत पर दुःख जताया।

बता दें कि कुछ महीने पहले जन्मी उस बच्ची को लेकर उसकी अम्मी जामिया नगर और शाहीन बाग़ और के सीएए विरोधी प्रदर्शनों में जाती थीं। भीषण ठण्ड में भी उस बच्ची और ऐसे कई बच्चे-बच्चियों को उनके परिजन विरोध प्रदर्शन में लेकर सिर्फ़ इसीलिए जाते थे ताकि मीडिया अटेंशन मिले, खासकर इंटरनेशनल मीडिया का।

शाहीन बाग़ में बच्ची की मौत का परिजनों को जरा भी गम नहीं था

बच्ची की मौत के बाद उसकी अम्मी ने कहा कि उसने सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में अपनी बच्ची को कुर्बान कर दिया। जबकि अन्य प्रोटेस्टरों का कहना था कि वो अल्लाह की बच्ची थी और उसे अल्लाह ने ले लिया। ऐसे कई बयान दिए गए, जिससे पता चलता है कि बच्ची मरी नहीं, उसकी ‘हत्या’ की गई।

शाहीन बाग़ में 2 माह की बच्ची की मौत हो गई थी

जहाँ तक जेन गुणरत्न सदावर्ते की बात है, उसने 2018 में 10 साल की उम्र में 17 लोगों की भीषण आग से जान बचाई थी, जिसके बाद उसे बहादुरी का अवॉर्ड दिया गया था। उसे ‘नेशनल ब्रेवरी अवॉर्ड’ मिला था। मुंबई के क्रिस्टल टॉवर में लगी आग के दौरान उसने ये कारनामा किया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PM मोदी के साथ मीटिंग को केजरीवाल ने बिना बताए कर दिया Live: बात हो रही थी जिंदगी बचाने की, करने लगे राजनीति

इस बैठक में केजरीवाल ने लाचारों की तरह पहले पीएम मोदी से ऑक्सीजन को लेकर अपील की और बाद में बातचीत पब्लिक कर दी।

उनके पत्थर-हमारे अन्न, उनके हमले-हमारी सेवा: कोरोना की लहर के बीच दधीचि बने मंदिरों की कहानी

देश के कई छोटे-बड़े मंदिर कोरोना काल में जनसेवा में लगे हैं। हम आपको उन 5 मंदिरों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी सेवा ने सबको प्रभावित किया है।

विरार हो या भंडारा, सवाल वहीः कब तक जड़ता को मुंबई स्पिरिट या दिलेर दिल्ली बता मन बहलाते रहेंगे

COVID-19 की दूसरी लहर बहुत तेज है और अधिकतर राज्यों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। पर ऐसा क्यों है कि महाराष्ट्र सरकार के संक्रमण रोकने के प्रयास शुरू से ही असफल दिखाई देते रहे हैं?

B.1.618 ट्रिपल म्यूटेंट कोरोना वायरस: 60 दिनों में 12% केस इसी के, टीकों-एंटीबॉडी का मुकाबला करने में भी सक्षम

"बंगाल में हाल के महीनों में B.1.618 बहुत तेजी से फैला है। B.1.617 के साथ मिलकर इसने पश्चिम बंगाल में बड़ा रूप धारण कर लिया है।"

शाहनवाज दूत है, कोरोना मरीजों के लिए बेच डाला कार: 10 महीने पुरानी खबर मीडिया में फिर से क्यों?

'शाहनवाज शेख ने मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराने के लिए अपनी SUV बेच डाली' - जून 2020 में चली खबर अप्रैल 2021 में फिर चलाई जा रही।

13 मरीज अस्पताल में जल कर मर गए, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा – ‘यह नेशनल न्यूज नहीं’

महाराष्ट्र में आग लगने से 13 कोविड मरीजों की दर्दनाक मौत को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि यह राष्ट्रीय खबर नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

‘प्लाज्मा के लिए नंबर डाला, बदले में भेजी गुप्तांग की तस्वीरें; हर मिनट 3-4 फोन कॉल्स’: मुंबई की महिला ने बयाँ किया दर्द

कुछ ने कॉल कर पूछा क्या तुम सिंगल हो, तो किसी ने फोन पर किस करते हुए आवाजें निकाली। जानिए किस प्रताड़ना से गुजरी शास्वती सिवा।

सीताराम येचुरी के बेटे का कोरोना से निधन, प्रियंका ने सीताराम केसरी के लिए जता दिया दुःख… 3 बार में दी श्रद्धांजलि

प्रियंका गाँधी ने इस घटना पर श्रद्धांजलि जताने हेतु ट्वीट किया। ट्वीट को डिलीट किया। दूसरे ट्वीट को भी डिलीट किया। 3 बार में श्रद्धांजलि दी।

पाकिस्तान के जिस होटल में थे चीनी राजदूत उसे उड़ाया, बीजिंग के ‘बेल्ट एंड रोड’ प्रोजेक्ट से ऑस्ट्रेलिया ने किया किनारा

पाकिस्तान के क्वेटा में उस होटल को उड़ा दिया, जिसमें चीन के राजदूत ठहरे थे। ऑस्ट्रेलिया ने बीआरआई से संबंधित समझौतों को रद्द कर दिया है।

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

अम्मी कोविड वॉर्ड में… फिर भी बेहतर बेड के लिए इंस्पेक्टर जुल्फिकार ने डॉक्टर का सिर फोड़ा: UP पुलिस से सस्पेंड

इंस्पेक्टर जुल्फिकार ने डॉक्टर को पीटा। ये बवाल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कोविड-19 लेवल थ्री स्वरूपरानी अस्पताल (SRN Hospital) में हुआ।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,859FansLike
83,529FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe