Homeदेश-समाजदेश-विदेश में 136 शाखाएँ, करोड़ों की जमा पूँजी, खाता खुलवाने के लिए 10000 लोग...

देश-विदेश में 136 शाखाएँ, करोड़ों की जमा पूँजी, खाता खुलवाने के लिए 10000 लोग लाइन में: साधारण नहीं है अयोध्या का ‘सीताराम बैंक’

'राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने सन 1970 में इस अनोखे बैंक की शुरुआत की थी। तब से अयोध्या में ‘मणि राम दास छावनी’ में इस बैंक का संचालन होता है।

सनातन की अति प्राचीन नगरियों में से एक अयोध्या नगरी में ऐसा बैंक है, जिसकी शाखाएँ देश ही नहीं, विदेशों में भी है। खास बात ये है कि यहाँ करोड़ों की जमा-पूँजी भी लोग जमा करते हैं। ये अलग बात है कि इस अनोखे बैंक में ‘धन’ राम नाम का होता है, ‘मुद्रा’ का नहीं। जी हाँ, अयोध्या में स्थित अंतर्राष्ट्रीय श्री सीता राम नाम बैंक में करोड़ों ‘राम नाम’ का खजाना मौजूद है।

‘राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने सन 1970 में इस अनोखे बैंक की शुरुआत की थी। तब से अयोध्या में ‘मणि राम दास छावनी’ में इस बैंक का संचालन होता है। इस बैंक में लोग ‘सीताराम’ का नाम लिखकर जमा करते हैं। आज इस बैंक की देश-विदेश में 136 शाखाएँ हैं। अयोध्या के वाल्मीकि रामायण भवन में इस बैंक का हेड ऑफिस है।

अंतर्राष्ट्रीय सीताराम नाम बैंक के मैनेजर गोपाल दास जी महाराज ने बताया कि यहाँ 28 हजार से अधिक खातेदार हैं। जिन्होंने ‘सीता राम’ नाम की करोड़ों मुद्राएँ जमा कर रखी हैं। यहाँ आप भी खाता खुलवाना चाहते हैं, तो पहले ढाई लाख ‘सीता राम’ नाम लिखकर जमा करें, और फिर अपनी सदस्यता का इंतजार करना होगा। अभी 10 हजार से अधिक लोग इस बैंक में खाता खुलवाने के लिए लाइन में हैं।

इस बैंक से बाकायदा पासबुक भी जारी किया जाता है। गोपाल दास जी महाराज कहते हैं कि इस बैंक में लोग दुनिया के कोने-कोने से आते हैं। उन करोड़ों मुद्राओं को ससम्मान सरयू जी में हमेशा के लिए जमा भी कर दिया जाता है। इस बैंक में लोग अपनी इच्छा से कुछ दान भी करते हैं, तो राम नाम लिखने के लिए खास कॉपियाँ छपवा ली जाती हैं। वो बताते हैं कि पहले 5 लाख सीताराम नाम लिखने पर खाता खुलता था, लेकिन अभी ढाई लाख सीता राम से शुरुआत कर सकते हैं। कुछ खास संख्याओं तक पहुँचने पर मंदिर की तरफ से रसीद और प्रमाण पत्र भी दिए जाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय श्री सीता राम नाम बैंक (फोटो साभार : GNTTV)

खास बात ये है कि अंतर्राष्ट्रीय श्री सीता राम नाम बैंक का मुख्यालय भले ही अयोध्या में है, लेकिन इसकी 136 शाखाएँ भारत के विभिन्न हिस्सों में और दुनिया भर में हैं। बैंक की शाखाएँ अंग्रेजी, हिंदी, मराठी, गुजराती, बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम जैसी कई भाषाओं में सेवाएँ प्रदान करती हैं। बैंक का मानना है कि राम नाम का जप करने से लोगों को शांति, सुख और मोक्ष मिलता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -