Friday, February 26, 2021
Home देश-समाज परिवार की अंधी कमाई पर लगी लगाम के बाद राहुल की बिलबिलाहट लाज़मी है

परिवार की अंधी कमाई पर लगी लगाम के बाद राहुल की बिलबिलाहट लाज़मी है

घोटाले का पैसा जमा करना, फिर उसे संभालना, फिर छिपाए रखना और कड़ी मशक्कत के बावजूद भी अगर घोटालों में 'परिवारवाद की छवि' उजागर हो भी जाए तो अनंत काल तक मौन धारण किए रखना, जानते हो कितने साहसिक और जोखिम भरा काम है? और इस साहसिक काम में गाँधी-वाड्रा परिवार को पुश्तैनी महारत हासिल है।

नागपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के बाद कॉन्ग्रेस के सत्ता में आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जेल की धमकी दे डाली।

रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि चौकीदार अनिल अंबानी जैसे घरों के बाहर तैनात होते हैं न कि किसानों के घर के बाहर। राहुल ने ‘चौकीदार चोर है’ का बिगुल फूँकते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस की सत्ता आने पर देश में एक अलग चौकीदार होगा, जो जाँच करने की शुरूआत करेगा और ‘चौकीदार’ जेल जाएगा।

राहुल के ऐसे बोल यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि फ़िलहाल उन घोटालों का क्या, जिसमें गाँधी-वाड्रा परिवार के दलाली के रिश्ते उजागर हो चुके हैं। इन तमाम घोटालों पर राहुल क्या कहना चाहेंगे जिन पर गाँधी परिवार का एकछत्र राज रहा है, क्या वो उस जेल के बारे में भी बताएँगे कुछ जहाँ उन्हें भेज दिया जाना चाहिए?

बताना चाहूँगी कि राहुल गाँधी, भारत और फ्रांस सरकार के बीच हुए राफ़ेल सौदे को लेकर इतना मगन थे कि उसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को तरह-तरह की धमकी तक दे रहे थे और देश की जनता को भी भ्रमित करने का दुष्प्रचार कर रहे थे, उसका क्या हुआ, आख़िर कैसे लगी उनके दुष्प्रचार पर लगाम। राहुल को इस चुप्पी का कारण बताना चाहिए था कि जिसे वो वेवजह का मुद्दा बनाकर बरगलाने का काम करते रहे असल में वो राफ़ेल डील यूपीए के मुक़ाबले 2.86% सस्ती थी और इसका ख़ुलासा कैग की रिपोर्ट से हुआ था।

एक के बाद एक हुए ख़ुलासे के बाद गाँधी-वाड्रा परिवार की मिलीभगत उजागर हुई जिसमें ज़मीनी सौदे और रक्षा सौदे शामिल थे, उन पर राहुल कोई सफ़ाई क्यों नहीं देते?

हथियारों के सौदागर संजय भंडारी के साथ अपने ख़ुद के प्रगाढ़ रिश्ते के बारे में क्या वो कभी अपनी चुप्पी तोड़ेंगे? अफ़वाह तो यह भी है कि राहुल गाँधी भारत में राफ़ेल डील के ख़िलाफ़ थे और यूरोफाइटर की पैरवी कर रहे थे। इस बात का ख़ुलासा एबीपी के पत्रकार ने किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी जर्मनी में यूरोफाइटर के प्रतिनिधियों से मिले थे।

राहुल गाँधी जिस ‘चौकीदार’ को जेल का रास्ता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं असल में वो अपनी बौखलाहट को पचा नहीं पा रहे हैं क्योंकि उनके और उनके परिवार की अंधी कमाई पर लगाम जो लग गई है। इसके अलावा राहुल गाँधी बोफ़ोर्स तोप घोटाले के बारे में क्या कहेंगे जिसके तार सोनिया गाँधी और उनके बहनोई तक से जा जुड़े? अब यह बात अलग है कि बात चाहे राहुल की माँ सोनिया गाँधी के बहनोई की हो या उनके ख़ुद के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा की हो, घोटालों के बेताज़ बादशाह तो दोनों ही हैं, यहाँ तो वो कहावत एकदम सटीक बैठती है, ‘चोर-चोर मौसेरे भाई’।

ज़रा गहराई से सोचिए कि भारत में अब तक जितने बड़े घोटाले हुए हैं उसके पीछे कौन है? इसकी तह तक जाने पर पता चलता है कि कॉन्ग्रेस ने ही हर बड़े घोटाले की नींव डाली है। चाहे वो वर्षों पुराना हो या ताज़ा मामला हो जिसमें पता चला है कि यूपीए का कार्यकाल (2004-14) में राहुल की इनकम में 1600% की वृद्धि हुई और मोदी काल में मात्र 70% की वृद्धि हुई। इसी बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि गाँधी परिवार के राजकुमार कितने मेहनती हैं और ख़ून-पसीने की कमाई का हिसाब भी ठीक से नहीं लगा पाते क्योंकि एक सांसद के तौर पर इतना पैसा इकट्ठा करना असंभव है। घोटाले का पैसा जमा करना, फिर उसे संभालना, फिर छिपाए रखना और कड़ी मशक्कत के बावजूद भी अगर घोटालों में ‘परिवारवाद की छवि‘ उजागर हो भी जाए तो अनंत काल तक मौन धारण किए रखना, जानते हो कितने साहसिक और जोखिम भरा काम है? और इस साहसिक काम में गाँधी-वाड्रा परिवार को पुश्तैनी महारत हासिल है।

यह कहना ग़लत नहीं होगा कि चोरों के बीच में रहकर राहुल की फ़ितरत ही अनरगल भाषणबाजी की हो गई है। इसलिए हर जगह उन्हें चोर ही चोर नज़र आते हैं और उसमें भी मोदी का चेहरा सबसे पहले नज़र आता है। अब इसे राहुल का दुर्भाग्य ही कह सकते हैं कि जिन बेबुनियादी झूठे दावों के बलबूते वो आगामी लोकसभा चुनाव में फ़तह हासिल करना चाहते हैं वो इतने खोखले हो चुके हैं कि जर्जर होकर ढह जाने को तत्पर हैं। अभी देखना बाक़ी है कि अगली सरकार कितनी मुस्तैदी के साथ किसको किस जेल में भेजती है!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ज्यादा गर्मी ना दिखाएँ, जो जिस भाषा को समझेगा, उसे उस भाषा में जवाब मिलेगा’: CM योगी ने सपाइयों को लताड़ा

"आप लोग सदन की गरिमा को सीखिए, मैं जानता हूँ कि आप किस प्रकार की भाषा और किस प्रकार की बात सुनते हैं, और उसी प्रकार का डोज भी समय-समय पर देता हूँ।"

‘लियाकत और रियासत के रिश्तेदार अब भी देते हैं जान से मारने की धमकी’: दिल्ली दंगा में भारी तबाही झेलने वाले ने सुनाया अपना...

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि चाँदबाग में स्थित दंगा का प्रमुख केंद्र ताहिर हुसैन के घर को सील कर दिया गया था, लेकिन 5-6 महीने पहले ही उसका सील खोला जा चुका है।

3 महीनों के भीतर लागू होगी सोशल, डिजिटल मीडिया और OTT की नियमावली: मोदी सरकार ने जारी की गाइडलाइन्स

आपत्तिजनक विषयवस्तु की शिकायत मिलने पर न्यायालय या सरकार जानकारी माँगती है तो वह भी अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होगी। मिलने वाली शिकायत को 24 घंटे के भीतर दर्ज करना होगा और 15 दिन के अंदर निराकरण करना होगा।

भगोड़े नीरव मोदी भारत लाया जाएगा: लंदन कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी, जताया भारतीय न्यायपालिका पर विश्वास

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरव की मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया। साथ ही ये मानने से इंकार किया कि नीरव मोदी की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य प्रत्यर्पण के लिए फिट नहीं है।

LoC पर युद्धविराम समझौते के लिए भारत-पाक तैयार, दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

दोनों देशों ने तय किया कि आज, यानी 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो समय-समय पर दोनों देशों के बीच हुए हैं।

यहाँ के CM कॉन्ग्रेस आलाकमान के चप्पल उठा कर चलते थे.. पूरे भारत में लोग उन्हें नकार रहे हैं: पुडुचेरी में PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि पहले एक महिला जब मुख्यमंत्री के बारे में शिकायत कर रही थी, पूरी दुनिया ने महिला की आवाज में उसका दर्द सुना लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सच बताने की बजाए अपने ही नेता को गलत अनुवाद बताया।

प्रचलित ख़बरें

UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाला PFI सदस्य रऊफ शरीफ

PFI मेंबर रऊफ शरीफ ने मेडिकल जाँच कराने के लिए ले जा रही UP STF टीम से उनकी गाड़ी में बैठने से साफ मना कर दिया।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

शैतान की आजादी के लिए पड़ोसी के दिल को आलू के साथ पकाया, खिलाने के बाद अंकल-ऑन्टी को भी बेरहमी से मारा

मृत पड़ोसी के दिल को लेकर एंडरसन अपने अंकल के घर गया जहाँ उसने इस दिल को पकाया। फिर अपने अंकल और उनकी पत्नी को इसे सर्व किया।

केरल में RSS कार्यकर्ता की हत्या: योगी आदित्यनाथ की रैली को लेकर SDPI द्वारा लगाए गए भड़काऊ नारों का किया था विरोध

SDPI की रैली में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके खिलाफ हिन्दू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। मृतक नंदू के एक साथी पर भी चाकू से वार किया गया, जिनका इलाज चल रहा है।

‘लोकतंत्र सेनानी’ आज़म खान की पेंशन पर योगी सरकार ने लगाई रोक, 16 सालों से सरकारी पैसों पर कर रहे थे मौज

2005 में उत्तर प्रदेश की मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने आजम खान को 'लोकतंत्र सेनानी' घोषित करते हुए उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की थी।

मस्जिदों में लाउडस्पीकर हटाने के लिए बजरंग दल ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी कैंपेन: 1 लाख हस्ताक्षरों की दरकार

ये कैंपेन 22 फरवरी 2021 से शुरू किया गया है। अभियान के तहत संगठन का मकसद एक लाख लोगों का समर्थन पाना है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,062FansLike
81,848FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe