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आजादी के 75 साल बाद बेंगलुरु की चामराजपेट ईदगाह मैदान में पहली बार फहरा तिरंगा, आज़ादी के अमृत महोत्सव पर बीजेपी नेताओं ने जताई खुशी

"इस इलाके के स्थानीय लोग बहुत पहले से ही यहाँ तिरंगा फहराना चाहते थे। इसके चलते यहाँ विवाद भी हुआ था। हालाँकि इस बार राजस्व विभाग ने इस पर मालिकाना हक का दावा किया और हमें ख़ुशी है कि यहाँ आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया गया।"

स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँव पर कर्नाटक राजस्व विभाग ने बेंगलुरु के चामराजपेट ईदगाह मैदान में अमृत महोत्सव का आयोजन किया। इस मैदान पर पहली बार ध्वजारोहण हुआ है जिसके लिए राजस्व विभाग ने पहले ही घोषणा कर दी थी। इस दौरान भारी सुरक्षा बल के बीच राष्ट्रध्वज फहराया गया। इस ईदगाह की जमीन के मालिकाना हक को ले कर कर्नाटक वक्फ बोर्ड और बेंगलुरु महानगर पालिका के बीच विवाद था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जून 2022 में चामराजपेट ईदगाह मैदान वृहद महानगरपालिका बेंगलुरु (BBMP) और कर्नाटक स्टेट बोर्ड ऑफ औकाफ (वक्फ) के मालिकाना लड़ाई के बीच फँस गया। इस मैदान पर पहले भी कई बार हिंदूवादी संगठनों ने स्वतंत्रता दिवस, योग दिवस और गणेश चतुर्थी आदि मनाने की माँग की थी। इससे विवाद और बढ़ गया था। बाद में वक्फ बोर्ड इस मैदान पर अपने दावे के पर्याप्त कागजात नहीं दिखा पाया इसलिए मैदान को राजस्व विभाग ने अपने कब्ज़े में ले लिया।

फिलहाल वक्फ बोर्ड अदालत में राजस्व विभाग के इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। वहीं हिन्दू संगठन इस मैदान के चारों तरफ बनाई गई क़िबला की दीवारों को गिराने की माँग कर रहे हैं। अंत में राजस्व विभाग ने हिन्दू संगठनों को विवादित मैदान पर स्वतंत्रता दिवस मनाने की अनुमति देने के बजाए खुद ही यहाँ आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाने का फैसला किया। राजस्व विभाग ने ये निर्णय किसी भी साम्प्रदायिक तनाव को न पैदा होने देने के लिए लिया था। इस आयोजन से 3 दिन पहले ही पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध सुनिश्चित कर दिए थे और इलाके में लगातार फ्लैग मार्च किया था।

इस आयोजन पर ख़ुशी जताते हुए भाजपा के बेंगलुरु सेंट्रल से सांसद पी सी मोहन ने कहा, “इस इलाके के स्थानीय लोग बहुत पहले से ही यहाँ तिरंगा फहराना चाहते थे। इसके चलते यहाँ विवाद भी हुआ था। हालाँकि इस बार राजस्व विभाग ने इस पर मालिकाना हक का दावा किया और हमें ख़ुशी है कि यहाँ आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया गया।”

कॉन्ग्रेस विधायक जमीर अहमद ने भी इस स्थान पर हुए ध्वजारोहण पर ख़ुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, “आज मेरे लिए कभी न भूलने वाला दिन है। आज़ादी के 75 वर्षों बाद चामराजपेट पर पहली बार तिरंगा फहरा है। हमने राष्ट्रगान और देशभक्ति की धुनों पर महात्मा गाँधी के आदर्शों और देश के लिए बलिदान देने वालों को याद किया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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