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‘2027 में यूपी के सारे बुलडोजरों का रुख गोरखपुर की तरफ होगा’: गोरक्षधाम मंदिर को धमका रहे अखिलेश यादव? पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में दिया भड़काऊ बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृहजिला गोरखपुर ही है। गोरखपुर में गोरक्षधाम पीठ के वो महंत हैं। अखिलेश यादव का इशारा किस तरह है, इस बात के कयास लगने शुरू हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में ऐसा भड़काऊ बयान दिया है, जिस पर हंगामा मचना तय है। अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “साल 2027 में सपा सरकार बनते ही यूपी के सारे बुलडोजरों का रुख गोरखपुर की तरफ होगा।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा, “विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफाया होगा और देश की राजनीति उसके चुनावी परिणाम से प्रभावित होगी। इस चुनाव में प्रदेश में समाजवादी सरकार बनते ही पूरे प्रदेश के बुलडोजरों का रुख गोरखपुर की तरफ होगा।” अखिलेश यादव ने मंगलवार (3 सितंबर 2024) को सपा के मुख्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान यह बात कही।

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा की सरकार में निर्दोष लोगों को सताया जा रहा हैं। 2027 में समाजवादी सरकार बनते ही पूरे प्रदेश के बुलडोजरों का रूख गोरखपुर की तरफ होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का राजनीतिक चरित्र ही विकास विरोधी है। पिछले सात वर्षों में भाजपा ने विकास के नाम पर कोई काम नहीं किया है और न ही भाजपा नेतृत्व के पास विकास का कोई विजन है।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा का एजेंडा समाज में नफरत फैलाकर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करना है। समाजवादी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता भाजपा के इन मंसूबों को कभी भी पूरा नहीं होने देगा। जनता समझ रही है कि उसको समाजवादी सरकार बनने पर ही तमाम समस्याओं से छुटकारा मिल सकेगा।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृहजिला गोरखपुर ही है। गोरखपुर में गोरक्षधाम पीठ के वो महंत हैं। अखिलेश यादव का इशारा किस तरह है, इस बात के कयास लगने शुरू हो गए हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अखिलेश यादव के गृह जिला मैनपुरी पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने विकास योजनाओं का उद्धाघन और शिलान्यास किया, साथ ही अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव पर जोरदार हमला बोला। योगी आदित्यनाथ ने मैनपुरी में कहा कि जो मैनपुरी कभी वीवीआईपी जिला माना जाता था, वो आज विकास की दौड़ में पिछड़ कैसे गया? उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले यूपी में हर नौकरी बिकती थी, उसकी नीलामी होती थी। वसूली में चाचा और भतीजा समान भागीदार होते थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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