लोकसभा में पहली कतार में बैठेंगे PM मोदी, ईरानी, शाह… राहुल दूसरी कतार में ही रहेंगे

"न तो राहुल जी और न ही कॉन्ग्रेस ने संसद में पहली पंक्ति की सीट के लिए कोई माँग की है। हमने उनके लिए सीट संख्या 466 का प्रस्ताव दिया है।"

लंबे समय के इंतजार के बाद लोकसभा में बुधवार (जुलाई 31, 2019) को सीटों का आवंटन हो गया। सत्ता पक्ष की बेंचों में हुए बदलाव के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें पहली कतार में नजर आएँगे। यहाँ उनके साथ राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकार प्रसाद और स्मृति ईरानी के साथ कई अन्य वरिष्ठ मंत्री बैठे नजर आएँगे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत, हर्षवर्धन को प्रधानमंत्री की पीछे वाली कतार में जगह आवंटित की गई है।

वहीं विपक्ष की पहली कतार में मुलायम सिंह यादव, सोनिया गाँधी, सुदीप बंदोपाध्याय और माहताब जैसे नेताओं को जगह मिली है। दूसरी कतार में फारूक़ अब्दुल्ला, सुप्रिया सुले, अखिलेश यादव, व अन्य नेता नजर आएँगे। यहाँ उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी की सीट में कोई बदलाव नहीं हुआ है वे दूसरी कतार में अपनी साइड वाली पुरानी सीट पर ही नजर आएँगे। हालाँकि, कुछ दिन पहले तक कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार राहुल गाँधी को पहली पंक्ति में स्थान मिलेगा लेकिन बाद में सरकार ने स्पष्ट किया था कि कॉन्ग्रेस को पहली पंक्ति में सिर्फ 2 सीटें दी जाएँगी। जिसके बाद साफ़ हो गया था कि राहुल को दूसरी पंक्ति में ही जगह मिलेगी। इस दौरान सरकार ने राहुल को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष न होने के कारण उन्हें पहली सीट नहीं दिए जाने का हवाला दिया था।

बाद में कॉन्ग्रेस का कहना था कि राहुल गाँधी के लिए संसद में पहली पंक्ति की सीट माँगी ही नहीं गई। पार्टी नेता अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर कहा, “न तो राहुल जी और न ही कॉन्ग्रेस ने संसद में पहली पंक्ति की सीट के लिए कोई माँग की है। हमने उनके लिए सीट संख्या 466 का प्रस्ताव दिया है।”

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उल्लेखनीय है, लोकसभा में संख्या बल से तय होता है कि किस पार्टी को पहली पंक्ति में कितनी सीटें मिलेंगी। अब चूँकि पीएम मोदी के साथ लोकसभा के सत्ता पक्ष की पहली कतार में अमित शाह, स्मृति ईरानी और रविशंकार प्रसाद को सीट मिली है तो जानना जरूरी है कि ये तीनों नेता इससे पहले लोकसभा सदस्य नहीं थे, वे राज्यसभा सदस्य थे। जहाँ अमित शाह और रविशंकर को तो पहली कतार में ही बैठने का अनुभव है, लेकिन स्मृति ईरानी के लिए यह पहला मौका है। माना जा रहा है प्रधानमंत्री की कतार में जगह मिलना उनके लिए भाजपा की आंतरिक राजनीति में कद बढ़ने जैसा है।

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