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‘रसूल-ए-पाक की शान में सर तन से जुदा’: RSS के कार्यक्रम में जाने पर BJP नेता जमाल सिद्दीकी को कट्टरपंथियों ने भेजी धमकी, शिकायत दर्ज

इसके पहले राजस्थान की अलवर की भाजपा नेता चारुल अग्रवाल को जान से मारने की धमकी दी गई थी। उनके घर के बाहर फेंके गए लेटर में कहा गया था, "चारुल अग्रवाल आईआईटी दिल्ली वाली... हमारे मजहब को लेकर कोई पोस्ट डालोगी तो तेरा भी वही हाल होगा, जो उदयपुर वाले का हुआ। ज्ञानवापी हमारा था और हमारा ही रहेगा।"

महाराष्ट्र के नागपुर में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गुरु पूजन कार्यक्रम में शामिल होना महंगा पड़ गया। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। चिट्ठी में लिखा है, ‘रसूल-ए-पाक की शान में सर तन से जुदा’। सिद्दीकी ने पुलिस में इसकी शिकायत दे दी है।

जमाल सिद्दीकी को भेजी गई धमकी वाले पत्र के साथ उनकी दो तस्वीरें भी भेजी गई हैं। इन तस्वीरों में जमाल सिद्दीकी आरएसएस के एक कार्यक्रम में नजर आ रहे हैं। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्हें यह चिट्ठी भेजी गई है। यह कार्यक्रम गुरुपूजन का था।

जमाल को गुरुवार को मिली इस चिट्ठी को काली स्याही वाली कलम से लिखी गई है। चिट्ठी को देवनागरी लिपी और उर्दू भाषा में लिखी गई है। चिट्ठी मिलने के बाद जमाल सिद्दीकी ने नागपुर के सक्करदरा पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।

जमाल सिद्दीकी का कहना है कि वे इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। वे पार्टी, देश और समाज के लिए काम करते रहें रहेंगे और अब और भी अधिक शिद्दत से करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी धरना-प्रदर्शन हुए हैं। अब बात हत्या की धमकी तक पहुँच गई है, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं।

भाजपा नेता जमाल सिद्दीकी ने आगे बताया कि उन्होंने इस घटना की जानकारी महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दे दी है। इसके साथ ही उन्होंने नागपुर के पुलिस कमिश्नर को भी जानकारी दी गई है।

इससे पहले राजस्थान की भाजपा नेता चारुल अग्रवाल को सितंबर में कट्टरपंथियों ने ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी थी। वाराणसी के ज्ञानवापी को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करने के कारण उन्हें 25 सितंबर तक हत्या करने की धमकी दी गई थी।

अलवर स्थित उनके घर के बाहर फेंके गए लेटर में कहा गया था, “चारुल अग्रवाल आईआईटी दिल्ली वाली… हमारे मजहब को लेकर कोई पोस्ट डालोगी तो तेरा भी वही हाल होगा, जो उदयपुर वाले का हुआ। ज्ञानवापी हमारा था और हमारा ही रहेगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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