Homeराजनीति'थोड़ी-थोड़ी पी कर सो जाया करो': कॉन्ग्रेसी मंत्री भेड़िया की लोगों को सलाह, चुनाव...

‘थोड़ी-थोड़ी पी कर सो जाया करो’: कॉन्ग्रेसी मंत्री भेड़िया की लोगों को सलाह, चुनाव से पहले खाई थी शराबबंदी की कसम

"सत्ता के नशे में चूर छत्तीसगढ़ की सरकार में मंत्री ​अनिला भेड़िया प्रदेश की महिलाओं को शराब पीने की नसीहत दे रही हैं, जिनके ऊपर महिलाओं एवं बच्चों की उत्थान की जिम्मेदारी है। शर्मनाक।"

छत्तीसगढ़ सरकार एक ओर जहाँ शराबबंदी की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर भूपेश बघेल सरकार की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अनिला भेड़िया लोगों को एक-एक पेग लगाने सलाह दे रही हैं। दरअसल, सिंघोला गाँव में गुरुवार (14 अक्टूबर, 2021) को लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री अनिला ने महिलाओं से कहा, ”तनाव से दूर रहने के लिए सोने जाने से पहले एक पेग पी लिया करो।” उन्होंने कहा कि महिलाएँ घर और परिवार की देखभाल करती हैं और वह मानसिक रूप से तनाव महसूस करती हैं। ऐसे में थोड़ी-थोड़ी पी लिया करो और सो जाया करो। मंत्री के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार की मंत्री द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। एक ट्विटर यूजर ने लाफिंग इमोजी के साथ भेड़िया पर निशाने साधते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार में महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया महिलाओं को शराब पीने की सलाह दे रही है।” बता दें कि भाजपा लगातार ये आरोप लगाती रही है कि चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस ने राज्य में शराबबंदी की कसम खाई थी।

वहीं, बीजेपी जशपुर ने भी उनके बयान की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट किया, “सत्ता के नशे में चूर छत्तीसगढ़ की सरकार में मंत्री ​अनिला भेड़िया प्रदेश की महिलाओं को शराब पीने की नसीहत दे रही हैं, जिनके ऊपर महिलाओं एवं बच्चों की उत्थान की जिम्मेदारी है। शर्मनाक।”

हालाँकि, इस पर विवाद होने के बाद मंत्री ने कहा कि उनके बयान को घुमाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि उनके बयान के साथ किसी ने राजनीतिक छेड़छाड़ की है। मेरे बयान का मतलब था कि शराब के आदि पुरुषों को कम पीनी चाहिए। शराब एक बुरी लत है और इससे छुटकारा पाना चाहिए। अगर पुरुष घर में शराब पीता है तो उस कारण पत्नी और बच्चों पर मानसिक दबाव रहता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।
- विज्ञापन -