Tuesday, October 27, 2020
Home राजनीति राहुल गाँधी की आँखो में सेक्युलर सितारा बनने की चाह में हरीश 'फ़ूड ब्लॉगर'...

राहुल गाँधी की आँखो में सेक्युलर सितारा बनने की चाह में हरीश ‘फ़ूड ब्लॉगर’ रावत ने उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी को संघी टोपी बताया

हरदा जिस टोपी को देखकर हिन्दू घृणा और कदाचित अवचेतन में समेटी पहाड़ियों के प्रति नफ़रत से भर उठे, जिसका सीधा तार भगवाकरण व आरएसएस से जोड़ कर 'फेक न्यूज़' फैलाने लगे, दरअसल वह सदियों से पहने जाने वाला उत्तराखंड राज्य का परिधान पहाड़ी टोपी है, जिस पर 'नेहरू कैप' का पर्चा भी कॉन्ग्रेस ने ही लगाया था।

‘चोर जो चोरी करता तो कम पिटता बाप का नाम बताकर और पिटा’ – यह एक मशहूर कहावत है, लेकिन उत्तराखंड में अपनी पार्टी-लाइन की विचारधारा की भाँग बोने को आतुर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, पार्ट टाइम फ़ूड ब्लॉगर और कॉन्ग्रेस के कद्दावर नेता हरदा उर्फ़ हरीश चंद्र सिंह रावत जी का यह डिलीट किया हुआ फेसबुक पोस्ट इसका एक नायाब नमूना है।

पिछले विधानसभा चुनावों में दोनों विधानसभा सीट से हारने वाले कॉन्ग्रेसी नेता हरीश रावत ने शनिवार (अक्टूबर 10, 2020) की शाम फेसबुक पर एक दीक्षांत समारोह की तस्वीर, जिसमें कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी मौजूद थे, शेयर की और इसमें मौजूद लोगों द्वारा पहने गए परिधान को ‘भगवाकरण’ से जोड़ दिया। इससे पहले कि राज्य के सांस्कृतिक गौरव के अपमान की इस ‘उपलब्धि’ को राहुल गाँधी को दिखाकर अपने नम्बर बढ़ाते, उन्हें अज्ञात कारणों से यह पोस्ट डिलीट करनी पड़ी।

हरीश रावत की वो पोस्ट, जो ‘अज्ञात’ कारणों से डिलीट कर दी गई

पारम्परिक परिधान, संस्कृति और खादी के प्रचार के उद्देश्य से UGC द्वारा यह राय दी गई थी कि लोग औपनिवेशिक काल की परम्परा से हटकर अपनी संस्कृति से जुड़े परिधान पहनकर ही दीक्षांत समारोह में आएँ और सभी विश्वविद्यालय अपने रीजनल अटायर में दीक्षांत समारोह करें। BHU से लेकर,मुंबई, झारखण्ड आदि के विश्वविद्यालयों ने इस परम्परा का अनुसरण किया।

लेकिन कॉन्ग्रेस के खानदान विशेष की पार्टी लाइन से हरदा कैसे बगावत करते? जाली वाली टोपी के प्रेम में ‘हरदा’ अपने राज्य की पारम्परिक सांस्कृतिक पहचान को भूलकर उसे संघी बता देते हैं। हरदा सफ़ेद और हरे के प्रेम में इतना डूब चुके हैं कि वह अपनी संस्कृति का उपहास बनाने तक का मौका नहीं चूक रहे।

ऐसे कैसे चलेगा हरदा?

अक्सर देखा गया है कि कॉन्ग्रेस के ‘भारत तोड़ो’ प्रोजेक्ट के कमांडरों के सिपहसालारों की फेहरिश्त में हरदा भी स्थान रखते हैं। हरदा जिस टोपी को देखकर हिन्दू घृणा और कदाचित अवचेतन में समेटी पहाड़ियों के प्रति नफ़रत से भर उठे, जिसका सीधा तार भगवाकरण व आरएसएस से जोड़ कर ‘फेक न्यूज़’ फैलाने लगे, दरअसल वह सदियों से पहने जाने वाला उत्तराखंड राज्य का परिधान पहाड़ी टोपी है, जिस पर ‘नेहरू कैप’ का पर्चा भी कॉन्ग्रेस ने ही लगाया था।

बाइस इंची इस पहाड़ी टोपी को स्वयं हरदा कई बार पहन चुके हैं। ख़ास बात यह है कि हरदा को पहाड़ी टोपी के बजाए जालीदार टोपी का स्मरण अधिक रहता है। जिसकी अपनी टोपी में छेद ही छेद हों उनको दूसरों की टोपी पर बात नही करनी चाहिए। हरीश रावत इस पारम्परिक पहनावे का पहले भी अपमान कर चुके हैं।

पहाड़ो के गाँव में आज भी बुजुर्ग यह टोपी पहनते हैं। उन्होंने कभी आरएसएस की शाखा में हिस्सा नहीं लिया। वो नेहरू के नाम से भी परिचित नहीं हैं। बस सुबह उठकर सबसे पहले इस टोपी को अपने सर पर रखकर अपनी खेती और किसानी की दैनिक दिनचर्या में लीन हो जाते हैं।

लेकिन हरदा की दिनचर्या इससे हटकर है। किसान वो हैं नहीं और सांस्कृतिक गौरव के सम्मान की इजाजत उन्हें उनकी पार्टी लाइन देती नहीं! उनकी आस्था जिस परिवार की मिट्टी में बसती है, उसकी चरणधूल को किसी सुबह अगर वो अपने सर रखना भूल जाएँ तो यह चौंकाने वाली बात अवश्य होगी। यही वजह है कि राज्य की संस्कृति पर किए गए इस हमले के कुत्सित प्रयास पर माफ़ी माँगने के बजाय हरदा ने एक और जहर बुझा पोस्ट किया और अब भी पारम्परिक परिधान को आरएसएस से जोड़ते नजर आए –

भगवा से नफ़रत क्यों?

पहली बात यह कोई आरएसएस की सभा नही है, जैसा हरीश चंद्र सिंह रावत जी ने ख़ुद माना है और अगर यह किसी विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह है तो उसमें पारंपरिक परिधान पहनने में किसी को भी चनुने काटने जैसी कोई आपत्ति हो यह बौखलाहट से ज्यादा कुछ भी नहीं।

हरदा के हिसाब से यह तस्वीर लखनऊ में दिखाई जाए तो आरएसएस की सभा प्रतीत होगी। अच्छा! तो इस ‘कु’तर्क से बनारस हिंदू विश्विद्यालय का साड़ी, धोती कुर्ता, पगड़ी पहनकर दशकों से होने वाला दीक्षांत समारोह आरएसएस का सदस्यता अभियान ठहरता है। इस व्यापक भगवाकरण का जिम्मेदार कॉंग्रेस नहीं? अगर नहीं तो अब किसी राज्य के किसी विश्विद्यालय द्वारा पारंपरिक परिधान में दीक्षांत कराने पर आखिर इतनी हायतौबा क्यों।

राहुल गाँधी की भक्ति में उसी मानसिक स्तर तक पहुँच गए हरदा

हरीश रावत का सोशल मीडिया प्रोफाइल अगर आप देखेंगे तो यही नजर आता है कि अधिकतर समय वो पार्टी के हमेशा से ही ‘पीएम इन वेटिंग’ रहे राहुल गाँधी के पोस्ट शेयर करते हैं या फिर उनके नाम का ही कलमा बाँचते नजर आते हैं। इसके अलावा वो एक काम और भी करते देखे जाते हैं और वो है ‘फ़ूड ब्लॉगिंग’ का। आखिरी बार जब हरीश रावत फ़ूड ब्लॉगिंग के लिए मशहूर हुए थे, तब वो ‘लाल पानी से विकास का रास्ता’ निकालते देखे गए थे।

आज हरीश रावत ने राहुल गाँधी के मानसिक स्तर का पोस्ट भी कर दिया और उसे डिलीट भी कर दिया। रावत जी ने एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का फ़ोटो शेयर करते हुए इसे RSS की सभा कहा है। गौर से देखने का निवेदन भी किया।

इस निवेदन और अपने पुर्वग्रह में हरदा भूल जाते हैं कि ये टोपी उत्तराखंड के पारम्परिक पहनावे का हिस्सा है जो गढ़वाल और कुमाऊँ, दोनों जगह समान रूप से पहनी जाती है। पोस्ट जिस वजह से भी डिलीट किया गया हो लेकिन हर जगह RSS को देखने, भगवाकरण हो जाने का भय हरदा अपने मन से हटा नही पा रहे हैं। यह रह-रहकर यदाकदा दिख ही जाता है, वो भी बिना गौर किए हुए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौफीक बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौफीक लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

बाबा का ढाबा स्कैम: वीडियो वायरल करने वाले यूट्यूबर पर डोनेशन के रूपए गबन करने के आरोप

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं।

अपहरण के प्रयास में तौफीक ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौफीक ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौफीक ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

केरल: 2 दलित नाबालिग बेटियों की यौन शोषण के बाद हत्या, आरोपित CPI(M) कार्यकर्ता बरी, माँ सत्याग्रह पर: पुलिस की भूमिका संदिग्ध

महिला का आरोप है कि इस केस को कमजोर करने वाले अधिकारियों का प्रमोशन हुआ। पुलिस ने सौतेले पिता को जिम्मेदारी लेने को भी कहा।

दाढ़ी कटाना इस्लाम विरोधी.. नौकरी छोड़ देते, शरीयत में ये गुनाह है: SI इंतसार अली को देवबंदी उलेमा ने दिया ज्ञान

दारुल उलूम देवबंद के उलेमा का कहना है कि दरोगा को दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए थी चाहे तो वह नौकरी छोड़ देते। शरीयत के हिसाब से उन्होंने बहुत बड़ा जुर्म किया है।

प्रचलित ख़बरें

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

अपहरण के प्रयास में तौफीक ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौफीक ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौफीक ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

"मदद की गुहार लगाए जाने से 1 महीने पहले ही सोनू सूद ने मरीज के नाम की एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं?" - जानिए क्या है माजरा।

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

नवरात्र में ‘हिंदू देवी’ की गोद में शराब और हाथ में गाँजा, फोटोग्राफर डिया जॉन ने कहा – ‘महिला आजादी दिखाना था मकसद’

“महिलाओं को देवी माना जाता है लेकिन उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है? उनके व्यक्तित्व को निर्वस्त्र किया जाता है।"

एक ही रात में 3 अलग-अलग जगह लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाला लालू का 2 बेटा: अब मिलेगी बिहार की गद्दी?

आज से लगभग 13 साल पहले ऐसा समय भी आया था, जब राजद सुप्रीमो लालू यादव के दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी यादव पर छेड़खानी के आरोप लगे थे।
- विज्ञापन -

निकिता तोमर हत्याकांड: तौफीक के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

निकिता तोमर की माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में अब कोई भी खरीद सकेगा जमीन, नहीं छिनेगा बेटियों का हक़: मोदी सरकार का बड़ा फैसला

जम्मू-कश्मीर में अब देश का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहाँ पर बस सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को इसके तहत नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

₹1.70 लाख करोड़ की गरीब कल्याण योजना से आत्मनिर्भर बन रहे रेहड़ी-पटरी वाले: PM मोदी ने यूपी के ठेले वालों से किया संवाद

पीएम 'स्वनिधि योजना' में ऋण आसानी से उपलब्ध है और समय से अदायगी करने पर ब्याज में 7% की छूट भी मिलेगी। अगर आप डिजिटल लेने-देन करेंगे तो एक महीने में 100 रुपए तक कैशबैक के तौर पर वापस पैसे आपके खाते में जमा होंगे।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौफीक बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौफीक लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

मुंगेर में दुर्गा पूजा विसर्जन: पुलिस-पब्लिक भिडंत में युवक की मौत, SP लिपि सिंह ने कहा- ‘बदमाशों’ ने चलाई गोलियाँ

मुंगेर एसपी और JDU सांसद RCP सिंह की बेटी लिपि सिंह ने दावा किया है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया और गोलीबारी की

गाँव में 1 मुस्लिम के लिए भी बड़ा कब्रिस्तान, हिन्दू हैं मेड़ किनारे अंतिम संस्कार करने को विवश: साक्षी महाराज

साक्षी महाराज ने याद दिलाया कि शमसान और कब्रिस्तान के इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उठाया था।

पेशावर: मदरसे में कुरान पढ़ाते वक़्त बम धमाका- 7 की मौत 72 घायल, अधिकतर बच्चे

जहाँ बम धमाका हुआ, स्पीन जमात मस्जिद है, जो मदरसे के रूप में भी काम करता है। मस्जिद में जहाँ नमाज पढ़ी जाती थी, उस जगह को खासा नुकसान पहुँचा है।

बाबा का ढाबा स्कैम: वीडियो वायरल करने वाले यूट्यूबर पर डोनेशन के रूपए गबन करने के आरोप

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं।

अपहरण के प्रयास में तौफीक ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौफीक ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौफीक ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,331FollowersFollow
338,000SubscribersSubscribe