Homeराजनीतिदिल्ली CM अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल, लेकिन तिहाड़ से नहीं...

दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल, लेकिन तिहाड़ से नहीं होगी रिहाई: अदालत ने मामला बड़ी बेंच को किया ट्रांसफर, CBI केस की सुनवाई होना भी शेष

अरविंद केजरीवाल के वकील शादान फरासत ने कहा कि केजरीवाल पहले ही लंबे समय से जेल में गुजार चुके हैं और इसलिए ईडी मामले में उन्हें तत्काल रिहा करने और ज़मानत देने का आदेश दिया।

दिल्ली शराब घोटाला मामले में जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने सीएम को लेकर यह फैसला सुनाते हुए उनका मामला बड़ी बेंच के पास रेफर कर दिया। अब इस केस में आगे की सुनवाई 3 बजे होगी, तब तक केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिली हुई है।

बता दें कि ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल कई बार बेल पाने के लिए गुहार लगा चुके हैं। इससे पहले उन्हें चुनाव प्रचार के लिए बेल मिली थी और अब जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दी है। वहीं केस जिस बड़ी बेंच को ट्रांसफर हुआ है।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि वो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बेल दे रहे हैं लेकिन इस मामले में कुछ सवाल हैं जिसे एक बड़ी बेंच द्वारा देखे जाने ज़रूरत है। इस दौरान जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि अरविंद केजरीवाल 90 से अधिक दिनों से जेल में बंद हैं। अब चुनावों के दौरान उन्हें जिन शर्तों पर रिहा किया गया था उन्हीं शर्तों पर उन्हें फिर रिहा किया जाएगा।

वहीं केजरीवाल के वकील शादान फरासत ने कहा कि केजरीवाल पहले ही लंबे समय से जेल में गुजार चुके हैं और इसलिए ईडी मामले में उन्हें तत्काल रिहा करने और ज़मानत देने का आदेश दिया। केजरीवाल के दूसरे वकील ऋषिकेश कुमार ने कहा कि ‘सेक्शन 19 के तहत गिरफ़्तारी की आवश्यकता पर विचार करने के लिए कोर्ट ने एक बड़ी बेंच के पास मामला भेज दिया है

उल्लेखनीय है कि दिल्ली शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। अब उन्हें भले ही सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है लेकिन अभी वह जेल से बाहर नहीं आ पाएँगे। उन्हें ईडी के बाद सीबीआई ने अरेस्ट किया था। उस मामले में भी दिल्ली सीएम ने हाई कोर्ट में चुनौती थी। अब मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -