Saturday, June 15, 2024
HomeराजनीतिED की चार्जशीट में प्रियंका गाँधी वाड्रा का नाम, ऑपइंडिया ने 5 साल पहले...

ED की चार्जशीट में प्रियंका गाँधी वाड्रा का नाम, ऑपइंडिया ने 5 साल पहले किया था ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने आरोप-पत्र में कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा को नामित किया है, जिसमें 2006 में दिल्ली स्थित रियल एस्टेट एजेंट एचएल पाहवा से हरियाणा के फरीदाबाद में 40 कनाल (5 एकड़) की कृषि भूमि खरीदने और फरवरी 2010 में उन्हें उसी जमीन को बेचने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा का नाम अपनी चार्जशीट में डाला है। जिस केस की चार्जशीट में प्रियंका गाँधी का नाम सामने आया है, उस पर ऑपइंडिया ने अपने पाठकों को साल 2019 में ही एक्सक्लूसिव रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में स्पष्ट बताया गया था कि कैसे प्रियंका गाँधी ने साल 2006 में एचएल पाहवा नाम के प्रॉर्पटी डीलर से पहले जमीन कम दाम में खरीदी और फिर कुछ समय बाद उसे पाँच गुना दाम से ज्यादा पर उसी प्रॉपर्टी डीलर को वो भूमि बेच दी।

अब इसी मामले पर ईडी ने अपनी चार्जशीट दायर की है। केस में पहली बार कॉन्ग्रेस महासचिव का नाम उछला है। समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने आरोप-पत्र में कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा को नामित किया है। 2006 में उन्होंने रियल एस्टेट एजेंट एचएल पाहवा से हरियाणा के फरीदाबाद में 40 कनाल (5 एकड़) की कृषि भूमि खरीदी और फरवरी 2010 में उन्हें उसी जमीन को बेचने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया है।

प्रियंका गाँधी भी एचएल पाहवा से कुछ समय पहले जमीन की खरीदारी कर चुकी हैं। जिसके बारे में हम पहले बता चुके हैं कि किस तरह 28 अप्रैल 2006 को, प्रियंका गाँधी वाड्रा ने एचएल पाहवा से 2 चेक में ₹15,00,000 देकर जमीन खरीदी थी। और फिर 17 फरवरी 2010 को, इसे वापस एचएल पाहवा को कई चेक के माध्यम से ₹84,15,006 में बेच दिया। एच एल पाहवा ने प्रियंका गाँधी को 22 मई 2009 से 11 सितंबर 2009 के बीच में 5 किश्तों में पैसे दिए। इसके पीछे का कारण पैसों की कमी को बताया गया।

ईडी की चार्जशीट ऑपइंडिया को सूत्रों से मिली

इस मामले में सवाल हमने इस बात पर उठाया था कि एक व्यक्ति (प्रॉपर्टी डीलर एच एल पाहवा) जो आए दिन जमीनों की खरीद-बिक्री करता है और अपनी ही जमीन को बेचकर दोबारा उसे 5 गुना अधिक दामों पर खरीदता है, उसके पास देने के लिए पैसे नहीं होंगे क्या?

ईडी की चार्जशीट ऑपइंडिया को सूत्रों से मिली

हमने आपका गौर इस पहलू पर भी दिलवाया था कि एचएल पाहवा ने अक्सर जमीनों को नकद में खरीदा था और ऐसे मामले भी देखे गए थे जहाँ उसने नेगेटिव कैश बैलेंस होने के बावजूद भी जमीन की खरीददारी की। शायद कुछ लोग ऐसा सोचें कि नेगेटिव कैश बैलेंस के साथ कैसे जमीन की खरीददारी हुई तो बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय की फाइलों ने बताया है कि पाहवा को सीसी थम्पी द्वारा ₹54 करोड़ दिए गए थे। सीसी थम्पी का वाड्रा परिवार से क्या कनेक्शन है इसे विस्तार से जानने के लिए आप ऑपइंडिया की पुरानी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग केस में दायर हुई चार्जशीट में प्रियंका गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का भी नाम है। यहाँ भी उसी मामले का जिक्र है जिसके बारे में ऑपइंडिया अपने पाठकों को 2019 वाली रिपोर्ट्स में खुलासा कर चुका है कि कैसे रॉबर्ट वाड्रा ने फरीदाबाद के अमीरपुर में जमीन के 3 टुकड़े खरीदी (करीबन 40.08 एकड़) और बाद में उसे एचएल पाहवा को ही बेचा।

ऑपइंडिया द्वारा इस मामले पर की गई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं:

डिफेंस दलालों के साथ राहुल गाँधी के रिश्तों का खुलासा: वाड्रा, जमीन से लेकर राफेल-यूरोफाइटर तक का है घालमेल

राहुल और प्रियंका को ज़मीन बेचने वाले पाहवा से ED करेगी पूछताछ, कॉन्ग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ीं

EXCLUSIVE: दो और ज़मीन सौदे के दस्तावेज़, गाँधी-वाड्रा परिवार व दलाली के रिश्तों का खुलासा पार्ट-2

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NSA, तीनों सेनाओं के प्रमुख, अर्धसैनिक बलों के निदेशक, LG, IB, R&AW – अमित शाह ने सबको बुलाया: कश्मीर में ‘एक्शन’ की तैयारी में...

NSA अजीत डोभाल के अलावा उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, तीनों सेनाओं के प्रमुख के अलावा IB-R&AW के मुखिया व अर्धसैनिक बलों के निदेशक भी मौजूद रहेंगे।

अब तक की सबसे अधिक ऊँचाई पर पहुँचा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, उधर कंगाली की ओर बढ़ा पाकिस्तान: सिर्फ 2 महीने का बचा...

एक तरफ पाकिस्तान लगातार बर्बादी की कगार पर पहुँच रहा है, तो दूसरी तरफ भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ़ता जा रहा है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -