Homeराजनीतिदेश में सबसे युवा मुख्यमंत्री बने, सबसे बुजुर्ग मुख्यमंत्री भी... 5 बार पंजाब के...

देश में सबसे युवा मुख्यमंत्री बने, सबसे बुजुर्ग मुख्यमंत्री भी… 5 बार पंजाब के CM रहे प्रकाश सिंह बादल का निधन, PM मोदी बोले – मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर दुःख जताते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का एक विशालकाय व्यक्तित्व करार दिया।

5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल का निधन हो गया है। वो 95 साल के थे। 1970 में वो देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने थे। वो 1996 से 2008 तक ‘अकाली दल’ के अध्यक्ष रहे थे। प्रकाश सिंह बादल के बारे में ये भी जानने वाली बात है कि 2007 से 2017 के बीच वो देश के सबसे बुजुर्ग मुख्यमंत्री बने थे। 2007 और 2012 के चुनाव में पंजाब में अकाली दल-भाजपा गठबंधन को बड़ी जीत मिली थी और प्रकाश सिंह बदल सीएम बने थे।

प्रकाश सिंह बादल को ‘शिरोमणि अकाली दल (SAD)’ का पितृपुरुष माना जाता है। वो पंजाब के सबसे बुजुर्ग नेता थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पंजाब के मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को रात 8:28 बजे उन्होंने अंतिम साँस ली। उन्हें ICU में रखा गया था। बठिंडा स्थित बादल गाँव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गाँव ले जाया जाएगा।

इससे पहले अस्पताल ने बताया था कि प्रकाश सिंह बादल की तबीयत में हल्का सुधार हुआ है, लेकिन फिर उनके निधन की खबर आई। उन्हें पिछले साल जून में ही गैस्ट्रिक्स और अस्थमा के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर दुःख जताते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का एक विशालकाय व्यक्तित्व करार दिया। उन्होंने कहा कि बादल ने कठिन समय में पंजाब को विकास के रास्ते में बढ़ाया।

प्रधानमंत्री ने प्रकाश सिंह बादल के निधन को अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि तक उन्हें उनसे काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने बताया कि उनसे की गई बातचीत में उनकी विद्वता स्पष्ट दिखती थी। प्रकाश सिंह बादल का जन्म 8 दिसंबर, 1927 को हुआ था। उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल पंजाब के उप-मुख्यमंत्री रहे हैं। उनकी बहू हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्री रही हैं। वो अपने पीछे अपनी पत्नी सुरिंदर कौर बादल को भी छोड़ गए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिम होने के कारण फँसा ताहिर हुसैन’ : दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद बचाव में उतर गया था पूरा वामपंथी गैंग, पूछ...

आईबी के अंकित शर्मा की हत्या कभी भी कट्टरपंथियों और वामपंथियों के लिए चर्चा करने का विषय नहीं रही, उन्हें चिंता हमेशा ताहिर हुसैन की थी।

मोहम्मद अहद से लेकर सद्दाम तक: बिहार में एक्टिव आतंकवाद का ‘स्लीपर सेल’ क्या बताता है?

कटिहार के मोहम्मद अहद की गिरफ्तारी के बाद जानिए बिहार में पहले सामने आए स्लीपर सेल, पाकिस्तान कनेक्शन, आतंकी मॉड्यूल और PFI से जुड़े मामले।
- विज्ञापन -