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कॉन्ग्रेस MP के पाकिस्तान कनेक्शन, परिवार के 3 सदस्यों पर विदेशी नागरिकता: असम SIT ने 96 पेज की रिपोर्ट CM सरमा को सौंपी, गौरव गोगोई ने आरोपों को नकारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार SIT की रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करेगी। CM सरमा ने दावा किया कि गोगोई के परिवार के चार में से तीन लोग विदेशी नागरिकता रखते हैं।

असम सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बुधवार (10 सितंबर) को कॉन्ग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान कनेक्शन की जाँच के बाद अपनी 96 पेज की रिपोर्ट मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को सौंपी।

रिपोर्ट लोक सेवा भवन में SIT के सदस्यों मुन्ना प्रसाद गुप्ता, रोजी कलिता, प्रणबज्योति गोस्वामी और मैत्रेयी देका की मौजूदगी में दी गई।

CM सरमा ने X पर एक पोस्ट में कहा कि असम कैबिनेट ने ‘भारत विरोधी गतिविधियों’ की जाँच के लिए SIT बनाई थी और ‘हैरान करने वाले तथ्य’ सामने आए हैं।

उन्होंने लिखा, “17 फरवरी 2025 को असम कैबिनेट ने एक पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और उसके साथियों की भारत विरोधी गतिविधियों की जाँच के लिए SIT बनाई थी। इस गहन जाँच के दौरान SIT ने ऐसे चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं जो देश की संप्रभुता को कमजोर करने की बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जाँच में यह भी पता चला कि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने असम के एक सांसद की पड़ोसी देश की यात्रा में मदद की।

उन्होंने लिखा, “SIT ने एक ब्रिटिश नागरिक की संलिप्तता भी पाई, जो एक भारतीय सांसद से शादीशुदा है, और वह अली तौकीर शेख की नापाक गतिविधियों में शामिल है। इसके अलावा जाँच में यह भी खुलासा हुआ कि पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्रालय ने असम के एक माननीय सांसद की उनके देश की यात्रा में मदद की।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार SIT की रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करेगी। CM सरमा ने दावा किया कि गोगोई के परिवार के चार में से तीन लोग विदेशी नागरिकता रखते हैं।

उन्होंने X पर लिखा, “असम सरकार अब SIT की रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करेगी और इसे राज्य कैबिनेट के सामने रखेगी। कैबिनेट में चर्चा के बाद जाँच में मिली जानकारी को सार्वजनिक किया जाएगा।”

इस बीच, कॉन्ग्रेस नेता गौरव गोगोई ने दावा किया कि CM सरमा के आरोप ‘बनावटी कहानी’ पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा, “वह (असम CM हिमंता बिस्वा सरमा) सोचते हैं कि असम के लोग इतने मूर्ख हैं कि उनके बेतुके आरोपों पर विश्वास कर लेंगे। वह असम के लोगों की बुद्धि और समझ का सम्मान नहीं करते। असम के लोग जानते हैं कि उन्होंने सिर्फ आरोपों के आधार पर एक बनावटी कहानी बनाई है ताकि अपनी सरकार के भ्रष्ट शासन को छिपा सकें और यह दिखा सकें कि उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी का इस्तेमाल अपने परिवार को अमीर बनाने, भारी संपत्ति और अवैध धन इकट्ठा करने के लिए किया।”

जैसा कि OpIndia ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में बताया था कि गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोल्बर्न दिल्ली के क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। हैरानी की बात है कि पाकिस्तानी मूल का अली तौकीर शेख CDKN के एशिया के लिए रीजनल डायरेक्टर हैं। वो भारत के खिलाफ खासकर अपने X अकाउंट के जरिए फेक न्यूज फैलाता रहा है। उसने दिल्ली दंगों का मुद्दा संसद में उठाने के लिए गोगोई का समर्थन भी किया था।

गौरतलब है कि हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि कोलबर्न 2011-15 के बीच क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) और LEAD जैसे संगठनों के लिए काम करते हुए अधिकतर समय पाकिस्तान में रहीं। सरमा ने दावा किया कि कोलबर्न पाकिस्तान सरकार की एक टास्क फोर्स में शामिल थीं, जो कथित तौर पर ISI का मुखौटा थी।

सरमा ने बार-बार उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। सरमा ने इस साल फरवरी में दावा किया था, “ISI से संबंधों के आरोप, युवाओं को पाकिस्तान दूतावास में ले जाकर ब्रेनवॉश और कट्टरपंथी बनाने, पिछले 12 सालों से भारतीय नागरिकता न लेने, धर्म परिवर्तन के कार्टेल में हिस्सा लेने और जॉर्ज सोरोस जैसे बाहरी स्रोतों से राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए फंड लेने जैसे गंभीर सवालों का जवाब देना होगा। ये चिंताएँ नजरअंदाज नहीं की जा सकतीं।”

सरमा ने कोलबर्न की ब्रिटिश नागरिकता और उनके सुपरवाइजर अली तौकीर शेख के भारत विरोधी प्रोपेगैंडा का भी जिक्र किया। सरमा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या गौरव गोगोई के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में ISI का असम के मुख्यमंत्री कार्यालय तक दखल था।

गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर संसदीय चर्चा के दौरान यही बात कही थी। उन्होंने गोगोई की ओर मुखातिब होते हुए कहा था, “आप कई बार पाकिस्तान गए हैं, लेकिन क्या कभी बॉर्डर वाले इलाकों में गए हैं। क्या आप समझते हैं कि हमारे सैनिक किस परिस्थितियों में काम करते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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