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CAA पर आज गृह मंत्रालय कर देगा नोटिफिकेशन जारी: मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों से दावा, अमित शाह ने कहा था- ये कानून लागू होकर रहेगा

पिछले दिनों गृह मंत्री ने रिपब्लिक भारत द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि सीएए देश का कानून है। पत्थर की लकीर है। ये लागू होकर रहेगा। ये इस चुनाव से पहले लागू होगा। इसे कोई नहीं रोक सकता है।

सरकारी सूत्रों के हवाले से मीडिया में एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। कई पत्रकारों और मीडिया संस्थानों ने सूत्रों से कहा है कि आज रात में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अधिसूचना जारी हो सकती है। इंडिया टुडे के पत्रकार शिव अरूर ने इस संबंध में ट्वीट किया है।

वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की भारती जैन ने भी ब्रेकिंग न्यूज के नाम पर अपने ट्वीट में कहा है कि गृह मंत्रालय आज नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) नियमों को अधिसूचित कर सकता है।

भारती जैन का ट्वीट का स्क्रीनशॉट

समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इस संबंध में ट्वीट किया है। उन्होंने भी सूत्रों के हवाले से कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय आज नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) नियमों को अधिसूचित कर सकता है।

जानकारी ये भी सामने आ रही है कि गृह सचिव द्वारा सभी मुख्य सचिवों (सीएस) और डीजीपी को एक पत्र भेजा गया है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने कथित तौर पर शाम 6 बजे एक बैठक बुलाई है और हरियाणा के डीजीपी और सीएस ने शाम 5:30 बजे एक बैठक बुलाई है। इसी तरह रिपब्लिक टीवी के मुताबिक, बिहार के डीजीपी और सीएस ने शाम 6:45 बजे और महाराष्ट्र सरकार ने शाम 6 बजे बैठक बुलाई है।

बता दें कि पिछले दिनों गृह मंत्री ने भी रिपब्लिक भारत द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि सीएए देश का कानून है। पत्थर की लकीर है। ये लागू होकर रहेगा। ये इस चुनाव से पहले लागू होगा। इसे कोई नहीं रोक सकता है।

उन्होंने कहा था, “सीएए कानून कोई नई बात नहीं है। कॉन्ग्रेस पार्टी कई चीजों को भूल गई। वोटबैंक की लालच में कई चीजें भूल गई। सीएए संविधान सभा का वादा था। देश का जब विभाजन हुआ, तब पाकिस्तान और अब के बांग्लादेश से लाखों-करोड़ो लोग भारत आ रहे थे, तब कॉन्ग्रेस के लोगों ने ही देश से वादा किया था कि आप धैर्य रखिए, देश आपका स्वागत करेगा। लेकिन कॉन्ग्रेस के लोग वोट बैंक के चक्कर में सबकुछ भूल गए। अगर भारत अपने 15 अगस्त 1947 के वादे को याद नहीं रखता है, उन्हें नागरिकता नहीं देता है, तो ये विश्वासघात होगा। हमारी सरकार उनको नागरिकता भी देगी, अधिकार भी देगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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