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जाहिल, जिंदा लाशें… फिर बिगड़ी संजय राउत की जुबान: कोल्हापुर में उद्धव समर्थकों का पुलिस पर हमला, निशाने पर था शिंदे समर्थक मंत्री का दफ्तर

उधर विद्रोही गुटों ने सोशल मीडिया पर कहा गया कि बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के शिव सैनिक राज्य से बाहर कदम रखने के कुछ ही घंटों में 'खलनायक' बन गए हैं। उन्हें 'गंदे सूअर' कहा जा रहा है और हर तरफ से 'दुर्व्यवहार और हमला' का सामना करना पड़ रहा है।

महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच शिवसेना नेतृत्व की धमकी की असर सड़कों पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने कोल्हापुर में बागी मंत्री राजेंद्र पाटिल याद्रवकर के समर्थकों पर हमला कर दिया। जब पुलिस ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो उस पर हमला किया गया।

पाटिल-याद्रवकर के समर्थक अपने कार्यालय के सामने इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान जयसिंहपुर के क्रांति चौक के पास बागी नेताओं के खिलाफ शिवसेना के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने जब पाटिल-याद्रवकर के समर्थकों के स्थान से 100 मीटर पहले शिवसेना के कार्यकर्ताओं रोकने की कोशिश की। इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें दोनों तरफ के कई लोग घायल हुए हैं।

शिवसेना के जिला अध्यक्ष मुरलीधर जाधव का कहना है कि पाटिल-याद्रवकर दागी हैं और वे उन लोगों को कोल्हापुर में शांति से नहीं रहने देंगे।

इससे पहले शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पुणे में पार्टी के बागी विधायकों तानाजी सावंत के कार्यालय में तोड़फोड़ की थी और मुंबई के कुर्ला के नेहरूनगर इलाके में विधायक मंगेश कुदलकर के कार्यस्थल के बाहर बोर्ड को तोड़ दिया था।

बता दें कि ये बागी मंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में असम की राजधानी गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं और उद्धव ठाकरे की सरकार से अलग होने की घोषणा कर चुके हैं। इसके बाद उद्धव ठाकरे के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं।

इससे पहले शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कार्यकर्ताओं को भड़काने वाला बयान दिया था। राउत ने कहा था, “यह एक कानूनी लड़ाई और एक सड़क की लड़ाई है। यह होगा और पार्टी इसके लिए तैयार है।”

उधर, संजय राउत ने शिवसेना के बागी नेताओं को लेकर एक बार फिर ट्वीट किया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जहालत एक किस्म की मौत है और जाहिल लोग चलती-फिरती लाशें हैं।”

इससे पहले पार्टी के बागी नेताओं को जिंदा लाश कहा था। संजय राउत ने अपने ट्वीट में कहा था, “जो लोग 40-40 साल तक पार्टी में रहते हैं और फिर भाग जाते हैं। उनका जमीर मर गया है तो उसके बाद क्या बचता है? जिंदा लाश।”

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और राज्य में कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा था कि अच्छा हुआ कि शिवसेना की गंदगी निकल गई। उन्होंने दिलवाले फिल्म के डायलॉग इस्तेमाल करते हुए कहा था, “हम शरीफ क्या हुए, दुनिया बदमाश हो गई।”

उधर विद्रोही गुटों ने सोशल मीडिया पर कहा गया कि बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के शिव सैनिक राज्य से बाहर कदम रखने के कुछ ही घंटों में ‘खलनायक’ बन गए हैं। उन्हें ‘गंदे सूअर’ कहा जा रहा है और हर तरफ से ‘दुर्व्यवहार और हमला’ का सामना करना पड़ रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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