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‘लाखों शिवसैनिकों को हमारे एक इशारे का इंतजार’: संजय राउत की धमकी के बीच बागी विधायकों की केंद्र ने बढ़ाई सुरक्षा, 15 MLA को Y+ सिक्योरिटी

शिवसेना के हिंसक कार्यकर्ताओं का बागी विधायकों के प्रति रवैया देखते हुए गृह मंत्रालय ने 15 विधायकों को वाई प्लस सुरक्षा दी है। बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने बयान जारी करते हुए कहा था कि अगर उनके परिवार को कुछ भी हुआ तो उसके जिम्मेदार उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे होंगे।

महाराष्ट्र में शिवसेना के बागी विधायकों को मिल रही धमकियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी कार्रवाई की है। खबर है कि गुवाहाटी में बैठे शिवसेना के 15 बागी विधायकों को केंद्र की ओर से वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया करवा दी गई है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, वाई प्लस सिक्योरिटी (सीआरपीएफ की सुरक्षा) जिन विधायकों को दी गई हैं उनमें रमेश बोर्नारे, मंगेश कुदालकर, संजय शिरसत, लताबाई सोनवाणे, प्रकाश सुर्वे समेत 15 विधायकों के नाम हैं। केंद्र द्वारा यह फैसला उस समय लिया गया है जब उद्धव सरकार के समर्थक सड़कों पर उतरकर बागी विधायकों के पोस्टर फाड़ रहे हैं उन्हें धमकी दे रहे हैं। संजय राउत ने भी खुले में कहा है कि उनके लाखों शिवसैनिक एक इशारे के इंतजार में हैं।

एकनाथ शिंदे का पत्र और बेटे के ऑफिस पर हमला

बता दें कि शनिवार (25 जून 2022) को बागी विधायकों के परिवार की सुरक्षा हटाए जाने के मामले पर शिवसेना नेता व महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र राज्य के गृह मंत्री, सीएम उद्धव ठाकरे, और राज्य के डीजीपी को पत्र लिखा था। इसके बाद राज्य के गृह मंत्रालय ने ये कहा कि उन्होंने सुरक्षा हटाने का निर्णय नहीं लिया है जबकि संजय राउत ने कहा कि जैसी सुरक्षा विधायकों को मिली है वैसी उनके परिजनों को नहीं दी जा सकती।

गौर देने वाली बात ये है कि एक ओर जहाँ बागी विधायकों के परिजनों की सुरक्षा हटने के मामले पर संजय राउत अपना बयान दे रहे थे। वहीं शिवसेना के गुंडों द्वारा बागी विधायकों के परिजनों पर हमले की खबर आ रही थी। एकनाथ शिंदे के बेटे के तो कार्यालय पर ही तोड़फोड़ कर दी गई थीं। वहीं एक अन्य बागी विधायक तानाजी के कार्यालय पर भी हमला हुआ था। इसके अलावा कई और जगह शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरने की धमकी दी थी।

संजय राउत की शिंदे गुट को धमकी

संजय राउत ने भी मीडिया में एकनाथ शिंदे गुट को खुले में चेतावनी देते हुए कहा है कि जो लोग बाहर गए हैं वो अपने बाप के नाम का इस्तेमाल करें, बालासाहेब का नहीं। राउत ने धमकी देते हुए कहा- “लाखों शिवसैनिक हमारे इशारे का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन हमने अब भी संयम बरता है।”

बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने बयान जारी करते हुए कहा था कि अगर उनके परिवार को कुछ भी हुआ तो उसके जिम्मेदार उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे होंगे। इधर उद्धव ठाकरे ने  उद्धव ठाकरे ने भी हाई लेवल बैठक में शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो पहले नाथ थे, लेकिन अब दास हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बालासाहब ठाकरे का नाम लेकर कोई भी बागी विधायक राजनीति नहीं कर पाएगा। वे सभी सुलग रहे बम पर बैठे हैं।

उद्धव ठाकरे का बहुमत शिंदे के पास

मालूम हो कि महाराष्ट्र की राजनीति में आया भूचाल केवल इसलिए है क्योंकि उद्धव सरकार से असहमत एकनाथ शिंदे अपने समर्थन में विधायकों को जुटाकर गुवाहाटी में हैं। उनका दावा है कि उनके पास शिवसेना के 55 में से 38 विधायक हैं। अब उद्धव सरकार को डर है कि अगर शिंदे गुट किसी को अपना समर्थन देगी तो उनकी सरकार गिर जाएगी। यही वजह है कि उन्होंने इन 38 में से 16 विधायकों को अयोग्य करार देने के लिए अर्जी दी है। 27 जून को इस पर निर्णय होगा। फिलहाल बागी विधायकों के विरुद्ध सड़कों पर उतरे हिंसक लोगों को देख गृह मंत्रालय ने उन्हें सुरक्षा दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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