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महाराष्ट्र में नया ट्विस्ट: शिवसेना नहीं जुटा पाई जादुई आँकड़ा, अब गवर्नर ने एनसीपी को दिया मौका

एनसीपी नेता अजीत पवार और छगन भुजबल ने अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाक़ात की। एनसीपी ने इशारा किया है कि वो सरकार गठन के लिए प्रयास करेगी। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि कॉन्ग्रेस के साथ इस बात पर विचार-विमर्श किया जाएगा कि कैसे महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार दी जाए।

महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बाद अब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। बता दें कि जहाँ भाजपा ने सरकार बनाने का दावा ही नहीं पेश किया, मीडिया के सामने बहुमत का दावा करने के वाली शिवसेना ने राज्यपाल से 3 दिनों का वक़्त माँगा। आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में राजभवन पहुँचे शिवसेना नेताओं को राज्यपाल ने अतिरिक्त 3 दिनों का वक़्त देने से इनकार कर दिया। शिवसेना बहुमत के लिए ज़रूरी विधायकों के समर्थन का पत्र नहीं दे पाई। अब एनसीपी नेताओं ने राज्यपाल से मुलाक़ात के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्हें मंगलवार (नवंबर 12, 2019) रात 8.30 बजे तक की समय-सीमा दी गई है।

एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा कि पहले और दूसरे सबसे बड़े दल के विफल रहने के बाद राज्यपाल ने नियमानुसार तीसरे सबसे बड़े दल यानी एनसीपी को सरकार गठन करने के लिए आमंत्रित किया है। एनसीपी नेताओं ने राज्यपाल से कहा कि वो अपने साथी दलों से बात कर के उन्हें जवाब देंगे। एनसीपी ने राज्यपाल से कहा कि पार्टी जल्द से जल्द जवाब देने की कोशिश करेगी। सोमवार को उद्धव ठाकरे और शरद पवार की मुलाक़ात भी हो चुकी है। उद्धव की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भी फोन पर बात हुई। लेकिन, शिवसेना को समर्थन पत्र हासिल करने में कामयाबी नहीं मिल पाई।

एनसीपी नेता अजीत पवार और छगन भुजबल ने अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाक़ात की। एनसीपी ने इशारा किया है कि वो सरकार गठन के लिए प्रयास करेगी। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि कॉन्ग्रेस के साथ इस बात पर विचार-विमर्श किया जाएगा कि कैसे महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार दी जाए। नवाब मलिक ने मंगलवार को कॉन्ग्रेस से बात करने के बाद अपनी पार्टी का रुख साफ़ करने की बात कही।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने इस बात से इनकार कर दिया है कि पार्टी ने शिवसेना को समर्थन दिया है। खड़गे ने कहा कि ऐसा कोई पत्र राज्यपाल को नहीं सौंपा गया है। उधर भाजपा की भी कोर टीम की बैठक हुई। बैठक ख़त्म होने के बाद भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि उनकी पार्टी अभी ‘वेट एंड वाच’ की रणनीति पर काम कर रही है। इस बैठक में महाराष्ट्र के ताज़ा राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा हुई।

गौरतलब है कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में भाजपा को 105, शिवसेना को 56, कॉन्ग्रेस को 44 और एनसीपी को 54 सीटें मिली है। भाजपा-शिवसेना और कॉन्ग्रेस-एनसीपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन, नतीजों के बाद शिवसेना ढाई साल के लिए सीएम का पद मॉंग रही थी जिसे भाजपा ने ठुकरा दिया। रविवार को भाजपा ने गवर्नर से कहा कि वह सरकार नहीं बनाएगी। इसके बाद राज्यपाल ने शिवसेना को न्योता दिया था। शुरुआत में कॉन्ग्रेस और एनसीपी के सहयोग से सरकार बनाने को लेकर शिवसेना बेहद उत्साहित दिखी। उसके मंत्री ने भी मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। उम्मीद थी कि सोमवार शाम तक उसे समर्थन का कॉन्ग्रेस ऐलान कर सकती है। लेकिन, आखिरी पलों में कॉन्ग्रेस ने पत्ते खोलने से इनकार कर दिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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