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‘गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह, हमारे लिए माता’: PM मोदी ने वाराणसी को दी ₹870 करोड़ की 22 परियोजनाओं की सौगात

गाय, गोवर्धन को पूजनीय बताकर पीएम ने कहा, "ये कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, लेकिन हमारी लिए ये माता है, पूजनीय है। इसका मजाक बनाने वाले लोग भूल जाते हैं कि हमारे देश में 8 करोड़ लोगों की आजीविका ऐसे ही पशुधन से चलती है।"

प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी आज (दिसंबर 23, 2021) 10 दिन में दूसरी बार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहुँचे हैं। यहाँ उन्होंने 870 करोड़ रुपए की 22 विकास परियोजनाएँ जनता को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं में पिंडरा के करखियांव में अमूल प्लांट की आधारशिला भी शामिल है। इसके अलावा इस दौरान 20 लाख से ज्यादा लोगों को ‘घरौनी’ वितरण भी किया गया।

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘महादेव’ का नाम लेकर अपनी बात शुरू की। स्थानीय भाषा में जनता को प्रणाम करते हुए उन्होंने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि दी।

गाय, गोवर्धन को पूजनीय बताकर पीएम ने कहा, “ये कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, लेकिन हमारी लिए ये माता है, पूजनीय है। इसका मजाक बनाने वाले लोग भूल जाते हैं कि हमारे देश में 8 करोड़ लोगों की आजीविका ऐसे ही पशुधन से चलती है। आज भारत हर साल लगभग साढ़े 8 लाख करोड़ रुपए का दूध उत्पादन करता है। ये राशि जितना भारत में गेहूं और चावल का उत्पादन होता है, उसकी कीमत से भी कहीं ज्यादा है।”

वाराणसी को तमाम विकास परियोजनाओं की सौगात देकर पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि डेयरी सेक्टर को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वह बोले कि 6-7 वर्ष पहले की तुलना में देश में दूध उत्पादन लगभग 45% बढ़ा है। आज भारत दुनिया का लगभग 22% दूध उत्पादन करता है। पीएम ने कहा कि आज देश की बहुत बड़ी जरूरत, डेयरी सेक्टर से जुड़े पशुओं से जो अपशिष्ट निकलता है, उसके सही इस्तेमाल का भी है। रामनगर के दूध प्लांट के पास बायोगैस से बिजली बनाने वाले प्लांट का निर्माण ऐसा ही एक बहुत बड़ा प्रयास है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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