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‘विधायकी रहे या जाए, धर्म के खिलाफ एक शब्द नहीं सुन सकता’: स्वामी प्रसाद के खिलाफ सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने खोला मोर्चा, कहा- मौर्या विक्षिप्त हैं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राकेश प्रताप सिंह ने एलान किया कि वो हर उस व्यक्ति का विरोध करेंगे, जो भगवान राम या कृष्ण के खिलाफ टिप्पणी करेगा। अंत में उन्होंने देवताओं से स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए सदबुद्धि की भी प्रार्थना की।

समाजवादी पार्टी के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस के लगातार किए जा रहे अपमान के बाद अब उनकी ही पार्टी में घमासान मच गया है। अमेठी के गौरीगंज से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) विधायक राकेश प्रताप सिंह (Rakesh Pratap Singh) ने मोर्चा खोलते हुए स्वामी प्रसाद को विक्षिप्त प्राणी तक कह डाला।

भगवान राम और श्रीकृष्ण से स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए सदबुद्धि की माँग करते हुए राकेश प्रताप सिंह ने शनिवार (11 फरवरी 2023) को उन्हें मंच से ही खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि वो विधायक रहें या ना रहें, पर धर्म की बात आई तो वे चुप नहीं बैठने वाले हैं।

वायरल हो रहे वीडियो में राकेश प्रताप सिंह ने कहा, “जब उस नेता के मुँह से निकली बात मेरे हृदय को कचोटने लगी, मुझे पीड़ा देने लगी तो सबसे पहले उत्तर प्रदेश में खड़े होकर मैंने मीडिया के माध्यम से ये कहने का साहस जुटाया कि राजनीति रहे या न रहे, विधायक रहूँ या न रहूँ, आगे टिकट रहे या न रहे, लेकिन धर्म को बचाने के लिए आपका भाई, आपका बेटा, आपका सेवक खड़ा रहेगा।”

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने इसी बयान में आगे कहा, “मैंने पहले कहा है कि इस प्रकार का बयान देने वाले न तो सनातनी हो सकते हैं, न वो समाजवादी हो सकते हैं। हो सकता है तो सिर्फ एक विक्षिप्त प्राणी हो सकता है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राकेश प्रताप सिंह ने एलान किया कि वो हर उस व्यक्ति का विरोध करेंगे, जो भगवान राम या कृष्ण के खिलाफ टिप्पणी करेगा। अंत में उन्होंने देवताओं से स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए सदबुद्धि की भी प्रार्थना की।

गौरतलब है कि रामचरितमानस के खिलाफ स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव ने उन्हें समाजवादी पार्टी का महासचिव बना दिया था। इस बीच मौर्य के समर्थकों द्वारा लखनऊ में रामचरितमानस जलाए जाने के आरोप में FIR भी दर्ज हुई थी, जिसमें सलीम सहित एक अन्य आरोपित पर NSA के तहत कार्रवाई की गई है।

स्वामी प्रसाद के इस बयान के बाद सपा में विरोध के स्वर लगातार उठ रहे हैं। जहाँ नोएडा में सपा नेता नवीन दुबे ने पार्टी छोड़ने का एलान किया था। वहीं, एक अन्य महिला नेत्री रोली तिवारी ने खुलेआम स्वामी प्रसाद की आलोचना की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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