Homeराजनीति'ब्राह्मण-क्षत्रिय #$%@..चोट्टा, मुसलमान ही हमारे असली वोटर': अखिलेश यादव के MLA अबरार अहमद ने...

‘ब्राह्मण-क्षत्रिय #$%@..चोट्टा, मुसलमान ही हमारे असली वोटर’: अखिलेश यादव के MLA अबरार अहमद ने दी गाली, देखें वीडियो

यूपी में ब्राह्मणों को रिझाने के लिए सभी राजनीतिक दल पुरजोर कोशिशों में लगे हुए हैं। परशुराम की मूर्ति लगवाई जा रही है। ब्राह्मणों के प्रबुद्ध सम्मेलन कराए जा रहे हैं। वहीं अबरार अहमद अखिलेश यादव की उस राय को नकार रहे हैं, जिसमें एसपी अध्यक्ष ने बार-बार कहा था कि वो ही ब्राह्मणों के सच्चे हिमायती हैं।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में आए दिन राजनीतिक दलों की बयानबाजियाँ सुनने को मिल रही हैं। इसी बीच सुल्तानपुर की इसौली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अबरार अहमद ब्राह्मणों और क्षत्रियों को गाली देकर विवादों में हैं। अबरार अहमद ने ​कहा, ”चुनाव जीतने के लिए हमें ब्राह्मणों और क्षत्रियों के वोट की जरूरत नहीं। ब्राह्मण-क्षत्रिय चोर हैं।”

इसे पार्टी का दोहरा मापदंड ही कहेंगे। एक तरफ अखिलेश यादव दावा करते हैं कि उनकी पार्टी ब्राह्मणों की हितैषी है, वहीं दूसरी तरफ सपा के विधायक अबरार अहमद ब्राह्मण-क्षत्रिय को चोट्टा कह रहे हैं। क्या आपको ब्राह्मण का वोट नहीं चाहिए इस सवाल के जवाब में अबरार ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को गाली देकर अपमानित करते हैं और कहते हैं, “नहीं हमको इनका वोट नहीं चाहिए। मुसलमान ही हमारे वास्तविक वोटर्स हैं। ये सब $%@..चोट्टा है।”

सपा नेता के इस बयान पर ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज से जुड़े संगठनों ने सड़क पर मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी के नेता ओम प्रकाश पांडेय ने इस मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की है। वहीं सोशल मीडिया पर लोगों में अबरार के बयान को लेकर काफी आक्रोश है।

रिंकू शर्मा नाम के एक यूजर ने लिखा, ”अगर सपा का ब्राह्मण प्रेम छलावा नहीं है तो समाज पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले अपनी पार्टी के विधायक पर कार्रवाई करे। मुँह में दाँत नहीं पेट में आंत नहीं चले हैं ब्राह्मण क्षत्रिय को चोर बोलने वाले।”

बता दें कि यूपी में ब्राह्मणों को रिझाने के लिए सभी राजनीतिक दल पुरजोर कोशिशों में लगे हुए हैं। परशुराम की मूर्ति लगवाई जा रही है। ब्राह्मणों के प्रबुद्ध सम्मेलन कराए जा रहे हैं। वहीं अबरार अहमद अखिलेश यादव की उस राय को नकार रहे हैं, जिसमें एसपी अध्यक्ष ने बार-बार कहा था कि वो ही ब्राह्मणों के सच्चे हिमायती हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -