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UP में सपा तो J&K में कॉन्ग्रेस को झटका: 4 MLC बीजेपी में आए, सोनिया को चिट्ठी भेज गुलाम नबी के करीबियों का इस्तीफा

BJP में शामिल हुए MLC हैं- रविशंकर सिंह, सीपी चंद्र, रमा निरंजन और नरेंद्र भाटी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि आज अखिलेश यादव को नींद नहीं आएगी।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज होती जा रही। इसी बीच अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 4 विधानपार्षद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर से कॉन्गेस के लिए बुरी खबर आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के समर्थक बताए जा रहे कई नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। इन्होंने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को चिट्ठी भेज पार्टी नीतियों को लेकर नाराजगी जताई है।

बुधवार (17 नवंबर 2021) को रमा निरंजन सहित समाजवादी पार्टी के चार एमएलसी उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य तथा पार्टी के राज्य प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए। इस मौके पर निरंजन के पति ने भी बीजेपी की सदस्यता ली। BJP में शामिल हुए MLC हैं- रविशंकर सिंह, सीपी चंद्र, रमा निरंजन और नरेंद्र भाटी। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि आज अखिलेश यादव को नींद नहीं आएगी।

स्वतंत्र देव सिंह ने आगे कहा कि कई दशकों से सपा के वफादार सिपाही रहे नरेंद्र भाटी अब भाजपा से जुड़ गए हैं। इससे पार्टी मजबूत होगी और सपा का सफाया होगा। रविशंकर के आने से बलिया और आसपास के क्षेत्र में भाजपा मजबूत होगी। सीपी चंद ने भाजपा में वापसी की है। रमा निरंजन के आने से बुंदेलखंड में भाजपा मजबूत होगी। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे नरेन्‍द्र सिंह भाटी 7 मार्च 2016 को एमएलसी बने थे।

जम्मू-कश्मीर कॉन्ग्रेस में अंतर्कलह

कॉन्ग्रेस के जी-23 समूह के नेता गुलाम नबी आजाद के समर्थकों के इस्तीफ से जम्मू-कश्मीर में पार्टी की भीतरी लड़ाई सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि 7 प्रमुख नेताओं ने इस्तीफा दिया है। रिपब्लिक टीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जीएम सरूरी, विकार रसूल वानी, जुगल किशोर शर्मा, मनोहर लाल शर्मा, नरेश गुप्ता, गुलाम नबी मोंगा, सुभाष गुप्ता, अमीन भट और अनवर भट ने सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और जम्मू-कश्मीर कॉन्ग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल को इस्तीफा भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि केंद्रशासित प्रदेश में उन्हें पार्टी से संबंधित मामलों को लेकर अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।

अपने इस्तीफे में इन नेताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रदेश कॉन्ग्रेस नेतृत्व के ‘शत्रुतापूर्ण रवैये’ के चलते यह कदम उठाना पड़ा है। साथ ही उन्होंने प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर पर भी निशाना साधा है। इन नेताओं का यह भी कहना है कि वे पिछले करीब एक साल से पार्टी नेतृत्व से मिलने का समय माँग रहे थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था। पत्र में कहा गया है कि इसकी वजह से 200 शीर्ष नेता अब तक पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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