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योगी सरकार ने चार साल में दी 4 लाख नौकरियाँ, सुप्रीम कोर्ट ने भी की तारीफ: जानिए किन पदों पर हुआ चयन

सीएम ने कैंडिडेट्स से बातचीत के दौरान कहा कि सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को इस बात पर गर्व करना चाहिए कि उन्हें किसी सिफारिश या जुगाड़ से यह सरकारी नौकरी नहीं मिली है। यह नौकरी आपकी अपनी मेधा, क्षमता और मेहनत से मिली है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 4 साल में लगभग चार लाख लोगों को नौकरी और रोजगार देकर एक अनोखा रिकॉर्ड कायम किया है। यूपी सरकार ने चार साल में सबसे ज्यादा नौकरी और रोजगार दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रिकॉर्ड के तहत यूपी सबसे ज्यादा नौकरी और रोजगार देने वाला राज्य बन गया है।

बता दें, कोरोना काल के दौरान जहाँ सबकी नौकरियाँ जा रहीं थी, उस वक्त भी प्रदेश सरकार की भर्ती प्रक्रिया नहीं थमी। सीएम योगी बुधवार (9 दिसंबर,/2020) को 3209 ट्यूबवेल (Tubewell) चालकों को नियुक्ति पत्र दे कर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कैंडिडेट्स को संबोधित किया।

गौर करने वाली बात यह है कि अभ्यर्थियों से संवाद कर भर्ती प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता को सिर्फ अधिकारी ही नहीं बल्कि भर्ती प्रक्रिया के पश्चात खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कैंडिडेट के टैलेंट को परखते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी योगी सरकार की भर्ती प्रक्रिया की सराहना की है।

पिछले 4 सालों में प्रदेश में इन पदों पर युवाओं को नौकरी मिली है:-

  • पुलिस विभाग – 1,37,253 नौकरियाँ
  • बेसिक शिक्षा – 1,21,000 नौकरियाँ
  • राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन – 28,622 नौकरियाँ
  • यूपी लोक सेवा आयोग – 26,103 नौकरियाँ
  • उत्‍तर प्रदेश अधीनस्‍थ चयन बोर्ड – 16,708 नौकरियाँ
  • चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण – 8,556 नौकरियाँ
  • माध्‍यमिक शिक्षा विभाग – 1,400 नौकरियाँ
  • यूपीपीसीएल – 6,446 नौकरियाँ
  • उच्‍च शिक्षा – 4,615 नौकरियाँ
  • चिकित्‍सा शिक्षा विभाग – 1,112 नौकरियाँ
  • सहकारिता विभाग – 726 नौकरियाँ
  • नगर विकास – 700 नौकरियाँ
  • वित्‍त विभाग – 614 नौकरियाँ
  • तकनीकी शिक्षा – 365 नौकरियाँ

सीएम ने कैंडिडेट्स से बातचीत के दौरान कहा कि सभी 3209 नवचयनित अभ्यर्थियों को इस बात पर गर्व करना चाहिए कि उन्हें किसी सिफारिश या जुगाड़ से यह सरकारी नौकरी नहीं मिली है। यह नौकरी आपकी अपनी मेधा, क्षमता और मेहनत से मिली है। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरी का एक मात्र आधार ‘मेरिट’ ही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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