Monday, December 6, 2021
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…एक और हिंदू बच्ची का अपहरण, सिंध के मो. शौकत गैंग का हाथ: जबरन इस्लाम कबूली सविता अभी भी खौफ में

12 साल की बच्ची का अपहरण करने के पीछे मोहम्मद शौकत नामक व्यक्ति के गैंग का हाथ है। पीड़ित परिवार वीडियो में पाकिस्तान में अपनी हालत की कहानी स्वयं सुनाते नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तान के सिंध इलाके में एक और हिंदू नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला उजागर हुआ है। घटना 11 जुलाई को मीरपुर खास के नफीस नगर गाँव की है। 12 साल की बच्ची का अपहरण करने के पीछे मोहम्मद शौकत नामक व्यक्ति के गैंग का हाथ है।

ट्विटर पर इस मामले की जानकारी पाकिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने ट्वीट करते हुए दी है। राहत ने अपने ट्वीट के साथ बच्ची के परिजनों के बयान की वीडियो भी साझा की है। इस वीडियो में बच्ची के परिजन पाकिस्तान में अपनी हालत की कहानी स्वयं सुनाते नजर आ रहे हैं।

इस घटना के अलावा राहत ने सिंध की एक अन्य घटना को भी शेयर किया है। ट्वीट के अनुसार, सिंध के संघर में एक हिंदू लड़की सविता का कुछ समय पहले अपहरण हुआ था। इसके बाद उससे रेप किया गया और फिर उसे इस्लाम कबूल करवा लिया गया।

इतने के बावजूद सविता किसी तरह कट्टरपंथियों की चंगुल से भाग निकली और अपने परिवार से मिल गई। लेकिन, परिवार के पास लौटने के बाद भी उसके अंदर से डर खत्म नहीं हुआ। क्योंकि (ट्वीट के अनुसार) पाकिस्तान में इस्लाम को छोड़ना या फिर उसे छुड़वाने में मदद करने की सजा केवल मौत होती है। फिर चाहे किसी ने जबरन ही इस्लाम क्यों न कबूल करवाया हो।

यहाँ बता दें कि इन दोनों घटनाओं से पहले पिछले माह भी सिंध से अपहरण और धर्मांतरण का मामला सामने आया था। उस समय एक नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण वजीर हुसैन ने किया था। और, फिर बाद में उसने लड़की का धर्म परिवर्तन करवाकर उससे निकाह भी कर लिया था। मगर, मामले के तूल पकड़ने के बाद आरोपित पक्ष ने पीड़िता पर दबाव बनाकर हलफनामा दायर करवा दिया था और दावा किया था कि लड़की ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूला है।

गौरतलब हो पाकिस्ताम में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार की घटनाएँ बेहद आम हैं। हिंदू लड़कियों के अपहरण और धर्म परिवर्तन की खबरें मीडिया में आए दिन आती रहती है। ऐसी घटनाओं पर सरकार और प्रशासन की चुप्पी भी कोई नई बात नहीं है। 

वहाँ भले ही इमरान सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बड़े-बड़े दावे करती है। मगर, वास्तविकता यही है कि वहाँ पर अल्पसंख्यकों का दमन धड़ल्ले से जारी है। आलम ये है कि अब पाकिस्तान के हालातों से पूरा विश्व वाकिफ हो गया है कि पाकिस्तान वो देश है जहाँ धार्मिक स्वतंत्रता में किसी का जबरन धर्मांतरण बनाने का अधिकार भी निहित है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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